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Hindi News ›   India News ›   FSSAI Action on Adulterated Paneer: Food Safety Violations Trigger Strict Action, Know the Rules

क्या आप भी खा रहे मिलावटी पनीर?: एफएसएसएआई का बड़ा एक्शन, जानिए फूड सेफ्टी नियमों के उल्लंघन पर कैसे गिरी गाज

Wed, 16 Sep 2026 09:11 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु सिंह चंदेल Updated Wed, 16 Sep 2026 09:11 PM IST
सार

भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण ने खाने-पीने की चीजों में गंभीर लापरवाही और गंदगी मिलने पर कड़ा एक्शन लिया है। निरीक्षण के दौरान हरियाणा में पनीर निर्माण इकाइयों पर छापा मारकर भारी मात्रा में दूषित पनीर नष्ट किया गया और मेसर्स गणेश प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया। क्या आम जनता की सेहत से खिलवाड़ करने वाले ऐसे मिलावटखोरों पर नकेल कसी जा सकेगी और बाजार में मिलने वाला पनीर कितना सुरक्षित है? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...

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FSSAI Action on Adulterated Paneer: Food Safety Violations Trigger Strict Action, Know the Rules
मिलावटी पनीर पर एफएसएसएआई का बड़ा एक्शन - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण देश के नागरिकों की सेहत की रक्षा करने और खाद्य सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हाल ही में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा किए गए व्यापक निरीक्षणों में खाद्य कारोबारियों द्वारा स्वच्छता और सुरक्षा नियमों की भारी अनदेखी सामने आई है। नियमों की धज्जियां उड़ाने और जनता के स्वास्थ्य को गंभीर खतरे में डालने वाले ऐसे निर्माण केंद्रों पर प्राधिकरण ने तत्काल प्रवर्तन कार्रवाई शुरू कर दी है, जिससे नियमों का उल्लंघन करने वालों में हड़कंप मच गया है।

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निरीक्षण के दौरान हरियाणा में गैर-कानूनी और बेहद अस्वच्छ तरीके से चल रही पनीर निर्माण इकाइयों पर शिकंजा कसा गया है। इसके साथ ही खाद्य विनिर्माण इकाई मेसर्स गणेश प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड में भारी अनियमितताएं और गंदगी पाए जाने के बाद लोक स्वास्थ्य के हित में उसका एफएसएसएआई लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। जांच में सामने आया कि खाद्य सामग्री को सड़े-गले माहौल, कीट-पतंगों और हानिकारक रसायनों के बीच तैयार व भंडारित किया जा रहा था, जिससे यह भोजन इंसानी उपभोग के लिए बिल्कुल असुरक्षित बन चुका था।

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पैहरियाणा की पनीर निर्माण इकाइयों में जांच के दौरान क्या भयानक सच सामने आया? 

हरियाणा में निरीक्षण के दौरान तीन पनीर निर्माण इकाइयां संचालित पाई गईं, लेकिन मौके पर कोई भी मालिक, प्रबंधक या अधिकृत प्रतिनिधि मौजूद नहीं था। साथ ही परिसर में कोई एफएसएसएआई पंजीकरण, लाइसेंस प्रमाणपत्र या साइन बोर्ड तक प्रदर्शित नहीं था। इन इकाइयों की जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए

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  • गंदे बर्तनों और अस्वच्छ प्लेटफॉर्मों के बीच लगभग 7600 किलोग्राम पनीर बेहद अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों में रखा मिला, जिसे खाद्य श्रृंखला में वापस जाने से रोकने के लिए प्रशासन ने मौके पर ही पूरी तरह नष्ट कर दिया।
  • परिसर से मिल्क पाउडर, फैब्रिक व्हाइटनर (कपड़े धोने वाला), औद्योगिक स्तर का ब्लीचिंग एजेंट, रिफाइंड पाम ऑयल, सोयाबीन और पोस्टर व्हाइट कलर भारी मात्रा में बरामद किए गए।
  • गांव नाई में स्थित एक अन्य पनीर निर्माण इकाई का भी निरीक्षण किया गया और चारों इकाइयों से कुल 4 पनीर के नमूने विधिवत पैक, सील और लेबल करके प्रयोगशाला विश्लेषण के लिए एकत्र किए गए।
  • एकत्र किए गए नमूनों को आगे की जांच के लिए भेजा जाएगा और खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 (FSS Act, 2006) तथा नियमों के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

 

मेसर्स गणेश प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड का लाइसेंस तुरंत क्यों निलंबित किया गया? 

खाद्य विनिर्माण इकाई मेसर्स गणेश प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के निरीक्षण में गंभीर और खतरनाक गैर-अनुपालन पाए गए। परिसर की पूरी साफ-सफाई और स्वच्छता बेहद असंतोषजनक थी, जहां प्रोसेसिंग और स्टोरेज क्षेत्रों में धूल, गंदगी, काई, फंगल धब्बे, कॉकरोच और मकड़ी के जाले मिले। तैयार माल रखने वाले स्थान पर हवा का उचित प्रबंध नहीं था और सामग्री दीवारों से सटाकर रखी गई थी। इतना ही नहीं, उत्पादन के अधिकांश बर्तनों पर जंग लगा हुआ था और एक्सपायर व बिना लेबल वाली खाद्य सामग्री को तैयार उत्पादों तथा कचरे के साथ मिलाकर रखा गया था।

निरीक्षण में कीटों और नियमों की अनदेखी से जुड़ा क्या बड़ा खतरा दिखा? 

परिसर में पैकेजिंग सामग्री के भंडारण क्षेत्र में मरे हुए चूहे, कॉकरोच, मक्खियां और भारी कीट प्रकोप देखा गया। वहां चूहे पकड़ने वाले बॉक्स पूरी तरह नदारद थे और कीट-नियंत्रण उपकरण काम नहीं कर रहे थे। दीवारों से पपड़ीदार पेंट उखड़ रहा था, सीलन थी, फर्श की टाइलें टूटी हुई थीं और नमूनों की शेल्फ-लाइफ टेस्टिंग का एक साल का रिकॉर्ड भी मौजूद नहीं था। हाथ धोने की उचित सुविधा, उपभोक्ताओं की शिकायतों का रिकॉर्ड और आंतरिक व बाहरी ऑडिट रिकॉर्ड भी नदारद पाए गए।



खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, निरीक्षण के दौरान सामने आई ये गंभीर लापरवाहियां खाद्य सुरक्षा से सीधा समझौता करती हैं और ऐसी अस्वच्छ परिस्थितियों में तैयार खाद्य उत्पाद पूरी तरह असुरक्षित हैं। इसी आधार पर मेसर्स गणेश प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड को जारी एफएसएसएआई लाइसेंस आगामी आदेश तक सभी खाद्य व्यावसायिक गतिविधियों के लिए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। एफएसएसएआई ने स्पष्ट किया है कि प्रयोगशाला विश्लेषण और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोषियों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा कानून के तहत आगे की कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।

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