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Ukrain Russia War: यूक्रेन से लौटे भारतीय छात्रों के लिए विशेषज्ञ समिति गाठित, आगे की शिक्षा के लिए देगी सुझाव
Thu, 26 Jan 2023 06:49 AM IST
वीरेंद्र शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Thu, 26 Jan 2023 06:49 AM IST
सार
समिति एक बार बैठक भी कर चुकी है। वह राज्यों के साथ कुछ परामर्श भी करना चाहती है। भाटी ने पीठ से कहा, कृपया हमें छह और सप्ताह दें, ताकि हम एक समाधान ढूंढ़ सकें।
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विस्तार
केंद्र सरकार ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया कि रूस के हमले की वजह से यूक्रेन से वापस देश आए लगभग 20000 भारतीय छात्रों को भारत में चिकित्सा शिक्षा पूरी करने को लेकर एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया है। केंद्र सरकार की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) ऐश्वर्या भाटी ने जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस विक्रमनाथ की पीठ को बताया, कार्ट के पहले के आदेश का पालन करते हुए केंद्र ने एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया है।
उन्होंने बताया, समिति एक बार बैठक भी कर चुकी है। वह राज्यों के साथ कुछ परामर्श भी करना चाहती है। भाटी ने पीठ से कहा, कृपया हमें छह और सप्ताह दें, ताकि हम एक समाधान ढूंढ़ सकें। यह अंतिम वर्ष के छात्रों के लिए है। जिसके बाद पीठ ने सुनवाई को छह हफ्ते के लिए स्थगित कर दिया। कोर्ट ने सरकार से छात्रों की स्थितियों का समाधान खोजने के लिए समिति गठित करने को कहा था।
ये छात्र राष्ट्रीय संपत्ति हो सकते हैं
कोर्ट का मानना था कि जब देश डॉक्टरों की कमी है तो ये छात्र राष्ट्रीय संपत्ति हो सकते हैं। बुधवार को याचिकाकर्ताओं के पक्ष के एक वकील ने बताया कि यूक्रेन में युद्ध अभी भी उग्र होने के कारण पहले से पांचवें वर्ष के सभी छात्र प्रभावित हैं। इस पर पीठ ने कहा, हम ऐसे मामलों में दखल देने में बहुत धीमे हैं। कभी-कभी कठिन मामले होते हैं।
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उन्होंने बताया, समिति एक बार बैठक भी कर चुकी है। वह राज्यों के साथ कुछ परामर्श भी करना चाहती है। भाटी ने पीठ से कहा, कृपया हमें छह और सप्ताह दें, ताकि हम एक समाधान ढूंढ़ सकें। यह अंतिम वर्ष के छात्रों के लिए है। जिसके बाद पीठ ने सुनवाई को छह हफ्ते के लिए स्थगित कर दिया। कोर्ट ने सरकार से छात्रों की स्थितियों का समाधान खोजने के लिए समिति गठित करने को कहा था।
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ये छात्र राष्ट्रीय संपत्ति हो सकते हैं
कोर्ट का मानना था कि जब देश डॉक्टरों की कमी है तो ये छात्र राष्ट्रीय संपत्ति हो सकते हैं। बुधवार को याचिकाकर्ताओं के पक्ष के एक वकील ने बताया कि यूक्रेन में युद्ध अभी भी उग्र होने के कारण पहले से पांचवें वर्ष के सभी छात्र प्रभावित हैं। इस पर पीठ ने कहा, हम ऐसे मामलों में दखल देने में बहुत धीमे हैं। कभी-कभी कठिन मामले होते हैं।
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