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Gaganyaan mission: इसरो व नौसेना ने किया क्रू मॉड्यूल रिकवरी मॉडल का शुरुआती परीक्षण, 2024 में जाएगा गगनयान
Thu, 09 Feb 2023 10:36 AM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव
Updated Thu, 09 Feb 2023 10:36 AM IST
सार
इसरो ने बताया, गगनयान मिशन के तहत तीन सदस्यीय चालक दल को तीन दिवसीय मिशन के लिए 400 किमी की कक्षा में लॉन्च करके और उन्हें सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर वापस लाया जाएगा। उन्हें भारतीय समुद्री जल उतारा जाएगा।
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गगनयान मिशन (सांकेतिक चित्र)
विस्तार
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने भारतीय नौसेना के साथ अपने गगनयान मिशन की तैयारियों के तहत वाटर सर्वाइवल टेस्ट फैसिलिटी (डब्ल्यूएसटीएफ) में क्रू मॉडयूल रिकवरी मॉडल के शुरुआती परीक्षण किए। इसरो ने कहा कि यह परीक्षण गगनयान मिशन के लिए क्रू मॉड्यूल रिकवरी ऑपरेशंस की तैयारी का हिस्सा था, जो कि भारतीय समुद्री जल में किया जाएगा। गगनयान मिशन के पूरे रिकवरी ऑपरेशंस का नेतृत्व भारतीय नौसेना कर रही है। इस परीक्षण के दौरान क्रू मॉड्यूल की रिकवरी के लिए आवश्यक संचालन का क्रम पूरा किया गया है।
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तीन सदस्यीय दल को सुरक्षित लाने की जांच
इसरो ने बताया कि गगनयान मिशन के तहत तीन सदस्यीय चालक दल को तीन दिवसीय मिशन के लिए 400 किमी की कक्षा में लॉन्च करके और उन्हें सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर वापस लाया जाएगा। उन्हें भारतीय समुद्री जल में उतारा जाएगा। चालक दल की सुरक्षित वापसी किसी भी सफल मानव अंतरिक्ष उड़ान का अंतिम चरण है। वाटर सर्वाइवल टेस्ट फैसिलिटी भारतीय नौसेना की एक अत्याधुनिक सुविधा है जो विभिन्न परिस्थितियों और क्रैश परिदृश्यों के तहत विमान से बचने के लिए एयर क्रू को वास्तविक प्रशिक्षण प्रदान करती है।
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आगे ये किए जाने हैं परीक्षण
अंतरिक्ष एजेंसी ने बताया कि केरल के कोच्चि में नौसेना के डब्ल्यूएसटीएफ में परीक्षणों के लिए द्रव्यमान, गुरुत्वाकर्षण के केंद्र, बाहरी आयामों और नीचे उतरने पर वास्तविक क्रू मॉड्यूल के बाहरी हिस्से के आधार पर काम करने वाले ‘क्रू मॉड्यूल रिकवरी मॉडल’ (सीमएमआरएम) का उपयोग किया गया। भविष्य के प्रक्षेपण यान में ‘बूस्टर स्टेज रिकवरी’ को सक्षम करने के लिए विकास इंजन का पहला ‘थ्रॉटलिंग हॉट टेस्ट’ किया गया। इस दौरान 43 सेकंड की अवधि के लिए लक्षित 67 फीसदी थ्रस्ट लेवल थ्रॉटलिंग का लक्ष्य रखा गया।
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भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने नौसेना के साथ अपने गगनयान मिशन के तहत वॉटर सर्वाइवल टेस्ट फैसिलिटी (WSTF) में क्रू मॉड्यूल रिकवरी मॉडल के शुरुआती परीक्षण को पूरा कर लिया है। अंतरिक्ष एजेंसी की ओर से कहा गया है कि यह परीक्षण गगनयान मिशन के लिए क्रू मॉड्यूल रिकवरी ऑपरेशंस की तैयारी का हिस्सा थी, जो कि भारतीय जल में किया जाएगा।
2024 के अंत या 2025 की शुरुआत में इसे लॉन्च करने की संभावना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2018 में अपने स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में 2022 में इसे प्राप्त करने के एक अस्थायी लक्ष्य के साथ गगनयान मिशन की घोषणा की थी। हालांकि, कोविड महामारी के कारण कई देरी हुई और पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों के 2024 के अंत या 2025 की शुरुआत में अपनी पहली अंतरिक्ष उड़ान शुरू करने की संभावना है।
बता दें, गगनयान मिशन के पूरे रिकवरी ऑपरेशंस का नेतृत्व भारतीय नौसेना द्वारा किया जा रहा है। इस परीक्षण के दौरान क्रू मॉड्यूल की रिकवरी के लिए आवश्यक संचालन का क्रम पूरा किया गया।