बिहार: खाई में गिरी 50 मुसाफिरों से भरी बस, 32 की मौत
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बिहार के मधुबनी जिले 50 यात्रियों से भरी बस एक तालाब में डूब गई। इस हादसे में 32 लोगों की मौत हो गई है। 25 शव निकाले जा चुके हैं, बाकी शवों की तलाश की जा रही है। बस बेनीपट्टी से सीतामढ़ी जा रही थी। आपदा प्रबंधन टीम बचाव कार्य में जुटी हुई है। इस घटना पर प्रधानमंत्री ने गहरा दुख व्यक्त किया है।
बताया जा रहा है कि बेनीपट्टी से सीतामढ़ी जा रही एक बस अनियंत्रित होकर तालाब में गिर गयी। सुंदरपुर गांव के पास हुए इस हादसे में कम से कम 32 लोगों की मौत की सूचना है। अब तक 25 शव निकाले जा चुके हैं। सरकार ने सभी मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपया मुआवजा देने की घोषणा की है। बताया जा रहा है कि सागर ट्रैवल्स की 32 सीटर बस में 50 लोग सवार थे।
हादसा सुबह 11.45 बजे के करीब हुआ। जानकारी के अनुसार एक साइकिल सवार को बचाने के चक्कर में चालक बस पर से नियंत्रण खो बैठा और बस सड़क से लगभग तीस फुट नीचे तालाब में गिर गई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि बस पर सवार तीन-चार लोग ही किसी तरह से तैर कर बाहर निकल पाये।
पथराव कर लोगों ने डीएम व एसपी को भागने पर किया मजबूर
अभी मृतकों की संख्या की पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि 36 यात्रियों की इस हादसे में जान गई है। बताया जाता है कि बस गहरे पानी में डूब गई और इस कारण उस में फंसे यात्री बचाव के लिए गुहार भी नहीं लगा पाए। स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय प्रशासन को दी, लेकिन लगभग एक घंटे के बाद बेनीपट्टी डीएसपी निर्मला कुमारी मौके पर पहुंची।
इस दौरान हजारों की संख्या में लोग मौके पर जुट गये थे । लोगों ने डीएसपी को मौके से जाने को कह दिया। दिन में लगभग तीन बजे मधुबनी में डीडीसी हाकिम प्रसाद व सदर एसडीओ शाहिद परवेज मौके पर पहुंचे, लेकिन नाराज लोगों ने पथराव करके उन्हें मौके से वापस जाने को मजबूर कर दिया। इसके लगभग आधे घंटे के बाद मौके पर डीएम व एसपी भी पहुंचे।
उन्हें भी लोगों ने भागने पर मजबूर कर दिया। एनडीआरएफ की टीम को भी लोगों ने भगा दिया था। एंबुलेंस पर भी लोगों का गुस्सा उतरा और उसके शीशे तोड़ दिये गये। स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए पुलिस की ओर से दो राउंड हवाई फायरिंग की गयी। करीब पांच बजे शाम को बस को तालाब से बाहर निकाला गया। बस में यात्रियों के शव भरे थे। मौके पर प्रशासन के प्रतिनिधियों के नहीं होने की वजह से शव की आधिकारिक गिनती नहीं हो पा रही है।