हिंद महासागर में चीन के दबदबे को मिलकर रोकेंगे भारत और फ्रांस, तैयार हो रहा है प्लान
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हिंद महासागर में चीन के बढ़ते प्रभाव को कम करने के लिए भारत और फ्रांस साथ मिलकर रणनीति बनाएंगे। पीएम मोदी ने कहा कि भारत और फ्रांस के बीच रणनीतिक साझेदारी केवल द्विपक्षीय वार्ता तक ही सीमित नहीं है बल्कि इससे क्षेत्र में शांति और स्थायित्व बना रहेगा।
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पीएम ने कहा कि वह फ्रांस के राष्ट्रपति एमानुएल मैक्रोन की सुविधा के मुताबिक उनसे मिलने के लिए तैयार हैं। फ्रांस के विदेश मामलों के मंत्री ज्यां वेस लध्रियां ने पीएम मोदी से मुलाकात की और उन्हें द्विपक्षीय रिश्तों से जुड़ी जानकारी दी । पीएम मोदी ने भी भारत-फ्रांस के रिश्तों की मजबूती के लिए लध्रियां के प्रयासों की सराहना की।
PM said that significance of India-France Strategic Partnership is not limited to bilateral context, but acts as a force for peace & stability in regional & global context as well. PM also said that he looks forward to receiving Pres Macron in India at his earliest convenience.
— ANI (@ANI) November 17, 2017
French Min for Europe & Foreign Affairs, Jean-Yves Le Drian met PM, & briefed him on developments in bilateral relationship as follow-up to PM's France visit in '17. PM appreciated Le Drian's contribution to India-France engagement, in his current & earlier role as Defence Min.
— ANI (@ANI) November 17, 2017
आपको बता दें कि अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के साथ भारत की बहुपक्षीय बैठक के बाद फ्रांस ने हिंद महासागर क्षेत्र में भारत के साथ रिश्तों को मजबूत करने के संकेत दिए थे। भारत में फ्रांस के राजदूत ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच होने वाली आगामी उच्च स्तरीय बैठक में इस मुद्दे पर गंभीरता से चर्चा होगी।
मनीला में हुए भारत-आसियान सम्मेलन से इतर भारतीय अधिकारियों की अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों के साथ चतुर्भुज बैठक हुई थी। इस बैठक को क्षेत्र में चीन के बढ़ते दबदबे को रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। फ्रांसीसी राजदूत अलेक्जेंडर जिग्लर की टिप्पणी को इसी के तहत देखा जा रहा है।
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जिग्लर ने कहा कि इस मुद्दे को यूरोप और विदेशी मामलों के फ्रांसीसी मंत्री जीन-वेस ले ड्रायन की शुक्रवार से होने वाली आगामी भारत यात्रा 2018 के शुरुआत में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रोन की यात्रा के दौरान भी उठाया जाएगा।
जिग्लर ने कहा कि इस बातचीत के दौरान आईओआर, रक्षा और अंतरिक्ष में सहयोग बढ़ाने के साथ दोनों देशों के बीच रणनीतिक सहयोग से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी। हालांकि फ्रांस ने बहुपक्षीय वार्ता में शामिल होने से इनकार करते हुए कहा कि वह द्विपक्षीय वार्ता पर जोर देगा।