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Maharashtra: साथी की तलाश में बाघ महाराष्ट्र से पहुंचा तेलंगाना, 30 दिनों में तय की 300 किमी से ज्यादा की दूरी
Tue, 19 Nov 2024 03:19 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: श्वेता महतो
Updated Tue, 19 Nov 2024 03:19 PM IST
सार
अधिकारियों का कहना है कि बाघ लगभग 100 किमी दूर से मादा बाघों द्वारा छोड़ी गई एक विशेष गंध को सूंघ सकते हैं। उन्होंने आगे बताया कि नर बाघ आसानी से गंध पकड़ सकते हैं और मादा बाघ का पता लगा सकते हैं।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बाघ अपने शिकार और साथी को ढूंढने के लिए लंबे समय तक धैर्यपूर्वक प्रतीक्षा कर सकता है। महाराष्ट्र के नांदेड़ में किनवट का एक बाघ जॉनी अपनी साथी की तलाश में तेलंगाना तक पहुंच गया। वन अधिकारियों के अनुसार, सर्दी के मौसम में बाघों के प्रजनन का समय है। कुछ नर बाघ मादा बाघ की की तलाश में लंबी यात्रा पर निकल पड़ते हैं। साथी की तलाश में जॉनी ने 300 किमी से अधिक की दूरी तय कर ली है। उसने अपनी यात्रा अक्तूबर के तीसरे हफ्ते में शुरू की थी।
वन विभाग के अधिकारी प्रशांत बी. पाटिल ने कहा, महाराष्ट्र का एक 7 वर्षीय बाघ एक महीने से अधिक समय से साथी की तलाश कर रहा है। वह अब तक 300 किमी से ज्यादा की दूरी तय कर चुका है। कुछ दिनों में इस क्षेत्र में मादा बाघ के मिलने की संभावना है। महाराष्ट्र से नर बाघ सर्दियों के समय साथी की तलाश में पूर्ववर्ती आदिलाबाद जिले के जंगलों में चले जाते हैं।
मादा बाघों द्वारा छोड़ी गई एक विशेष गंध को सूंघ सकते हैं नर बाघ
अधिकारियों का कहना है कि बाघ लगभग 100 किमी दूर से मादा बाघों द्वारा छोड़ी गई एक विशेष गंध को सूंघ सकते हैं। उन्होंने आगे बताया कि नर बाघ आसानी से गंध पकड़ सकते हैं और मादा बाघ का पता लगा सकते हैं। बता दें कि उटनूर मंडल में प्रवेश करने से पहले जॉनी आदिलाबाद जिले के बोथ, निर्मल जिले के कुंतला, सारंगपुर, ममदा और पेम्बी मंडलों के जंगलों का दौरा कर चुका है। अपनी यात्रा के दौरान उसने पांच मवेशियों को मार डाला। इस दौरान उसने दो गायों को भी मारने की कोशिश की।
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जॉनी को उटनूर के लालटेकडी गांव के पास एक सड़क को पार करते हुए देखा गया। नारनूर मंडल में घूमने के दौरान स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई। वन अधिकारियों ने कहा कि साथी की तलाश करने वाले बाघ मनुष्यों को नुकसान नहीं पहुंचाएंगे। उन्होंने जनता से बाघों का सामना न करने का अनुरोध किया।
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वन विभाग के अधिकारी प्रशांत बी. पाटिल ने कहा, महाराष्ट्र का एक 7 वर्षीय बाघ एक महीने से अधिक समय से साथी की तलाश कर रहा है। वह अब तक 300 किमी से ज्यादा की दूरी तय कर चुका है। कुछ दिनों में इस क्षेत्र में मादा बाघ के मिलने की संभावना है। महाराष्ट्र से नर बाघ सर्दियों के समय साथी की तलाश में पूर्ववर्ती आदिलाबाद जिले के जंगलों में चले जाते हैं।
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मादा बाघों द्वारा छोड़ी गई एक विशेष गंध को सूंघ सकते हैं नर बाघ
अधिकारियों का कहना है कि बाघ लगभग 100 किमी दूर से मादा बाघों द्वारा छोड़ी गई एक विशेष गंध को सूंघ सकते हैं। उन्होंने आगे बताया कि नर बाघ आसानी से गंध पकड़ सकते हैं और मादा बाघ का पता लगा सकते हैं। बता दें कि उटनूर मंडल में प्रवेश करने से पहले जॉनी आदिलाबाद जिले के बोथ, निर्मल जिले के कुंतला, सारंगपुर, ममदा और पेम्बी मंडलों के जंगलों का दौरा कर चुका है। अपनी यात्रा के दौरान उसने पांच मवेशियों को मार डाला। इस दौरान उसने दो गायों को भी मारने की कोशिश की।
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जॉनी को उटनूर के लालटेकडी गांव के पास एक सड़क को पार करते हुए देखा गया। नारनूर मंडल में घूमने के दौरान स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई। वन अधिकारियों ने कहा कि साथी की तलाश करने वाले बाघ मनुष्यों को नुकसान नहीं पहुंचाएंगे। उन्होंने जनता से बाघों का सामना न करने का अनुरोध किया।