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यूएन मंच से जर्मनी ने भारत को NSG में शामिल किए जाने का किया समर्थन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 17 Apr 2018 03:26 AM IST
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जर्मनी ने परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) में भारत को शामिल करने का जोरदार समर्थन किया है। उसने सोमवार को कहा कि सभी चार समूहों में भारत को शामिल किए जाने से वैश्विक निर्यात नियंत्रण समूह को लाभ होगा। भारत में जर्मन दूतावास के उपायुक्त जैस्पर वीक ने कहा कि निर्यात नियंत्रण समूह का सदस्य बनने में जर्मनी ने भारत का मजबूती से समर्थन किया था। इसी तरह एनएसजी में भी भारत की सदस्यता का हम पुरजोर समर्थन करेंगे।
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हम आश्वस्त हैं कि चारों समूहों में भारत की भागदारी से वैश्विक निर्यात नियंत्रण समूह को फायदा होगा। वीक भारत-वेस्सबाडेन सम्मेल, 2018 के उद्घाटन सत्र में बोल रहे थे। इसका आयोजन विदेश मंत्रालय ने जर्मनी और निरस्त्रीकरण मामलों के संयुक्त कार्यालय के सहयोग से किया है। इस सम्मेलन में 39 देशों के सरकार और उद्योगों के प्रतिनिधि शामिल हुए। वीक ने कहा कि इस सम्मेलन को हम निर्यात नियंत्रण के क्षेत्र में भारत के एक और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के रूप में देख रहे हैं।
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इसके साथ ही सम्मेलन में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) 1540 समिति और निरस्त्रीकरण मामलों के यूएन कार्यालय के विशेषज्ञ इस दो दिवसीय सम्मेलन में शामिल हुए। इस सम्मेलन का शीर्षक ‘संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद संकल्प 1540 के प्रभावी कार्यान्वयन की दिशा में सरकार-उद्योग भागीदारी के माध्यम से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुरक्षित करना’ था।
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4 में से 3 निर्यात नियंत्रण समूहों का सदस्य है भारत
सामूहिक विनाश के हथियारों (डब्ल्यूएमडी) के प्रसार पर रोक लगाने के लिए चार निर्यात नियंत्रण समूह काम करते हैं। भारत इनमें से तीन का सदस्य है। ये तीन समूह मिसाइल तकनीक नियंत्रण समूह (एनटीसीआर), वासेनार व्यवस्था और ऑस्ट्रेलिया समूह हैं। 48 सदस्यों वाली एनएसजी में भारत की सदस्यता का विरोध मुख्य रूप से चीन द्वारा किया जा रहा है। इस विरोध पर उसकी दलील है कि भारत ने गैर-अप्रसार संधि (एनपीटी) पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं।