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सीएसएस शील्ड: केंद्रीय सचिवालय सेवा के 13000 सदस्यों की बड़ी पहल, जरूरतमंद परिवारों को मिलेगी वित्तीय मदद
Sat, 05 Sep 2026 10:10 PM IST
पवन पांडेय
डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: पवन पांडेय
Updated Sat, 05 Sep 2026 10:10 PM IST
सार
डॉ. जितेंद्र सिंह ने सीएसएस फोरम की ‘सीएसएस शील्ड’ पहल का स्वागत करते हुए इसे शोक संतप्त परिवारों की मदद की नई संस्कृति बताया। 13,000 सीएसएस सदस्यों की इस पहल के तहत दिवंगत अधिकारियों के परिवारों को कम से कम 15 लाख रुपये सहायता देने का लक्ष्य है।
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केंद्रीय सचिवालय सेवा के सदस्यों की बड़ी पहल
- फोटो : X @DrJitendraSingh
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विस्तार
विज्ञान प्रौद्योगिकी एवं पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन, परमाणु ऊर्जा व अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने शनिवार को 'केंद्रीय सचिवालय सेवा (सीएसएस) फोरम' की 'सीएसएस शील्ड' पहल का स्वागत किया है। उन्होंने कहा, इसके जरिए सामूहिक सहयोग से जरूरतमंद परिवारों के साथ खड़े रहने की एक नई संस्कृति का निर्माण हो सकता है। 'सीएसएस शील्ड' शोक संतप्त परिवारों के साथ खड़े रहने की भावना को दर्शाती है। केंद्रीय सचिवालय सेवा के 13000 सदस्यों ने जरूरतमंद परिवारों को वित्तीय मदद प्रदान करने के लिए 'सीएसएस शील्ड' की शुरुआत की है।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने सेवा नियमों को कर्मचारियों और उनके परिवारों के प्रति अधिक संवेदनशीलता बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया। 'सीएसएस शील्ड' तंत्र को लागू करना मुश्किल नहीं बल्कि महत्वपूर्ण बात है। इसके लिए सामूहिक इच्छाशक्ति और योगदान देने की तत्परता, दोनों ही अहम हैं। जब सहकर्मी एक परिवार की तरह शोक संतप्त परिवार का समर्थन करने के लिए इकट्ठा होते हैं, तो यह संगठन से परे एक सार्थक संदेश देता है।
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डॉ. जितेंद्र सिंह ने सेवा नियमों को कर्मचारियों और उनके परिवारों के प्रति अधिक संवेदनशीलता बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया। 'सीएसएस शील्ड' तंत्र को लागू करना मुश्किल नहीं बल्कि महत्वपूर्ण बात है। इसके लिए सामूहिक इच्छाशक्ति और योगदान देने की तत्परता, दोनों ही अहम हैं। जब सहकर्मी एक परिवार की तरह शोक संतप्त परिवार का समर्थन करने के लिए इकट्ठा होते हैं, तो यह संगठन से परे एक सार्थक संदेश देता है।
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केंद्रीय सचिवालय सेवा के सदस्यों की बड़ी पहल
- फोटो : X @DrJitendraSingh
यह पहल कार्मिक मंत्रालय के उस व्यापक प्रयास के अनुरूप है जिसके अन्तर्गत सरकारी सेवा प्रणालियों को कर्मचारियों और उनके परिवारों की जरूरतों के प्रति अधिक संवेदनशील बनाया जा रहा है। समकालीन आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए हाल के वर्षों में सेवा संबंधी कई प्रावधानों में परिवर्तन किए गए हैं। सरकार जहां भी संभव हो, नए प्रावधान लागू करने या मौजूदा नियमों में संशोधन करने के लिए तत्पर है, ताकि प्रणाली को अधिक संवेदनशील बनाया जा सके।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने सुझाव दिया कि जैसे-जैसे इस पहल में भागीदारी और निधि बढ़ेगी, इसका दायरा और व्यापक हो सकता है। दिवंगत सीएसएस अधिकारियों के बच्चों के लिए छात्रवृत्ति को भी इस पहल के माध्यम से दी जाने वाली सहायता के हिस्से के रूप में विचार किया जा सकता है। इससे परिवारों को तत्काल शोक की अवधि के बाद भी सहायता मिल सकेगी। सीएसएस फोरम के प्रतिनिधियों ने कहा कि सीएसएस शील्ड के औपचारिक शुभारंभ से पहले भी फोरम स्वैच्छिक योगदान के माध्यम से दिवंगत सीएसएस अधिकारियों के परिवारों की सहायता कर रहा था। कोविड-19 काल के दौरान, जब कई सीएसएस अधिकारियों ने अपनी जान गंवाई, तो आपसी सहयोग के एक सुनियोजित तंत्र की आवश्यकता और भी प्रबल हो गई।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने सुझाव दिया कि जैसे-जैसे इस पहल में भागीदारी और निधि बढ़ेगी, इसका दायरा और व्यापक हो सकता है। दिवंगत सीएसएस अधिकारियों के बच्चों के लिए छात्रवृत्ति को भी इस पहल के माध्यम से दी जाने वाली सहायता के हिस्से के रूप में विचार किया जा सकता है। इससे परिवारों को तत्काल शोक की अवधि के बाद भी सहायता मिल सकेगी। सीएसएस फोरम के प्रतिनिधियों ने कहा कि सीएसएस शील्ड के औपचारिक शुभारंभ से पहले भी फोरम स्वैच्छिक योगदान के माध्यम से दिवंगत सीएसएस अधिकारियों के परिवारों की सहायता कर रहा था। कोविड-19 काल के दौरान, जब कई सीएसएस अधिकारियों ने अपनी जान गंवाई, तो आपसी सहयोग के एक सुनियोजित तंत्र की आवश्यकता और भी प्रबल हो गई।
केंद्रीय सचिवालय सेवा के सदस्यों की बड़ी पहल
- फोटो : X @DrJitendraSingh
फोरम ने बताया कि 2020 से अब तक सीएसएस अधिकारियों ने लगभग 65-70 दिवंगत अधिकारियों के परिवारों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए सामूहिक रूप से लगभग 1.30 करोड़ रुपये का योगदान दिया है। इस सहायता में अधिक स्थिरता और निश्चितता लाने के लिए सीएसएस शील्ड पहल को अब औपचारिक रूप दिया गया है। इस नई पहल के अन्तर्गत, फोरम का उद्देश्य शोक संतप्त परिवार को कम से कम 15 लाख रुपये की सहायता प्रदान करना है, जबकि इसका व्यापक लक्ष्य सहभागिता बढ़ने के साथ-साथ सहायता राशि को भी धीरे-धीरे बढ़ाना है। केंद्रीय सचिवालय सेवा के लगभग 13,000 सदस्यों की भागीदारी के साथ, फोरम भविष्य में सहायता राशि को काफी अधिक बढ़ाने की परिकल्पना करता है।
इस मौके पर सीएसएस फोरम के पदाधिकारी और सदस्य, सेवारत सीएसएस अधिकारी और सहकर्मी, साथ ही स्वर्गीय मोहन चंद्र भट्ट और स्वर्गीय राजेंद्र चंद्र के परिवार के सदस्य उपस्थित थे। डॉ. जितेंद्र सिंह ने इस पहल के अंतर्गत दोनों दिवंगत अधिकारियों के परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान की।
इस मौके पर सीएसएस फोरम के पदाधिकारी और सदस्य, सेवारत सीएसएस अधिकारी और सहकर्मी, साथ ही स्वर्गीय मोहन चंद्र भट्ट और स्वर्गीय राजेंद्र चंद्र के परिवार के सदस्य उपस्थित थे। डॉ. जितेंद्र सिंह ने इस पहल के अंतर्गत दोनों दिवंगत अधिकारियों के परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान की।