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अच्छे भविष्य की तलाश में पाकिस्तान गए चार भारतीयों की आतंकियों ने की हत्या
अमर उजाला ब्यूरो/ जानसठ (मुजफ्फरनगर)
Updated Wed, 02 Nov 2016 03:41 AM IST
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अच्छे भविष्य की तलाश में भारत छोड़कर पाकिस्तान गया यूपी के मुजफ्फरनगर के कवाल गांव का एक परिवार आतंकवाद का शिकार हो गया। कवाल के मूल निवासी चार लोगों की रविवार को कराची में आतंकियों ने अंधाधुंध गोलियां बरसाकर हत्या कर दी। इनमें तीन सगे भाई और एक बेटा शामिल है। एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान आतंकियों ने यह हमला किया। इसमें कई लोग घायल हुए हैं। वारदात की जानकारी मिलने पर कवाल गांव में परिजनों में शोक है।
कवाल निवासी 99 वर्षीय कैसर अब्बास के पांच पुत्र थे। उनका बड़ा पुत्र नैयर मेहंदी (70) अमेरिका में रहकर बैंक में नौकरी कर रहा था। छोटा बेटा नासिर (68) वर्षीय इंग्लैंड में इंजीनियर था। तीन अन्य पुत्र नादिर, बाकर, ताहिर कवाल से तीस साल पहले पाकिस्तान जाकर बस गए थे। तभी से ये लोग कराची के नजीमाबाद क्षेत्र में रह रहे थे। हर वर्ष सभी भाई एक जगह इकट्ठा होकर मजलिस करते थे। मोहर्रम के चलते नैयर और नासिर अपने परिवार के साथ भाईयों के यहां कराची आए हुए थे। रविवार रात घर पर मजलिस चल रही थी।
इसी दौरान दो आतंकवादी बाइक पर आए और अंधाधुंध गोलियां बरसा दीं। इसमें नैयर, नासिर, बाकर और उसके पुत्र मुर्तजा मेहंदी (20) की मौके पर ही मौत हो गई थी। आतंकवादियों के हमले में परिवार के कई लोग घायल हो गए। मारे गए भाइयों के पिता कवाल निवासी कैसर अब्बास को घटना का पता सोमवार रात को चला, जबकि गांव वालों को मंगलवार सुबह जानकारी मिली। घटना के बाद कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शवों को पाकिस्तान में ही सुपुर्दे खाक कर दिया गया।
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कवाल निवासी 99 वर्षीय कैसर अब्बास के पांच पुत्र थे। उनका बड़ा पुत्र नैयर मेहंदी (70) अमेरिका में रहकर बैंक में नौकरी कर रहा था। छोटा बेटा नासिर (68) वर्षीय इंग्लैंड में इंजीनियर था। तीन अन्य पुत्र नादिर, बाकर, ताहिर कवाल से तीस साल पहले पाकिस्तान जाकर बस गए थे। तभी से ये लोग कराची के नजीमाबाद क्षेत्र में रह रहे थे। हर वर्ष सभी भाई एक जगह इकट्ठा होकर मजलिस करते थे। मोहर्रम के चलते नैयर और नासिर अपने परिवार के साथ भाईयों के यहां कराची आए हुए थे। रविवार रात घर पर मजलिस चल रही थी।
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इसी दौरान दो आतंकवादी बाइक पर आए और अंधाधुंध गोलियां बरसा दीं। इसमें नैयर, नासिर, बाकर और उसके पुत्र मुर्तजा मेहंदी (20) की मौके पर ही मौत हो गई थी। आतंकवादियों के हमले में परिवार के कई लोग घायल हो गए। मारे गए भाइयों के पिता कवाल निवासी कैसर अब्बास को घटना का पता सोमवार रात को चला, जबकि गांव वालों को मंगलवार सुबह जानकारी मिली। घटना के बाद कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शवों को पाकिस्तान में ही सुपुर्दे खाक कर दिया गया।
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