फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Gaganyaan Mission ISRO achieves major success with successful integrated airdrop test of main parachute

Gaganyaan Mission: गगनयान मिशन पर ISRO की बड़ी कामयाबी, मुख्य पैराशूट का इंटीग्रेटेड एयरड्रॉप टेस्ट रहा सफल

Tue, 11 Nov 2025 06:09 PM IST
हिमांशु चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: हिमांशु चंदेल Updated Tue, 11 Nov 2025 06:09 PM IST
सार

Gaganyaan Mission: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने गगनयान मिशन की दिशा में इसरो ने बड़ी सफलता हासिल की है। झांसी के बाबीना फील्ड फायरिंग रेंज में इंटीग्रेटेड मेन पैराशूट एयरड्रॉप टेस्ट सफलतापूर्वक पूरा किया। 

विज्ञापन
Gaganyaan Mission ISRO achieves major success with successful integrated airdrop test of main parachute
गगनयान मिशन की दिशा में इसरो का बड़ा कदम - फोटो : ANI/ISRO

विस्तार

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने गगनयान मिशन की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। इसरो ने तीन नवंबर 2025 को झांसी के बाबीना फील्ड फायरिंग रेंज में इंटीग्रेटेड मेन पैराशूट एयरड्रॉप टेस्ट (IMAT) सफलतापूर्वक पूरा किया। गगनयान मिशन के लिए पीरक्षण काफी जरूरी माना जा रहा है।

विज्ञापन

 



इस परीक्षण का उद्देश्य अंतरिक्ष यान के मुख्य पैराशूट सिस्टम को अत्यधिक परिस्थितियों में परखना था। इसरो ने बताया कि परीक्षण के दौरान पैराशूट ने तय मानकों के अनुसार प्रदर्शन किया और सभी सुरक्षा मापदंडों पर सफल साबित हुआ। यह परीक्षण भारतीय वायु सेना और एडीई (एरोनॉटिकल डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट) के सहयोग से किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- क्या दिल्ली ब्लास्ट के दो 'केंद्र', हमले की जिम्मेदारी लेने से क्यों बच रहे आतंक के 'मुखौटे'?


गगयान के लिए अहम है ये पैराशूट लैंडिंग
यह परीक्षण गगनयान मिशन के लिए बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि पैराशूट सिस्टम अंतरिक्ष यान के सुरक्षित लैंडिंग का प्रमुख हिस्सा है। इसरो के अनुसार, यह परीक्षण अंतरिक्ष यात्रियों की वापसी के दौरान इस्तेमाल होने वाले डीसेंट सिस्टम की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए किया गया। 

ये भी पढ़ें- तेल बाजार में नया समीकरण: पाम हुआ कमजोर, सोया-सूरजमुखी की बढ़ी मांग; क्यों लोगों की पसंद बन रहा ये सॉफ्ट ऑयल?

अभी और भी होंगे परीक्षण
संगठन ने कहा कि आगामी महीनों में और भी परीक्षण किए जाएंगे ताकि 2026 में प्रस्तावित मानवयुक्त उड़ान से पहले सभी तकनीकी पहलुओं को परखा जा सके। इसरो के वैज्ञानिकों ने इसे “क्रिटिकल मिशन माइलस्टोन” बताया है जो भारत के पहले मानव अंतरिक्ष अभियान को और मजबूती देता है।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed