फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Fraud 288 crores ED attached 210 Plot and Flats of Konda Reddy

288 करोड़ की ठगी: कोंडा रेड्डी के 210 प्लॉट-फ्लैट ईडी ने किए अटैच, लाखों लोगों को झूठी स्कीम में फंसाकर तोड़ा घर का सपना

Wed, 08 Jun 2022 06:40 AM IST
देव कश्यप अमर उजाल ब्यूरो/एजेंसी, नई दिल्ली।
अमर उजाल ब्यूरो/एजेंसी, नई दिल्ली। Published by: देव कश्यप Updated Wed, 08 Jun 2022 06:40 AM IST
सार

ईडी के अनुसार सभी पर मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। अटैच की गई संपत्ति का मूल्य करीब 110 करोड़ आंका गया है। यह मैत्री प्लांटेशन व हॉर्टिकल्चर प्रा. लि. (एमपीएचपीएल) नाम पर थे।

विज्ञापन
Fraud 288 crores ED attached 210 Plot and Flats of Konda Reddy
प्रवर्तन निदेशालय - फोटो : social media

विस्तार

घर खरीदने को लालायित लाखों लोगों को फर्जी स्कीम में फंसा कर 288 करोड़ रुपये ठगने के आरोपी कोंडा रेड्डी और उसके परिवार व सहयोगियों के 210 प्लॉट व फ्लैट ईडी ने मंगलवार को अटैच कर दिए। यह संपत्तियां आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना में हैं। आरोपियों ने लोगों को संभ्रांत इलाकों में प्लॉट व फ्लैट देने के सब्जबाग दिखा पोंजी स्कीम से फंसाया।

विज्ञापन


ईडी के अनुसार सभी पर मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। अटैच की गई संपत्ति का मूल्य करीब 110 करोड़ आंका गया है। यह मैत्री प्लांटेशन व हॉर्टिकल्चर प्रा. लि. (एमपीएचपीएल) नाम पर थे। यह कंपनी दो अन्य कंपनियों श्री नक्षत्र बिल्डर्स व डवलपर्स और मैत्री रियल्टर्स इंडिया की सहयोगी थी। इसके मालिक लक्कू कोंडा रेड्डी, लक्कू मलयाद्री रेड्डी, लक्कू माधव रेड्डी और कोकिलापुडी ब्रह्मा रेड्डी हैं। अटैच हुई संपत्तियों में 196 आंध्र प्रदेश, 13 तेलंगाना और 1 कनार्टक में हैं। इनमें खुली जमीनें, प्लॉट, फ्लैट शामिल हैं।
विज्ञापन


ऐसे ठगा : पैसा जमा करवाया बदले में प्लॉट का लालच दिया

  • एमपीएचपीएल ने आम लोगों से पैसा जमा करना शुरू किया। एक निश्चित रकम जमा करने पर उन्हें बदले में शहरों में संभ्रांत इलाकों में प्लॉट, फ्लैट आदि देने का लालच दिया गया।
  • विज्ञापन
    विज्ञापन
  • गरीबों से पैसा वसूलने के लिए एजेंटों का नेटवर्क बनाया। इन एजेंटों को भी ऊंचे कमीशन का लालच दिया। लेकिन उन्होंने जो पैसा जमा किया, उसे कोंडा रेड्डी ने दूसरी कंपनियों में लगाया। इससे काफी संपत्ति अर्जित करता गया।
  • अनुमान है कि ठगों ने करीब 288.42 करोड़ रुपये जुटाए, इसमें से 158.14 करोड़ रुपये लौटाने की उनकी हैसियत नहीं बची। खुलासे होने पर मार्च 2013 में आंध्र प्रदेश पुलिस ने 12 एफआईआर दर्ज की थीं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed