{"_id":"5c001a00bdec2241b95b2da5","slug":"former-pm-jds-leader-hd-devegowda-at-farmers-protest-in-delhi-s-ramlila-maidan","type":"story","status":"publish","title_hn":"पूर्व पीएम देवगौड़ा बोले- प्रधानमंत्री मोदी को व्यक्तिगत रूप से किसानों पर ध्यान देना चाहिए","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
पूर्व पीएम देवगौड़ा बोले- प्रधानमंत्री मोदी को व्यक्तिगत रूप से किसानों पर ध्यान देना चाहिए
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 29 Nov 2018 10:25 PM IST
विज्ञापन
hd devegowda
दिल्ली के रामलीला मैदान में एक फिर किसान अपनी मांगों को लेकर इकट्ठा हुए हैं। सरकार के खिलाफ हो रहे इस विरोध प्रदर्शन का पूर्व प्रधानमंत्री और जेडीएस नेता एचडी देवगौड़ा ने भी समर्थन किया है। देवगौड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री को व्यक्तिगत रूप से किसान मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मैं किसानों की समस्या को हल करने के लिए केंद्र सरकार से अपील करता हूं। उन्होंने कहा कि अब अब किसान जागृत हो गए हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि किसानों के बिना कोई भी सरकार जीवित नहीं रह सकती है।
कर्ज और आत्महत्या के अनवरत कुचक्र से हमेशा के लिए मुक्ति पाने के लिए किसान एक बार फिर दिल्ली के रामलीला मैदान में आ डटे हैं। गुरुवार रात विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिये किसानों की समस्याओं को उजागर किया जाएगा। किसानों की मांग है कि संसद का विशेष सत्र बुलाकर किसानों को कर्ज से मुक्ति दिलाने और फसलों के दाम उपज मूल्य के डेढ़ गुनी कीमत पर तय करने संबंधी कानून पास किया जाये। किसान संगठनों ने इसे किसान मुक्ति मार्च का नाम दिया है। मार्च का आयोजन करने वाले अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति संगठन का दावा है कि इस मार्च में उसे पूरे देश से जनसमर्थन मिला है।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि मैं किसानों की समस्या को हल करने के लिए केंद्र सरकार से अपील करता हूं। उन्होंने कहा कि अब अब किसान जागृत हो गए हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि किसानों के बिना कोई भी सरकार जीवित नहीं रह सकती है।
विज्ञापन
कर्ज और आत्महत्या के अनवरत कुचक्र से हमेशा के लिए मुक्ति पाने के लिए किसान एक बार फिर दिल्ली के रामलीला मैदान में आ डटे हैं। गुरुवार रात विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिये किसानों की समस्याओं को उजागर किया जाएगा। किसानों की मांग है कि संसद का विशेष सत्र बुलाकर किसानों को कर्ज से मुक्ति दिलाने और फसलों के दाम उपज मूल्य के डेढ़ गुनी कीमत पर तय करने संबंधी कानून पास किया जाये। किसान संगठनों ने इसे किसान मुक्ति मार्च का नाम दिया है। मार्च का आयोजन करने वाले अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति संगठन का दावा है कि इस मार्च में उसे पूरे देश से जनसमर्थन मिला है।
विज्ञापन