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ऐतिहासिक बदलाव: कोलकाता में पहली बार चार महिलाएं कराएंगी दुर्गा पूजा, बुजुर्ग पुजारी के निधन के बाद समिति ने लिया फैसला
Thu, 02 Sep 2021 02:33 PM IST
प्रशांत कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: प्रशांत कुमार झा
Updated Thu, 02 Sep 2021 02:33 PM IST
सार
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, एक दशक पहले, नंदिनी, रुमा, सीमांती और पॉलोमी ने ‘शुभमस्तु’ नाम के एक ग्रुप का गठन किया था, यह समूह विभिन्न सामाजिक और धार्मिक आयोजन करता है, लेकिन पहली बार इस साल ग्रुप की सदस्य पुजारी के रूप में दुर्गा पूजा कराएंगी।
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बंगाल की दुर्गा पूजा
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
कोलकाता का दुर्गा पूजा इस साल बेहद खास होने वाला है। कोलकाता की 66 पल्ली दुर्गा पूजा कमेटी ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए महिला पुजारी से पूजा कराने का फैसला किया है। समिति ने क्लब की दुर्गा पूजा पुरुष पुजारी की जगह 4 महिला पुजारी से संपन्न कराने की घोषणा की है । समिति ने यह फैसला उस वक्त लिया जब समिति के बुजुर्ग पुजारी का पिछले साल निधन हो गया। बता दें कि इस साल अक्तूबर के दूसरे सप्ताह में नवरात्र है और बंगाल की दुर्गा पूजा पूरी दुनिया में चर्चित है।
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मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, एक दशक पहले, नंदिनी, रुमा, सीमांती और पॉलोमी ने ‘शुभमस्तु’ नाम के एक ग्रुप का गठन किया था, यह समूह विभिन्न सामाजिक और धार्मिक आयोजन करता है, लेकिन पहली बार इस साल ग्रुप की सदस्य पुजारी के रूप में दुर्गा पूजा कराएंगी। कोलकाता में 66 पल्ली दुर्गा पूजा समिति द्वारा आयोजित सभी अनुष्ठानों को महिलाएं करेंगी।
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'मायर हाते मायेर अबहोन'
इस साल 66 पल्ली के पूजा का थीम महिला सशक्तिकरण रखा गया है। इसका मूल वाक्य है, मायर हाते मायेर अबहोन, जिसका मतलब है कि मां के हाथों ही होगी मां की पूजा। पूजा समिति के वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा, पूजा की थीम के तर्ज पर ही दुर्गा पूजा के इतिहास में यह पहला मौका है, जब महिलाएं पूरी पूजा करेंगी। पदाधिकारी ने बताया कि अगर महिला आयोजक हो सकती हैं, तो महिला पुजारी क्यों नहीं हो सकती?
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