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ईवीएम पर उठ रहे सवालों के बीच पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने चुनाव आयोग को दी यह नसीहत
Tue, 21 May 2019 04:09 PM IST
अमर शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Tue, 21 May 2019 04:09 PM IST
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पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी (फाइल फोटो)
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लोकसभा चुनाव परिणाम आने में अभी दो दिन का वक्त है। रविवार को आए एग्जिट पोल के अनुमानों के बाद से विपक्षी खेमे में खलबली मची हुई है। इस बीच देशभर में ईवीएम गड़बड़ी, विसंगति और मशीन बदलने की आशंकाओं का मुद्दा गर्मा गया है। ऐसे समय में पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने चुनाव आयोग को नसीहत दी है। प्रणब मुखर्जी बयान जारी करते हुए कहते हैं, "इस मामले में संस्थागत अखंडता (ईवीएम की सुरक्षा) सुनिश्चित करने का दायित्व चुनाव आयोग के पास है। उन्हें अवश्य ऐसा करना चाहिए और सभी अटकलों पर विराम लगाना चाहिए।"
पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने ट्विटर पर अपना वक्तव्य जारी किया है। उन्होंने लिखा है, "मैं मतदाओं के फैसले के साथ कथित छेड़छाड़ की रिपोर्टों को लेकर चिंतित हूं। चुनाव आयोग के कब्जे में मौजूद ईवीएम के बचाव और सुरक्षा की जिम्मेदारी आयोग की है।
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हमारे लोकतंत्र के आधार को चुनौती देने वाले संशयों के लिए कोई जगह नहीं है। लोगों का जनादेश पवित्र है और लेशमात्र आशंका से भी ऊपर है।
हमारे संस्थानों पर मेरा पूरा विश्वास है। यह मेरा माना हुआ विचार है कि यह 'काम कर रहा व्यक्ति' तय करता है कि संस्थान के 'औजार' कैसा प्रदर्शन करेंगे।
इस मामले में संस्थागत अखंडता (ईवीएम की सुरक्षा) सुनिश्चित करने का दायित्व चुनाव आयोग के पास है। उन्हें अवश्य ऐसा करना चाहिए और सभी अटकलों पर विराम लगाना चाहिए।"
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पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने ट्विटर पर अपना वक्तव्य जारी किया है। उन्होंने लिखा है, "मैं मतदाओं के फैसले के साथ कथित छेड़छाड़ की रिपोर्टों को लेकर चिंतित हूं। चुनाव आयोग के कब्जे में मौजूद ईवीएम के बचाव और सुरक्षा की जिम्मेदारी आयोग की है।
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हमारे लोकतंत्र के आधार को चुनौती देने वाले संशयों के लिए कोई जगह नहीं है। लोगों का जनादेश पवित्र है और लेशमात्र आशंका से भी ऊपर है।
हमारे संस्थानों पर मेरा पूरा विश्वास है। यह मेरा माना हुआ विचार है कि यह 'काम कर रहा व्यक्ति' तय करता है कि संस्थान के 'औजार' कैसा प्रदर्शन करेंगे।
इस मामले में संस्थागत अखंडता (ईवीएम की सुरक्षा) सुनिश्चित करने का दायित्व चुनाव आयोग के पास है। उन्हें अवश्य ऐसा करना चाहिए और सभी अटकलों पर विराम लगाना चाहिए।"