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Hindi News ›   India News ›   Former CM Bhupinder Singh Hooda's wife Asha Hooda is targetting voters in haryana her own unique style.

Haryana: चुनावी रण में भूपेंद्र सिंह हुड्डा की पत्नी, मनोहर लाल के शासनकाल पर निशाना साध कुछ यूं मांगे वोट

Tue, 01 Oct 2024 06:25 PM IST
पवन पांडेय डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला Published by: पवन पांडेय Updated Tue, 01 Oct 2024 06:25 PM IST
सार

बड़े हुड्डा की पत्नी, वोटरों को पूर्व सीएम मनोहर लाल के 10 साल की दास्तां बड़े रोचक तरीके से सुनाकर उन्हें साध रही हैं। वे प्रदेश में खुलेआम नशे की बिक्री पर भी बोलती हैं तो यह भी कह देती हैं कि जो राजा 'सीएम', अपनी प्रजा की बात नहीं सुनता, उसे राज करने का कोई अधिकार नहीं है।

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Former CM Bhupinder Singh Hooda's wife Asha Hooda is targetting voters in haryana her own unique style.
चुनावी रण में आशा हुड्डा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हरियाणा के चुनावी दंगल में स्टार प्रचारकों के अलावा नेताओं के परिवार की महिलाएं भी पीछे नहीं हैं। पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा की धर्मपत्नी आशा हुड्डा अपनी एक खास शैली में वोटरों को लुभा रही हैं। चुनाव प्रचार के दौरान वे किसी का नाम लेने से गुरेज कर रही हैं, लेकिन इशारों-इशारों में अपनी बात को मतदाताओं तक बखूबी पहुंचा देती हैं। उन्हें चुनावी महफिल को लूटना खूब आता है। 
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भाजपा के शासनकाल पर साध रही निशाना
बड़े हुड्डा की पत्नी, वोटरों को पूर्व सीएम मनोहर लाल के 10 साल की दास्तां बड़े रोचक तरीके से सुनाकर उन्हें साध रही हैं। वे प्रदेश में खुलेआम नशे की बिक्री पर भी बोलती हैं तो यह भी कह देती हैं कि जो राजा 'सीएम', अपनी प्रजा की बात नहीं सुनता, उसे राज करने का कोई अधिकार नहीं है। आज ये मौका आया है कि जब इस सरकार को बदल दो। आशा हुड्डा, प्रदेश की सियासत में इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल बहुत सधे हुए तरीके से करती हैं। 
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रोहतक के कई विधानसभाओं में सक्रिय हैं आशा हुड्डा
आशा हुड्डा, पिछले कई दिनों से रोहतक लोकसभा सीट के अंतर्गत आने वाले कुछ विधानसभा क्षेत्रों में सक्रिय हैं। इनमें रोहतक शहर, महम, कलानौर व गढ़ी सांपला-किलोई सीट शामिल है। आशा हुड्डा, कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर हैं। अगर उनके संचार कौशल की बात करें तो वे  प्रभावी शैली में हिंदी, अंग्रेजी, पंजाबी और हरियाणवी बोल लेती हैं। कई भाषाओं पर उनकी बेहतर पकड़ होने के चलते वे राजनीतिक और सामाजिक मामलों को अच्छी तरह से समझती हैं। यही वजह है कि सभी तरह के वोटरों के साथ वे अच्छे तरीके से संवाद कर उनसे जुड़ जाती हैं। लोकसभा चुनाव के दौरान भी वे रोहतक क्षेत्र में काफी सक्रिय रही थीं। कई इलाकों में उन्होंने महिलाओं के साथ संवाद किया था।
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महिला कार्यकर्ताओं को खास तौर पर कर रही प्रेरित
आशा हुड्डा ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को मतदान केंद्रों का प्रबंधन करने के लिए प्रेरित किया था। उनकी प्रेरणा से ही कांग्रेस की कई महिला कार्यकर्ताओं ने पोलिंग एजेंट की जिम्मेदारी को कुशलतापूर्वक निभाया था। मतदाताओं के लिए पर्चियां तैयार करने का काम भी महिलाओं ने किया था। अपनी चुनावी सभाओं के दौरान, वे न केवल आम आदमी से संबंधित मुद्दों को उठाती हैं, बल्कि लोगों को उन ताकतों के बारे में भी आगाह करती हैं, जो अपने निजी हितों की पूर्ति के लिए समाज को धर्म और जातियों में विभाजित करने का काम कर रहे हैं। वे हरियाणा में खुलेआम हो रही नशे की बिक्री का मुद्दा भी उठाती हैं। 

नशे को लेकर भाजपा पर बरसीं आशा हुड्डा
उन्होंने कहा, पहले हरियाणा के बॉर्डर पर सख्ती होती थी। नतीजा, प्रदेश में नशा नहीं पहुंच पाता था। अब भाजपा सरकार के दस वर्ष के शासनकाल में नशे का प्रयोग आम हो चुका है। घर तबाह हो रहे हैं। एक बच्चा नशे का शिकार होता है तो पूरा परिवार बर्बाद हो जाता है। हमारा वादा है कि जब प्रदेश में कांग्रेस पार्टी की सरकार बनेगी तो नशा कहीं भी नहीं दिखाई देगा। हरियाणा प्रदेश को नशा मुक्त बनाएंगे।


'जो आपकी तकलीफ न सुने, उस सत्ता में रहने का अधिकार नहीं'
वे इशारों-इशारों में पूर्व सीएम मनोहर लाल पर भी निशाना साधती हैं। वजह, मनोहर लाल के कार्यकाल में बहुत से कर्मचारी संगठनों और आम लोगों को यह शिकायत रहती थी कि उनकी बात नहीं सुनी जाती। अपनी जनसभाओं में आशा कहती हैं, मेरा ऐसा मानना है कि जो भी कोई व्यक्ति विधायक, मंत्री या मुख्यमंत्री बनता है तो वह लोगों के वोट से बनता है। उसका फर्ज है कि वह उन लोगों की दुख तखलीफ सुने। आशा वर्कर, आंगनवाड़ी वर्कर, गेस्ट टीचर या सरकारी कर्मचारी, इनकी बात तो सुनी ही नहीं गई। किसानों के साथ क्या हुआ, ये सबको मालूम है। उन्हें अपनी बात कहने के लिए एक वर्ष से अधिक समय तक सड़कों पर बैठना पड़ा था। जब ये सरकार सुनने के लिए ही तैयार नहीं है तो लोगों के दुख दर्द को सुलझाने का तो सवाल ही नहीं उठता। जो सरकार अपने लोगों की बात, उनकी तकलीफ नहीं सुनती, उसे सत्ता में रहने का कोई अधिकार नहीं है। आज आपके पास अवसर है, ऐसी सरकार को बदल दो।

चुनाव के वक्त घड़ियाली आंसू बहा रही बीजेपी- आशा हुड्डा
पिछले दिनों आशा हुड्डा, रोहतक क्षेत्र में रविदास समुदाय के सदस्यों की तरफ से आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुईं। उन्होंने कहा, भाजपा सरकार ने पिछले एक दशक में रोहतक शहर के निवासियों को दयनीय जीवन जीने के लिए मजबूर किया है। अब चुनाव आया है तो वे लोगों के सामने घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं। अब प्रदेश में जाति को लेकर लोगों को गुमराह करने का प्रयास हो रहा है। कुछ नेता भ्रामक जानकारी फैला रहे हैं। उन्होंने ऐसे लोगों के खिलाफ आम लोगों को आगाह किया। आशा ने कहा, वे उनकी बातों में न आएं। किसी बात पर यकीन करने से पहले उस पर सोचें। नेताओं की झूठी बातों से गुमराह न हों। भाजपा नेताओं ने पिछले दिनों कुमारी शैलजा और दलित समुदाय को लेकर कई तरह की बयानबाजी की थी। आशा हुड्डा ने कहा, रविदास समाज और कांग्रेस पार्टी हमेशा एक साथ रहे हैं। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष हों या प्रदेश अध्यक्ष, दोनों इसी समुदाय से आते हैं। यह कोई साधारण चुनाव नहीं है, बल्कि भारतीय संविधान को बचाने की लड़ाई है। 

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