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पूर्व डीजीएमओ ने किया खुलासा, नहीं हुई थी यूपीए के कार्यकाल में सर्जिकल स्ट्राइक

Thu, 06 Oct 2016 04:29 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली Updated Thu, 06 Oct 2016 04:29 PM IST
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Former DGMO rubbishes claim by congress on Surgical strike
Former DGMO Bhatia

कांग्रेस की अगुवाई वाली यूपीए सरकार के शासनकाल में सर्जिकल स्ट्राइक पर कांग्रेस का दावा झूठा साबित हो रहा है। कांग्रेस के दावे को पूर्व डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल (रि) विनोद भाटिया ने सिरे से नकार दिया है। उन्होंने ये बात टीवी चैनल टाइम्स नाउ से कही।

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दरअसल 2012-14 के बीच यूपीए शासनकाल में डीजीएमओ रहे लेफ्टिनेंट जनरल (रि) विनोद भाटिया ने कहा कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में हुई सर्जिकल स्ट्राइक पहली बार की गई है और ऐसा पहले कभी नहीं हुआ है।
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भाटिया ने कहा,'पाकिस्तान ने हमारे धैर्य की सीमा को तोड़ दिया था। इसलिए ऐसा करना जरूरी हो गया था। उन्होंने लक्ष्मण रेखा पार कर ली थी और इसका उन्हें खामियाजा भुगतना पड़ा।' गौरतलब है कि कांग्रेस ने कुछ दिन पहले दावा किया था कि यूपीए के शासनकाल में भी इस तरह की सर्जिकल स्ट्राइक की गई थी। पूर्व डीजीएमओ ने कहा कि वो एलओसी पर हुए ऑपरेशन थे, न की सर्जिकल स्ट्राइक। 

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'अगर फेल होती सर्जिकल स्ट्राइक तो होना पड़ता शर्मिंदा'

Former DGMO rubbishes claim by congress on Surgical strike
Indian Army - फोटो : File Photo

भाटिया ने कहा, 'ये पाक अधिकृत कश्मीर में पहली सर्जिकल स्ट्राइक है। हां ये जरूर है कि पिछले साल जून में हमने म्यांमार में एक सर्जिकल स्ट्राइक की थी। चाहे कूटनीति हो, राजनीति हो या सैन्य माध्यम से।

हमने स्ट्रैटिजी के तहत ये स्ट्राइक की। सेना ने तीन किलोमीटर अंदर घुसकर आतंकियों को मारा। सेना ने लक्ष्य पर बेहतरीन हमला किया। ये आतंकियों के लांच पैड थे। सर्जिकल स्ट्राइक के बाद आतंकियों में एक खौफ का माहौल बना है।

लांच पैड के द्वारा आतंकी भारत में घुसपैठ की कोशिश करने वाले थे। पूर्व डीजीएमओ भाटिया ने कहा, 'ये शानदार ऑपरेशन था। सर्जिकल स्ट्राइक से पहले बहुत सारी जानकारियां जुटाई गई थीं और इसका फैसला सर्वोच्च स्तर पर किया गया। अगर स्ट्राइक असफल होती तो देश को शर्मिंदगी झेलनी पड़ती। हमारे समय में दूसरे तरह के ऑपरेशन किए जाते थे, वे सर्जिकल स्ट्राइक नहीं थीं। हम आतंकियों की घुसपैठ रोकने या फिर सीमा पर सीजफायर का जवाब देते थे।

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