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VS Achuthanandan: मजदूर से मुख्यमंत्री पद तक का सफर, अंतिम क्षणों तक कट्टर मार्क्सवादी रहे कॉमरेड अच्युतानंदन

Mon, 21 Jul 2025 05:50 PM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम Published by: शुभम कुमार Updated Mon, 21 Jul 2025 05:50 PM IST
सार

केरल के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ मार्क्सवादी नेता वीएस अच्युतानंदन का 101 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। वेल्लत्तूर गांव में जन्मे अच्युतानंदन ने शिक्षक से नेता तक का सफर तय किया और मजदूरों, किसानों व गरीबों की आवाज बने। 1970 में विधायक और 2006 में मुख्यमंत्री बने। उनका कार्यकाल ईमानदारी, विकास और सामाजिक न्याय के लिए जाना जाता है। आइए उनके राजनीति जीवन पर एक नजर डालते हैं।

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Former Kerala CM Achutanandan died at the age of 101, know how was his political journey
V. S. Achuthanandan - फोटो : X/S Jaishankar

विस्तार

किसानों और गरीब लोगों की आवाज उठाने वाले केरल के वरिष्ठ मार्क्सवादी नेता और पूर्व मुख्यमंत्री वीएस अच्युतानंदन का निधन हो गया है। उन्होंने 101 साल की उम्र में अंतिम सांस ली। वीएस अच्युतानंदन का जन्म 20 अगस्त 1923 को केरल के कोझीकोड जिले के वेल्लत्तूर गांव में हुआ था। वे एक सामान्य परिवार से थे और बचपन से ही पढ़ाई में अच्छे थे। उन्होंने राजनीति में आने से पहले शिक्षक के रूप में भी काम किया। अच्युतानंदन ने कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) से जुड़कर समाज में बदलाव लाने की लड़ाई शुरू की। वे मजदूरों, किसानों और गरीब लोगों के अधिकारों के लिए लगातार आवाज उठाते रहे।

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1970 में पहली बार बने केरल विधानसभा के सदस्य 
बता दें कि 1970 के दशक में वे पहली बार केरल विधानसभा के सदस्य बने। इसके बाद वे कई बार विधायक चुने गए और पार्टी में एक मजबूत नेता के रूप में उभरे। उन्होंने राज्य में सामाजिक न्याय और विकास के लिए महत्वपूर्ण काम किए। 2006 में अच्युतानंदन केरल के मुख्यमंत्री बने। उस समय उनकी उम्र 79 वर्ष थी, जो उन्हें राज्य के सबसे वरिष्ठ मुख्यमंत्री बनाता था। मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की और शिक्षा, स्वास्थ्य समेत कई क्षेत्रों में सुधार किए। उनका शासनकाल जनता के बीच काफी लोकप्रिय रहा।
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कैसा रहा है अच्युतानंदन का व्यक्तित्व?
केरल के पूर्व मुख्यमंत्री अच्युतानंदन एक सादगीपूर्ण, मेहनती और ईमानदार नेता थे। वे हमेशा आम लोगों के करीब रहे और उनके लिए काम करते रहे। राजनीति में उनका योगदान केरल के इतिहास में महत्वपूर्ण माना जाता है।वीएस अच्युतानंदन के निधन से पूरे केरल और देश में शोक की लहर है। उनके समर्थक, पार्टी के सदस्य और आम जनता उन्हें याद कर रहे हैं।


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केरल की राजनीति की महानायक
माकपा ने उन्हें एक समर्पित क्रांतिकारी और सच्चे समाज सुधारक के रूप में याद किया है। कुल मिलाकर वीएस अच्युतानंदन ने पूरे जीवन को सेवा और संघर्ष में बिताया। वे केरल की राजनीति के महानायक थे, जिन्होंने समाज में बदलाव लाने के लिए कड़ी मेहनत की। उनका नाम हमेशा जनता के दिलों में सम्मान के साथ जिया जाएगा।

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