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Hindi News ›   India News ›   Former Olympian Jafar Iqbal share his memories related to hockey player Shahid

पूर्व ओलंपियन जफर इकबाल ने साझा की शाहिद से अंतिम मुलाकात की यादें

Fri, 22 Jul 2016 05:44 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, वाराणसी
ब्यूरो/ अमर उजाला, वाराणसी Updated Fri, 22 Jul 2016 05:44 AM IST
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Former Olympian Jafar Iqbal share his memories related to hockey player Shahid
शाहिद को अंतिम विदाई देने के लिए जुटे लोग - फोटो : ब्यूरो/ वाराणसी
अस्सी के दशक में भारतीय हॉकी के सबसे धुरंधर खिलाड़ियों में शुमार रहे पूर्व ओलंपियन जफर इकबाल ने कहा कि मैंने और शाहिद ने लगभग सात साल तक भारत के लिए खेला। मुझसे छोटा था शाहिद मगर दुनिया से पहले चला गया। बहुत बड़ा खिलाड़ी था... मुकम्मल खिलाड़ी था। हम उसकी सेवाएं नहीं ले सके, इसका हमेशा मलाल रहेगा।
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जफर ही अकेले ऐसे खिलाड़ी हैं बीमारी के दौरान जिनकी शाहिद से मुलाकात और बात हो पाई थी। शाहिद से अपनी अंतिम मुलाकात को उन्होंने ‘अमर उजाला’ से साझा करते हुए कहा, बोला था उससे दुनिया को हॉकी स्टिक से डॉज देते रहे, मौत को भी डॉज देकर निकल आओ।
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पूर्व ओलंपियन जफर ने कहा कि बहुत हिम्मत वाला था शाहिद। मेदांता में आखिरी मुलाकात के दौरान उसने कहा था, पार्टनर ठीक हो जाऊंगा। उसके हिम्मत की दाद देनी पड़ेगी। उसे मालूम था कि क्या होने वाला है मगर दोस्तों और घरवालों को जताना नहीं चाहता था। मैंने भी उसका हौसला बढ़ाया था। उसका यूं ही चुपके से चले जाना खल रहा है। भारतीय हॉकी को इससे बड़ा नुकसान नहीं हो सकता।
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रुंधे गले से कहा, मैच के बाद जिस कंधे पर सिर रखकर मैंने कई दफा अपनी थकान मिटाई थी, उस शख्स को कंधा देना... बयां नहीं कर सकता कितना दुखी हूं। भावनाएं व्यक्त करने के लिए मेरे पास अल्फाज कम पड़ गए हैं। बहुत याद आएगा शाहिद।

हॉकी कप्तान धनराज पिल्लई ने किया एलान

Former Olympian Jafar Iqbal share his memories related to hockey player Shahid
मोहम्मद शाहिद के जनाजे में उमड़ा सैलाब।

भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान ओलंपियन धनराज पिल्लई ने कहा कि पद्मश्री मोहम्मद शाहिद जैसा खिलाड़ी दुनिया को दोबारा नहीं मिलेगा। शाहिद के रूप में हमने अपना कोहिनूर गंवाया है। उनकी यादों को जिंदा रखने के लिए एक इंटरनेशनल लेवल का हॉकी टूर्नामेंट आयोजित किया जाएगा।

वह खुद इस बाबत हॉकी इंडिया से बात करेंगे। जरूरत पड़ी तो खेल मंत्री विजय गोयल से भी मिलेंगे। उस्ताद की याद में आयोजित होने वाले इस अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में दुनिया भर के दिग्गज खिलाड़ी इस महान आत्मा को अपने खेल से श्रद्धांजलि देंगे।

पूर्व हॉकी ओलंपियन शाहिद के निधन से मर्माहत धनराज ने कहा, ‘सोचा नहीं था उस्ताद इतनी जल्दी छोड़कर चले जाएंगे। उनके जैसा जिंदादिल इंसान मैंने नहीं देखा। जूनियर खिलाड़ियों के लिए तो वे गॉड थे। आज जो कुछ भी हूं, उस्ताद की बदौलत ही हूं। उनका इस दुनिया से जाना मुझे अकेला कर गया।’ पिल्लई ने कहा कि शाहिद मेरे आदर्श थे। बचपन में मैं सोचता था कि क्या मैं भी उनके जैसा खेल सकता हूं मगर मुझे पता था कि यह नामुमकिन है।

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