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गंगा सागर मेलाः 1500 करोड़ की लागत से बनेगा पुल, ड्रोन और जीपीएस से होगी निगरानी; इसरो की ली जाएगी मदद

Wed, 18 Dec 2024 03:35 PM IST
एन अर्जुन एन. अर्जुन, कोलकाता
एन. अर्जुन, कोलकाता Published by: एन अर्जुन Updated Wed, 18 Dec 2024 03:35 PM IST
सार

मुख्यमंत्री ने कहा, 'हमने केंद्र सरकार से बार-बार पुल के लिए कहा, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। इसलिए, हमने इसे खुद बनाने का फैसला किया है। अपेक्षित सर्वेक्षण किया गया और परियोजना के लिए डीपीआर तथा निविदा पूरी हो गई। इसे बनाने में चार साल और लग सकते हैं।'

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Ganga Sagar Mela: Bridge will be constructed at cost of 1500 crores monitoring will be done through drones GPS
ममता बनर्जी - फोटो : PTI

विस्तार

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि सरकार गंगासागर में पांच किलोमीटर लंबा पुल बनाएगी, ताकि तीर्थ क्षेत्र को दूसरी छोर से जोड़ा जा सके। चार लेन वाले पुल के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर ली गई है। इस पर अनुमानित खर्च 1500 करोड़ रुपए आएगा। इसकी निविदा जारी कर दी गई है। इतना ही नहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी काफी गंभीर हैं। इस बार मेले में करीब 15 हजार सुरक्षाकर्मी तैनात होंगे। उन्होंने सुरक्षा को चाक-चौबंद रखने के लिए इस दौरान ड्रोन और जीपीएस सिस्टम से सुरक्षा की निगरानी के निर्देश दिए हैं।

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मुख्यमंत्री ने कहा, 'हमने केंद्र सरकार से बार-बार पुल के लिए कहा, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। इसलिए, हमने इसे खुद बनाने का फैसला किया है। अपेक्षित सर्वेक्षण किया गया और परियोजना के लिए डीपीआर तथा निविदा पूरी हो गई। इसे बनाने में चार साल और लग सकते हैं।'
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सुरक्षा के रहेंगे पुख्ता इंतजाम
जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद सुंदरबन पुलिस ने इस बार मेले में करीब पंद्रह हजार पुलिस कर्मियों को तैनात करने का निर्णय लिया है। महिलाओं की सुरक्षा का विशेष प्रबंध किया जाएगा। नदी मार्ग पर स्पीडबोट और लंच से सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन भी लगाए जाएंगे। सादा कपड़े में पुलिस भी तैनात रहेगी। एक क्विक रिस्पांस टीम। ट्रैफिक प्रबंधन के लिए अलग से एक टीम होगी। बम निपटान स्क्वॉड भी रहेगा। इसके अलावा, निगरानी बढ़ाने के लिए ममता बनर्जी ने राज्य के ड्रोन का उपयोग करने की सलाह भी दी है।
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कोस्टगार्ड, बीएसएफ और प्रशासन को किया सतर्क
जानकारी के मुताबिक इसके अलावा, कोस्ट गार्ड और बीएसएफ को राज्य प्रशासन की ओर से सतर्क किया गया है। मेला के दौरान कोस्ट गार्ड की ओर से जलमार्ग पर छोटे जहाजों, हवाई क्राफ्ट और होवरक्राफ्ट के जरिए निगरानी की जाएगी। इसके अलावा, मेले के दौरान गंगासागर पर हेलीकॉप्टर, एयरक्राफ्ट और ड्रोन से कोस्ट गार्ड की निगरानी की योजना है। तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए 10 जनवरी से 15 जनवरी तक मछुआरों को मछली पकड़ने से प्रतिबंधित किया गया है। मेला प्रांगण में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और सिविल डिफेंस की टीम भी तैनात की जा रही है। उल्लेखनीय है कि आठ जनवरी, 2025 से पवित्र गंगासागर मेला शुरू हो जाएगा। इस बार गंगासागर मेले में सुरक्षा के लिए इसरो की तकनीकी मदद भी ली जाएगी। इसरो की मदद से उपग्रह और जीपीएस ट्रैकिंग की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा आईबी को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

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