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Gandhi Jayanti: 'गांधी का अहिंसा का संदेश दुनिया के लिए आशा की किरण', अमेरिकी राजदूत ने बापू को किया याद
Mon, 02 Oct 2023 01:04 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Mon, 02 Oct 2023 01:04 PM IST
सार
अमेरिकी राजनयिक ने लिखा कि डॉ. मार्टिन लूथर किंग और अमेरिका में नागरिक अधिकार आंदोलन पर महात्मा गांधी का व्यापक प्रभाव है और यह हमें गांधी के आदर्शों की शक्ति याद दिलाता है।
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अमेरिका के राजदूत एरिक गार्सेटी
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
आज गांधी जयंती है और पूरी दुनिया के नेता इस मौके पर महात्मा गांधी को याद कर रहे हैं और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। नई दिल्ली में अमेरिका के राजदूत एरिक गार्सेटी ने भी बापू को याद करते हुए उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। गार्सेटी ने कहा है कि महात्मा गांधी का अहिंसा का संदेश दुनिया भर में समान्ता और न्याय के लिए आशा की किरण बना हुआ है। फ्रांस के राजदूत ने भी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए महात्मा गांधी और उनकी विरासत की तारीफ की।
अमेरिकी राजदूत बोले- नागरिक अधिकारों पर बापू का प्रभाव
अमेरिकी राजदूत एरिक गार्सेटी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा किया। इसमें उन्होंने लिखा कि 'महात्मा गांधी की जयंती पर, मैं उनकी विरासत से बहुत प्रभावित हूं। उनका अहिंसा का संदेश दुनियाभर में समानता और न्याय के लिए आशा की किरण बना हुआ है। डॉ. मार्टिन लूथर किंग और अमेरिका में नागरिक अधिकार आंदोलन पर महात्मा गांधी का व्यापक प्रभाव है और यह हमें गांधी के आदर्शों की शक्ति याद दिलाता है।' इसके साथ ही एरिक गार्सेटी ने कई तस्वीरें भी साझा की, जिनमें वह किसी में चरखा चलाते तो किसी में मुंबई स्थित मणि भवन में दिखाई दे रहे हैं। बता दें कि मुंबई के मणि भवन में महात्मा गांधी कई साल तक रहे थे।
फ्रांस के राजदूत ने भी बापू को किया याद
नई दिल्ली में फ्रांस के राजदूत थिएरी माथौ ने भी गांधी जयंती पर बापू को याद किया। सोशल मीडिया पोस्ट में थिएरी माथौ ने लिखा कि 'फ्रांसीसी दूतावास में सभी लोग महात्मा गांधी और उनके शांति, सहिष्णुता और अहिंसा के मूल्यों को अपनी श्रद्धांजलि देते हैं। इन मूल्यों का गांधी जी ने दृढ़ता से पालन किया। फ्रांस में गांधी जी की बहुत प्रशंसा की जाती है और स्ट्रासबर्ग और वोरियल में लगी गांधी प्रतिमाएं इसका प्रमाण हैं।'
नॉर्वे की राजदूत मे-एलिन स्टेनर ने गांधी जयंती पर सोशल मीडिया पोस्ट करते हुए लिखा कि महात्मा गांधी के जीवन से बहुत कुछ सीखने को है। स्टेनर ने अपने गांधी स्मृति म्यूजियम के दौरे की एक तस्वीर शेयर करते हुए लिखा कि 'जब लोग गांधी जी को पत्र लिखते थे तो वो बिना पते के भी उनके पास पहुंच जाते थे।'
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अमेरिकी राजदूत बोले- नागरिक अधिकारों पर बापू का प्रभाव
अमेरिकी राजदूत एरिक गार्सेटी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा किया। इसमें उन्होंने लिखा कि 'महात्मा गांधी की जयंती पर, मैं उनकी विरासत से बहुत प्रभावित हूं। उनका अहिंसा का संदेश दुनियाभर में समानता और न्याय के लिए आशा की किरण बना हुआ है। डॉ. मार्टिन लूथर किंग और अमेरिका में नागरिक अधिकार आंदोलन पर महात्मा गांधी का व्यापक प्रभाव है और यह हमें गांधी के आदर्शों की शक्ति याद दिलाता है।' इसके साथ ही एरिक गार्सेटी ने कई तस्वीरें भी साझा की, जिनमें वह किसी में चरखा चलाते तो किसी में मुंबई स्थित मणि भवन में दिखाई दे रहे हैं। बता दें कि मुंबई के मणि भवन में महात्मा गांधी कई साल तक रहे थे।
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"On Mahatma Gandhi's birthday, I'm deeply moved by his enduring legacy. His message of non-violence remains a beacon of hope for equality and justice worldwide. Gandhi's profound influence on Dr. Martin Luther King and the US civil rights movement reminds us of the power of his… pic.twitter.com/dVLf8WjHqK
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) October 2, 2023
फ्रांस के राजदूत ने भी बापू को किया याद
नई दिल्ली में फ्रांस के राजदूत थिएरी माथौ ने भी गांधी जयंती पर बापू को याद किया। सोशल मीडिया पोस्ट में थिएरी माथौ ने लिखा कि 'फ्रांसीसी दूतावास में सभी लोग महात्मा गांधी और उनके शांति, सहिष्णुता और अहिंसा के मूल्यों को अपनी श्रद्धांजलि देते हैं। इन मूल्यों का गांधी जी ने दृढ़ता से पालन किया। फ्रांस में गांधी जी की बहुत प्रशंसा की जाती है और स्ट्रासबर्ग और वोरियल में लगी गांधी प्रतिमाएं इसका प्रमाण हैं।'
नॉर्वे की राजदूत मे-एलिन स्टेनर ने गांधी जयंती पर सोशल मीडिया पोस्ट करते हुए लिखा कि महात्मा गांधी के जीवन से बहुत कुछ सीखने को है। स्टेनर ने अपने गांधी स्मृति म्यूजियम के दौरे की एक तस्वीर शेयर करते हुए लिखा कि 'जब लोग गांधी जी को पत्र लिखते थे तो वो बिना पते के भी उनके पास पहुंच जाते थे।'