फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Former Congress Minister Roshan Baig taken into CBI custody for three days

आईएमए घोटाला: तीन दिन की सीबीआई हिरासत में भेजे गए कांग्रेस नेता रोशन बेग

Wed, 25 Nov 2020 07:04 PM IST
मुकेश कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: मुकेश कुमार झा Updated Wed, 25 Nov 2020 07:04 PM IST
विज्ञापन
Former Congress Minister Roshan Baig taken into CBI custody for three days
आर रोशन बेग (फाइल फोटो) - फोटो : ANI

करोड़ों रुपये के आईएमए पोंजी घोटाले के मामले में गिरफ्तार पूर्व मंत्री आर रोशन बेग को बुधवार को एक विशेष अदालत ने तीन दिन की सीबीआई हिरासत में भेज दिया। सीबीआई) के एक सूत्र ने कहा, 'आईएमए घोटाले में उनकी भूमिका की और जांच के लिए हमें रोशन बेग की 28 नवंबर तक तीन दिन की हिरासत मिली है।'

विज्ञापन


पिछले साल पार्टी से बगावत करने पर उन्हें कांग्रेस विधायक के तौर पर अयोग्य ठहराया गया था। बेग को सोमवार को गिरफ्तार किया गया था। सीबीआई सूत्रों ने कहा कि पोंजी घोटाले के मुख्य साजिशकर्ता मोहम्मद मंसूर खान से बेग का ‘आमना-सामना’ कराया जाएगा। खान 27 नवंबर तक सीबीआई हिरासत में है।
विज्ञापन



बेग की गिरफ्तारी 22 नवंबर को इस मामले में एक अन्य आरोपी बंगलूरू के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (प्रशासन) हेमंत निंबालकर से पूछताछ के बाद हुई है। सूत्रों ने कहा कि करोड़ों रुपये का यह घोटाला कर्नाटक स्थित आईएमए और उसके समूह की कंपनियों द्वारा कथित तौर पर ज्यादा लाभ का लालच देकर लोगों से करीब 4000 करोड़ रुपये की ठगी कर अंजाम दिया गया। आरोपियों ने निवेश के इस्लामी तरीकों को अपनाने का झांसा देकर लोगों को ठगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह घोटाला जून 2019 में सामने आया था जब आईएमए संचालक मोहम्मद मंसूर खान देश छोड़कर भाग गया और आरोप लगाया कि बेग व कुछ सरकारी अधिकारियों ने उसके साथ धोखा किया। खान ने आरोप लगाया था कि बेग ने उससे करीब 400 करोड़ रुपये लिए। हालांकि पूर्व मंत्री ने आरोपों को सिरे से खारिज किया था। पुलिस के लगातार दबाव के बाद खान भारत लौटा और आत्मसमर्पण किया।


कांग्रेस और जद (एस) के गठबंधन वाली तत्कालीन सरकार ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल का गठन किया था। बाद में हालांकि भाजपा के सत्ता में आने पर जांच सीबीआई को सौंप दी गई। केंद्रीय एजेंसी ने इस मामले में एक आईएएस अधिकारी, दो आईपीएस अधिकारियों, कर्नाटक प्रशासनिक सेवा के एक अधिकारी और एक पार्षद को भी इस मामले में प्रदेश सरकार से अभियोजन की मंजूरी मिलने के बाद आरोपी बनाया था। आईएएस अधिकारी ने कुछ महीनों पहले अपने घर में कथित रूप से आत्महत्या कर ली थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed