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Savarkar: 'हिंदुत्व पर उनके विचार आज भी प्रासंगिक', गडकरी ने बताया क्यों महान देशभक्त थे सावरकर
Sun, 08 Mar 2026 01:12 AM IST
Nitin Gautam
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Nitin Gautam
Updated Sun, 08 Mar 2026 01:12 AM IST
सार
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने महान स्वतंत्रता सेनानी विनायक दामोदर सावरकर की तारीफ की। खासकर हिंदुत्व और सामाजिक सुधार के क्षेत्र में उनके विचारों को आज भी अहम माना जा रहा है। यह बयान उस राजनीतिक बहस के बीच आया है जिसमें सावरकर को लेकर विभिन्न दलों के बीच मतभेद उभरे हैं।
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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने शनिवार को विनायक दामोदर सावरकर को एक महान देशभक्त, वैज्ञानिक दृष्टिकोण वाले व्यक्ति और एक आदर्श समाज सुधारक बताया। उन्होंने कहा कि हिंदुत्व पर सावरकर द्वारा दी गई व्याख्या आज भी प्रासंगिक और उपयोगी है।
सावरकर कट्टर देशभक्त थे
स्वातंत्र्य वीर सावरकर स्मारक समिति द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में गडकरी ने कहा कि सावरकर सभी के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं। उन्होंने कहा, 'वे न केवल एक कट्टर देशभक्त थे, बल्कि एक अच्छे कवि, दार्शनिक और इतिहासकार भी थे। लेकिन, सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वे एक आदर्श समाज सुधारक थे। सावरकर का वैचारिक दृष्टिकोण वैज्ञानिक था। हिंदुत्व के बारे में उन्होंने जो व्याख्या दी है, वह आज भी बहुत उपयोगी और प्रासंगिक है।'
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सावरकर का स्पष्ट मानना था कि हिंदू समाज में मौजूद जाति व्यवस्था, उसके भेद और छुआछूत को पूरी तरह से समाप्त किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, 'कोई भी व्यक्ति अपनी जाति के कारण श्रेष्ठ नहीं बनता, बल्कि अपने गुणों के कारण श्रेष्ठ बनता है। यही सावरकर का विश्वास था। सावरकर का पूरा जीवन त्याग, तपस्या और समर्पण का एक उदाहरण है। देश के लिए सावरकर के परिवार ने जितना बलिदान दिया है, उतना किसी अन्य परिवार ने नहीं दिया।'
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राहुल गांधी का नाम लिए बगैर बोला हमला
कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा सावरकर पर की गईं टिप्पणियों को लेकर गडकरी ने उन पर परोक्ष रूप से हमला बोला। गडकरी ने कहा कि उनकी एक 'बड़े राजनीतिक नेता' के साथ सावरकर को लेकर बातचीत हुई थी। उस चर्चा में गडकरी ने कहा कि अगर सावरकर महान स्वतंत्रता सेनानी महान नहीं थे, तो देश में कोई भी महान नहीं है। उन्होंने कहा, 'मैंने उस नेता से कहा कि आप विचारधारा की आलोचना कर सकते हैं और विचारधारा को लेकर मतभेद हो सकते हैं। लेकिन, देश के लिए सावरकर और उनके परिवार से ज्यादा किसी ने बलिदान नहीं दिया।'
गडकरी ने कहा कि सावरकर एक कट्टर देशभक्त थे और उनके लेखन के साथ-साथ उन पर आधारित फिल्म को भी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि सावरकर के विचारों और उनके जीवन से प्रेरणा लेने की आज के समय में बहुत जरूरत है।
ये भी पढ़ें- बंगाल में राष्ट्रपति का अपमान?: पीएम बोले- TMC ने सारी हदें पार कर दीं, CM ममता का आरोप- राजनीति कर रही भाजपा
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सावरकर कट्टर देशभक्त थे
स्वातंत्र्य वीर सावरकर स्मारक समिति द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में गडकरी ने कहा कि सावरकर सभी के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं। उन्होंने कहा, 'वे न केवल एक कट्टर देशभक्त थे, बल्कि एक अच्छे कवि, दार्शनिक और इतिहासकार भी थे। लेकिन, सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वे एक आदर्श समाज सुधारक थे। सावरकर का वैचारिक दृष्टिकोण वैज्ञानिक था। हिंदुत्व के बारे में उन्होंने जो व्याख्या दी है, वह आज भी बहुत उपयोगी और प्रासंगिक है।'
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केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सावरकर का स्पष्ट मानना था कि हिंदू समाज में मौजूद जाति व्यवस्था, उसके भेद और छुआछूत को पूरी तरह से समाप्त किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, 'कोई भी व्यक्ति अपनी जाति के कारण श्रेष्ठ नहीं बनता, बल्कि अपने गुणों के कारण श्रेष्ठ बनता है। यही सावरकर का विश्वास था। सावरकर का पूरा जीवन त्याग, तपस्या और समर्पण का एक उदाहरण है। देश के लिए सावरकर के परिवार ने जितना बलिदान दिया है, उतना किसी अन्य परिवार ने नहीं दिया।'
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राहुल गांधी का नाम लिए बगैर बोला हमला
कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा सावरकर पर की गईं टिप्पणियों को लेकर गडकरी ने उन पर परोक्ष रूप से हमला बोला। गडकरी ने कहा कि उनकी एक 'बड़े राजनीतिक नेता' के साथ सावरकर को लेकर बातचीत हुई थी। उस चर्चा में गडकरी ने कहा कि अगर सावरकर महान स्वतंत्रता सेनानी महान नहीं थे, तो देश में कोई भी महान नहीं है। उन्होंने कहा, 'मैंने उस नेता से कहा कि आप विचारधारा की आलोचना कर सकते हैं और विचारधारा को लेकर मतभेद हो सकते हैं। लेकिन, देश के लिए सावरकर और उनके परिवार से ज्यादा किसी ने बलिदान नहीं दिया।'
गडकरी ने कहा कि सावरकर एक कट्टर देशभक्त थे और उनके लेखन के साथ-साथ उन पर आधारित फिल्म को भी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि सावरकर के विचारों और उनके जीवन से प्रेरणा लेने की आज के समय में बहुत जरूरत है।
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