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अपनी फोन वार्ता की जांच के खिलाफ पूर्व हाईकोर्ट जज वी. ईश्वरैय्या पहुंचे सुप्रीम कोर्ट
Wed, 02 Dec 2020 03:52 AM IST
Kuldeep Singh
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Wed, 02 Dec 2020 03:52 AM IST
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सर्वोच्च न्यायालय
- फोटो : पीटीआई
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आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के एक पूर्व जज ने अपनी और एक निलंबित ट्रायल कोर्ट मजिस्ट्रेट के बीच की कथित फोन वार्ता की जांच रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई है। इस जांच का आदेश आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने ही पुलिस को दिया है।
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आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने दिया था उनकी और एक निलंबित ट्रायल कोर्ट मजिस्ट्रेट की बातचीत की जांच का आदेश
सेवानिवृत्त जस्टिस वी. ईश्वरैय्या का ने अपनी याचिका में इस घटना को न्याय पालिका के खिलाफ गंभीर साजिश करार दिया है। जस्टिस ईश्वरैय्या ने याचिका में हाईकोर्ट के आदेश को अनुचित व अवैध बताते हुए स्थगित करने की गुहार लगाई है। साथ ही यह भी कहा है कि यह आदेश बिना उन्हें कोई नोटिस दिए पारित किया गया है और इससे उनका अनावश्यक शोषण हो रहा है।
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हाईकोर्ट ने अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस आरवी रवींद्रन से मामले की जांच करने का आग्रह किया था। अधिवक्ता प्रशांत भूषण के जरिये दाखिल जस्टिस ईश्वरैय्या की स्पेशल लीव पिटीशन के मुताबिक, फोन वार्ता कथित तौर पर अमरावती भूमि घोटाले में भ्रष्टाचार के आरोपों से संबंधित बताई गई है।
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पूर्व जज ने याचिका में कहा, हाईकोर्ट ने 13 अक्तूबर को अपना आदेश निलंबित जिला मुंसिफ मजिस्ट्रेट एस. रामकृष्णा की तरफ से दाखिल प्रार्थनापत्र के आधार पर दिया है। यह प्रार्थनापत्र एक ऐसी जनहित याचिका में दिया गया था, जो इस मामले से नहीं जुड़ी है। यह जनहित याचिका अदालत भवन व परिसर में कोविड गाइडलाइंस को लागू कराने के लिए दी गई थी।