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भगोड़े व्यापारी विजय माल्या को सुप्रीम कोर्ट का निर्देश, पांच अक्तूबर को कोर्ट में बुलाया

Mon, 31 Aug 2020 07:12 PM IST
Rajeev Rai न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Rajeev Rai Updated Mon, 31 Aug 2020 07:12 PM IST
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Fugitive businessman Vijay Mallya summoned to Supreme Court on 5 October
vijay mallya - फोटो : ANI

सुप्रीम कोर्ट ने भगोड़े व्यापारी विजय माल्या को पांच अक्तूबर को दोपहर 2 बजे से पहले व्यक्तिगत रूप में उपस्थित होने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने गृह मंत्रालय को माल्या की अक्तूबर में न्यायालय में उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए सुविधा देने का निर्देश दिया है। उच्चतम न्यायालय ने माल्या की अवमानना मामले में दोषी ठहराने के 2017 के फैसले पर पुनर्विचार के लिए दायर याचिका सोमवार को खारिज करते हुए यह आदेश जारी किया।

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न्यायमूर्ति उदय यू ललित और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की पीठ ने नौ मई, 2017 के फैसले के खिलाफ माल्या की पुनर्विचार याचिका खारिज करते हुए कहा, ‘हमारी सुविचारित राय में प्रतिवादी संख्या तीन (माल्या) को इस मामले में फिर से सुनवाई करने के प्रयास की इजाजत नहीं दी जा सकती और न ही पुनर्विचार के अधिकार क्षेत्र में हस्तक्षेप न्यायोचित ठहराने के लिए रिकार्ड में कोई त्रुटि नजर आती है।’
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पीठ ने कहा, ‘अब पुनर्विचार याचिका खारिज हो गई, हम प्रतिवादी संख्या तीन (माल्या) को इस न्यायालय के समक्ष पांच अक्तूबर, 2020 को अपराह्न दो बजे पेश होने का निर्देश देते हैं और गृह मंत्रालय को भी निर्देश दिया जाता है कि वह उस दिन प्रतिवादी संख्या तीन की न्यायालय में उपस्थिति सुनिश्चित करने के बंदोबस्त करे।’

पीठ ने अपने आदेश में कहा कि माल्या के खाते में 25 फरवरी, 2016 को साढ़े सात करोड़ अमेरिकी डालर के भुगतान के एक हिस्से के रूप में चार करोड़ अमेरिकी उालर आए थे और उसने कुछ ही दिनों के भीतर 26 फरवरी और 29 फरवरी, 2016 को इस खाते से अन्यत्र हस्तांतरित कर दिए थे।

न्यायालय ने कहा, ‘इस न्यायालय के बार बार आदेश दिए जाने के बावजूद प्रतिवादी संख्या तीन ने अपनी संपत्ति का स्पष्ट खुलासा नहीं किया था और न ही चार करोड़ अमेरिकी डालर खाते में आने और फिर इससे निकलने के बारे में कोई जानकारी दी थी। हकीकत तो यह है कि माल्या ने इस बैंक खाते की ही जानकारी नहीं दी थी।’

माल्या की दलील थी कि शीर्ष अदालत के निर्देशानुसार उसे 31 मार्च 2016 की स्थिति के अनुसार अपनी संपत्ति का खुलासा करना था और इस तरह से न्यायालय के किसी निर्देश का उल्लंघन नहीं किया गया था।


बता दें कि विजय माल्या अब बंद हो चुकी किंगफिशर एयरलाइंस के लिए बैंकों से लिए गए नौ हजार करोड़ रुपये से ज्यादा कर्ज की अदायगी नहीं करने के मामले में आरोपी है और इस समय ब्रिटेन में रह रहा है।
 
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