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Kerala: मिजोरम के पूर्व राज्यपाल का केरल सरकार पर आरोप, कहा- वैश्विक अयप्पा संगमम के पीछे व्यावसायिक हित

Sat, 30 Aug 2025 09:30 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम Published by: बशु जैन Updated Sat, 30 Aug 2025 09:30 PM IST
सार

त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में केरल सरकार के सहयोग से 20 सितंबर को पंपा में वैश्विक अयप्पा संगमम का आयोजन किया जा रहा है। इस पर भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजशेखरन ने कहा कि केरल सरकार अयप्पा भक्तों की आस्था और विश्वास का दुरुपयोग करके भारी मात्रा में धन कमाने की कोशिश कर रही है।

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Former Governor of Mizoram accused Kerala govt, said- commercial interests behind Global Ayyappa Sangamam
मिजोरम के पूर्व राज्यपाल कुम्मानम राजशेखरन। - फोटो : Facebook/Kummanam Rajasekharan

विस्तार

वैश्विक अयप्पा संगमम को लेकर मिजोरम के पूर्व राज्यपाल कुम्मानम राजशेखरन ने केरल सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है। राजशेखरन ने दावा किया कि केरल सरकार भगवान अयप्पा के भक्तों की आस्था और विश्वास से पैसा कमाना चाहती है। वैश्विक अयप्पा संगमम के पीछे सरकार का व्यावसायिक हित है। इसलिए आयोजन को वह एक्सपो की तरह आयोजित कर रही है।
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त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में केरल सरकार के सहयोग से 20 सितंबर को पंपा में वैश्विक अयप्पा संगमम का आयोजन किया जा रहा है। इस पर भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजशेखरन ने कहा कि जिस तरह से यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है और प्रतिभागियों द्वारा दान किए गए लाखों रुपये के आधार पर विशेषाधिकार कार्ड जारी किए जा रहे हैं, उससे साफ है कि सबरीमाला को पर्यटन और वाणिज्यिक केंद्र में बदला जा रहा है।
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उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अयप्पा भक्तों की आस्था और विश्वास का दुरुपयोग करके भारी मात्रा में धन कमाने की कोशिश कर रही है। भाजपा ने आरोप लगाया कि विशेष कार्ड जारी करने से लाखों-करोड़ों का दान देने वालों को दर्शन और अनुष्ठान में प्राथमिकता दी जाएगी और आम श्रद्धालु उसके बाद ही आएंगे।
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एनएसएस के बयान पर उठाए सवाल
इससे पहले दिन में राजशेखरन ने नायर सर्विस सोसायटी (एनएसएस) के उपाध्यक्ष एम. संगीथ कुमार के बयान का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने सरकार के फैसले का समर्थन किया है और इस आयोजन के संबंध में वाम प्रशासन पर पूर्ण विश्वास जताया है। उन्होंने कहा कि वह यह निर्णय उन पर छोड़ रहे हैं कि वे किसके साथ खड़े हैं।

उन्होंने कहा कि मैं एनएसएस से केवल अयप्पा भक्तों की भावनाओं का सम्मान करने के लिए कह सकता हूं। उन्हें इस तथ्य पर भी विचार करना चाहिए कि जिन लोगों ने सबरीमाला में महिलाओं के प्रवेश का विरोध किया था, वे अभी भी आपराधिक मामलों का सामना कर रहे हैं जिससे उनके जीवन और आजीविका में बाधा उत्पन्न हुई है। भाजपा नेता ने कहा कि ऐसी स्थिति में एनएसएस को यह निर्णय लेना होगा कि इस आयोजन के संबंध में क्या रुख अपनाना है। मैं उनसे केवल यही अनुरोध कर सकता हूं कि वे इस आयोजन के प्रति श्रद्धालुओं के विरोध का हिस्सा बनें।

एनएसएस ने दिया जवाब
राजशेखरन के बयान के बाद एनएसएस महासचिव जी सुकुमारन नायर ने कहा कि यदि इस आयोजन का उद्देश्य मंदिर के अनुष्ठानों को प्रभावित किए बिना और मंदिर की पवित्रता को बनाए रखते हुए मंदिर से संबंधित विकास गतिविधियों को अंजाम देना था, तो यह अच्छा था। इस आयोजन से संबंधित किसी भी समिति के नेतृत्व में अयप्पा भक्त शामिल होने चाहिए और यह राजनीति से मुक्त होना चाहिए।

नायर ने कहा कि तभी इस आयोजन का इच्छित लक्ष्य प्राप्त किया जा सकेगा। इस मुद्दे पर एनएसएस के रुख के संबंध में आलोचना और अन्य टिप्पणियों के कारण स्पष्टीकरण जारी किया जा रहा है। उन्होंने त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) पर आरोप लगाया कि जो कुछ हो रहा है, वह उस पर मूकदर्शक बना हुआ है।

योग क्षेम सभा ने भी जताया संदेह
वहीं योग क्षेम सभा के प्रदेश अध्यक्ष अक्केरमन कालिदासन भट्टाथिरिपाद ने भी आयोजन को लेकर संदेह जताया। उन्होंने कहा कि किसी को भी यह सोचने के लिए दोषी नहीं ठहराया जा सकता कि यह आयोजन एक व्यावसायिक अभ्यास था या राजनीतिक स्टंट। उन्होंने कहा कि सबरीमाला से जुड़े अनुष्ठानों को संरक्षित करने की आवश्यकता है।


भाजपा ने लगाए थे आरोप
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने कहा था कि पार्टी इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और तमिलनाडु के उनके समकक्ष एमके स्टालिन के शामिल होने का विरोध करेगी। इस पर विजयन ने जवाब दिया कि भगवा पार्टी की धमकियां इस कार्यक्रम को होने से नहीं रोक पाएंगी। इस बीच स्टालिन ने कहा था कि वह पूर्व निर्धारित व्यस्तताओं के कारण इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके और उन्होंने अपने दो कैबिनेट सहयोगियों को इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए नियुक्त किया है। कांग्रेस ने तर्क दिया था कि वामपंथी सरकार इस कार्यक्रम के आयोजन के माध्यम से बहुसंख्यक समुदायों को खुश करने की कोशिश कर रही है। इसे केरल के मुख्यमंत्री ने खारिज कर दिया।
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