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टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के पीए को समन: सोमवार को पुलिस के सामने होंगे सुमित रॉय, क्या है पूरा मामला?

Sat, 05 Sep 2026 11:00 PM IST
राकेश कुमार पीटीआई, कोलकाता।
पीटीआई, कोलकाता। Published by: राकेश कुमार Updated Sat, 05 Sep 2026 11:00 PM IST
सार

कोलकाता पुलिस ने अभिषेक बनर्जी के निजी सहायक सुमित रॉय को 27 अगस्त की झड़प के मामले में समन भेजा है। उन्हें सोमवार दोपहर जांच अधिकारियों के सामने पेश होना है। पुलिस इस मामले में पहले अभिषेक बनर्जी, डेरेक ओ'ब्रायन और रॉय से पूछताछ कर चुकी है। अब तक 14 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
 

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abhishek banerjee aide summoned tmc Office scuffle billboard row
अभिषेक बनर्जी, टीएमसी सांसद - फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

कोलकाता पुलिस ने टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के निजी सहायक सुमित रॉय को समन भेजा है। मामला 27 अगस्त को पार्टी कार्यालय में हुई झड़प से जुड़ा है। यह विवाद टीएमसी के साइन बोर्ड वाले एक बिलबोर्ड को हटाने को लेकर हुआ था। पुलिस ने रॉय को सोमवार दोपहर जांच अधिकारियों के सामने पेश होने को कहा है। शनिवार शाम न्यू अलीपुर स्थित उनके घर पर समन पहुंचाया गया।
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पुलिस को सुमित रॉय से क्या जानना है?
पुलिस अधिकारी के मुताबिक, जांच के तहत सुमित रॉय का बयान जरूरी है। इसी वजह से उन्हें सोमवार को शेक्सपियर सारणी थाने के जांच अधिकारियों के सामने उपस्थित होने को कहा गया है। पुलिस इससे पहले अभिषेक बनर्जी, टीएमसी के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ'ब्रायन से इस घटना को लेकर पूछताछ कर चुकी है।
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यहां समझें मामला
  • समन क्यों? जांच में सुमित रॉय का बयान दर्ज करना है।
  • कब बुलाया? सोमवार दोपहर पुलिस अधिकारियों के सामने पेश होना है।
  • समन कहां पहुंचा? शनिवार शाम न्यू अलीपुर स्थित आवास पर नोटिस दिया गया।
  • पहले किससे पूछताछ हुई? अभिषेक बनर्जी, डेरेक ओ'ब्रायन और सुमित रॉय से पुलिस पूछताछ कर चुकी है।

इस मामले में अभिषेक बनर्जी पर क्या आरोप हैं?
पुलिस के अनुसार, अभिषेक बनर्जी को दो एफआईआर में आरोपी बनाया गया है। डेरेक ओ'ब्रायन और पूर्व विधायक हुमायूं कबीर समेत कई अन्य लोगों के नाम भी मामलों में शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, मामलों में सरकारी कर्मचारियों को ड्यूटी करने से रोकना, गैरकानूनी तरीके से भीड़ जुटाना, मारपीट और महिला कर्मचारियों से दुर्व्यवहार जैसे आरोप शामिल हैं। मामले में अब तक दो एफआईआर में अभिषेक बनर्जी आरोपी हैं। डेरेक ओ'ब्रायन और हुमायूं कबीर के नाम भी हैं। कुल 14 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। आरोपों में सरकारी काम में बाधा और मारपीट शामिल है।
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आखिर विवाद शुरू कैसे हुआ था?
मामला कैमक स्ट्रीट स्थित इमारत से जुड़े एक बिलबोर्ड का है। इमारत की ऊपरी मंजिल पर सड़क की ओर लोहे के ढांचे पर टीएमसी के साइन वाला बिलबोर्ड लगा था। पुलिस के जबरन अंदर जाने के बाद कोलकाता नगर निगम के कर्मचारियों ने इस ढांचे को हटा दिया। इसी दौरान पार्टी कार्यालय में झड़प की स्थिति बनी और मामला पुलिस तक पहुंच गया।

टीएमसी ने पुलिस की कार्रवाई पर क्या कहा?
डेरेक ओ'ब्रायन ने आरोप लगाया था कि पुलिस एक 'गैरकानूनी' नोटिस लेकर पार्टी कार्यालय में घुसी थी। उनका आरोप था कि पुलिस ने वरिष्ठ नेताओं के साथ मारपीट की और पार्टी समर्थकों तथा कार्यालय कर्मचारियों को परेशान किया। ओ'ब्रायन ने निजी सुरक्षा गार्डों की ओर से विरोध किए जाने की खबरों को भी 'फर्जी खबर' बताया था।
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