प्रधानमंत्री मोदी के आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक सम्मेलन के प्रस्ताव का फ्रांस ने किया स्वागत
- भारत दौरे पर फ्रांस के उप-विदेश मंत्री जीन बैप्टिस्ट लेमोयने।
- जी-7 समिट में शामिल होंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।
- इस साल जी-7 समिट 24 से 26 अगस्त के बीच फ्रांस के बिआरिट्ज में आयोजित होगी।
- सितंबर में भारत आएगा पहला राफेल विमान
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पूरी दुनिया के लिए चुनौती बने आतंकवाद से निपटने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक वैश्विक सम्मेलन के आयोजन के प्रस्ताव का फ्रांस ने स्वागत किया है। सोमवार को फ्रांस ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ जंग उनकी शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है।
फ्रांस के यूरोप और विदेश मामलों के मंत्री जीन बाप्टिस्ट लेमोयन कहा, 'आतंकवाद से लड़ने के लिए हर एक पहल का स्वागत है क्योंकि यह हर देश के लिए खतरा है। इसलिए इसके खिलाफ किए जा रहे प्रयासों को एकजुट करने के लिए जो कुछ संभव हो उसका स्वागत है।' उन्होंने इस पर करीब से गौर करने की बात कहते हुए कहा कि आतंकवाद जलवायु परिवर्तन की तरह एक वैश्विक चुनौती है।
उन्होंने कहा, 'फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के व्यक्तिगत स्तर पर मजबूत संबंध हैं। यह दौरा अगस्त में होने वाले जी-7 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी की सहभागिता की तैयारी के लिए है।'
लेमोयन ने कहा, 'आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई हमारी शीर्ष प्राथमिकता है... फ्रांस इस मुद्दे पर भारत के साथ खड़ा है। मैं यह कह सकता हूं कि इस मोर्चे पर हमारे संबंध मजबूत हैं।'
लेमोयन ने यहां बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन, इंजीनियरिंग एवं डिजाइन के क्षेत्र में फ्रांस के संस्थानों में पढ़ चुके भारतीय छात्रों के साथ बातचीत से इतर ये बात कही। बता दें कि नरेंद्र मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में फ्रांस के किसी मंत्री का यह पहला भारत दौरा है।
जी-7 समिट में शामिल होंगे पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 24 से 26 अगस्त के बीच फ्रांस के बिआरिट्ज में आयोजित जी-7 समिट में विशेष अतिथि के रूप में शामिल होंगे। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने उन्हें समिट के लिए न्योता भेजा था। फ्रांसीसी मंत्री जीन बाप्टिस्ट लेमोयन ने कहा कि जी-7 बैठक में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय वार्ता से आपसी संबंध और मजबूत होंगे।
सितंबर में भारत आएगा पहला राफेल विमान
राफेल विमान को लेकर लेमोयन ने कहा कि पहला राफेल विमान सितंबर में भारत पहुंचेगा। इसके बाद एक-एक कर 36 राफेल विमानों की आपूर्ति की जाएगा। उन्होंने कहा कि यह भारत-फ्रांस सहयोग का एक मजबूत संकेत होगा।
राफेल सौदे को लेकर चल रहे विवाद पर लेमोयन ने कहा, 'फ्रांस सरकार को विवादों से फर्क नहीं पड़ता। हमने एक रूपरेखा तैयार की है, हम बस उसे पूरा करना चाहते हैं। यह दोनों देश के हित में है। राफेल भारत के प्रभुत्व के लिए एक उपकरण है।'