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NSE Co-location Scam: एनएसई के सह-स्थान मामले में आरोपी चित्रा ने हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर की, जज ने सुनवाई से खुद को किया अलग

Thu, 19 May 2022 06:56 AM IST
देव कश्यप अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली। Published by: देव कश्यप Updated Thu, 19 May 2022 06:56 AM IST
सार

NSE Co-location Scam: निचली अदालत के न्यायाधीश संजीव अग्रवाल ने मामले में चित्रा रामकृष्ण को जमानत देने से इनकार कर दिया था और कहा था कि गंभीरता के साथ-साथ आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ आरोपों की गंभीरता, विशालता और परिमाण को देखते हुए इस स्तर पर उनकी जमानत का आधार नहीं बनता है।

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Former NSE boss Chitra Ramkrishna moves Delhi HC for bail in co-location case
Chitra Ramkrishna, Former CEO and MD of NSE - फोटो : Twitter

विस्तार

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) भ्रष्टाचार मामले में आरोपी चित्रा रामकृष्ण ने हाईकोर्ट में जमानत आवेदन दायर किया है। उन्होंने ट्रायल कोर्ट द्वारा जमानत आवेदन को खारिज करने के फैसले को चुनौती दी है। न्यायमूर्ति तलवंत सिंह ने बुधवार को मामले की सुनवाई से अलग कर लिया। उन्होंने याचिका पर सुनवाई किसी अन्य जज से करवाने का आग्रह किया है।

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12 मई को, निचली अदालत के न्यायाधीश संजीव अग्रवाल ने मामले में चित्रा रामकृष्ण को जमानत देने से इनकार कर दिया था और कहा था कि गंभीरता के साथ-साथ आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ आरोपों की गंभीरता, विशालता और परिमाण को देखते हुए इस स्तर पर उनकी जमानत का आधार नहीं बनता है।
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ट्रायल कोर्ट ने यह भी कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि आरोपी चित्रा रामकृष्ण प्रथम दृष्टया एनएसई के मामलों को एक निजी क्लब की तरह चला रही थी। सीबीआई ने मार्च में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) की पूर्व प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी चित्रा रामकृष्ण को गिरफ्तार किया था। एनएसई को-लोकेशन मामले में समूह संचालन अधिकारी और एमडी के सलाहकार के रूप में आनंद सुब्रमण्यम को फरवरी महीने में गिरफ्तार किया गया था।
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ट्रायल कोर्ट के समक्ष सीबीआई ने चित्रा रामकृष्ण की जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि चित्रा अत्यधिक प्रभावशाली है और जमानत पर रिहा होने पर दस्तावेजी / डिजिटल साक्ष्य और गवाहों के साथ छेड़छाड़ कर सकती है। याचिकाकर्ता प्रासंगिक अवधि के दौरान एनएसई का एक उच्च पदस्थ अधिकारी था। उसके खिलाफ आपत्तिजनक साक्ष्य पहले ही सामने आ चुके हैं। जमानत देने के परिणाम जांच पर प्रतिकूल प्रभाव डालेंगे।

सीबीआई ने अपने जवाब में यह भी कहा कि अन्य गवाहों से पूछताछ की जा रही है ताकि को-लोकेशन सेट-अप से संबंधित साजिश और आवेदक चित्रा रामकृष्ण द्वारा निभाई गई भूमिका का पता लगाया जा सके। वह दिन-प्रतिदिन के मामलों और पूरे सह-स्थान सेटअप को देख रही थी जिसे एनएसई में उनके कार्यकाल के दौरान लागू किया गया था। ऐसी आशंका है कि जमानत मिलने पर वह गवाहों को प्रभावित कर सकती है।


यह मामला एनएसई के वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ आरोपों से संबंधित है जहां व्यापारिक सदस्यों द्वारा सह-स्थान सुविधा का दुरुपयोग करके अनुचित लाभ कमाया गया है। को-लोकेशन सेटअप में अनुचित पहुंच को सुगम बनाने में शीर्ष अधिकारियों की भूमिका और जिम्मेदारी की जांच चल रही है।

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