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FCI: अब तक 223 लाख मीट्रिक टन गेहूं की बंपर खरीद, यूपी व बिहार पीछे
Tue, 02 May 2023 06:02 AM IST
वीरेंद्र शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Tue, 02 May 2023 06:02 AM IST
सार
केंद्र ने 500 नए केंद्र खोल कर बिक्री में तेजी लाने को कहा है। इस साल सरकारी खरीद के माध्यम से केंद्र ने 341.50 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा है। जहां खरीद सुस्त है, वहां एफसीआई तेजी लाने के उपायों में जुटा हैं।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
गेहूं खरीद को लेकर भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) खासी चुनौतियों से जूझ रहा है। एक तरफ जहां पंजाब, मध्य प्रदेश और हरियाणा की तेजी के चलते अब तक 223 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो चुकी है। जबकि पिछले साल यह आंकड़ा इस समय 161 मीट्रिक टन था। वहीं दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान सरीखे राज्यों में गेहूं की सरकारी खरीद में सुस्ती बनी हुई है।
केंद्र ने 500 नए केंद्र खोल कर बिक्री में तेजी लाने को कहा है। इस साल सरकारी खरीद के माध्यम से केंद्र ने 341.50 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा है। जहां खरीद सुस्त है, वहां एफसीआई तेजी लाने के उपायों में जुटा हैं। इसलिए निगम ने राज्य सरकारों से कहा है कि खरीद केंद्र बढाएं, जिला, मुख्यालयों, ग्राम पंचायतों और स्थानीय स्तर पर भी खरीद की अनुमति दी गई है। एफसीआई देशभर में खोले गए 17,822 बिक्री केंद्रों के माध्यम से खरीद कर रहा। जबकि पिछले साल इनकी संख्या 17,320 थी। केंद्र सरकार 2125 रुपये प्रति कुंतल के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बफर स्टॉक के लिए गेहूं की खरीद कर रही है। भारतीय खाद्य निगम के आंकड़ों के मुताबिक 15 जून तक उत्तर प्रदेश से 35 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य है, लेकिन अभी मंजिल दूर है।
गर्मी की फसल का रकबा मामूली कम होकर 65.29 लाख हेक्टेयर
देश में अभी तक गर्मियों की फसल का रकबा मामूली घटकर 65.29 लाख हेक्टेयर रह गया है। कृषि मंत्रालय के आंकड़ों से पता चलता है कि धान और तिलहन का रकबा कम है, जबकि दलहन और मोटे अनाज का रकबा बढ़ा है। मंत्रालय ने सोमवार को 28 अप्रैल, 2023 तक ग्रीष्मकालीन फसलों के खेती के रकबे में हुई प्रगति का ब्योरा जारी किया। आंकड़ों के अनुसार, अभी तक धान का रकबा 27.45 लाख हेक्टेयर है, जो एक साल पहले की समान अवधि में 29.14 लाख हेक्टेयर था। दलहन का रकबा 16.23 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 17.57 लाख हेक्टेयर हो गया। मोटे अनाज का बुवाई क्षेत्र 10.19 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 10.86 लाख हेक्टेयर हो गया।
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केंद्र ने 500 नए केंद्र खोल कर बिक्री में तेजी लाने को कहा है। इस साल सरकारी खरीद के माध्यम से केंद्र ने 341.50 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा है। जहां खरीद सुस्त है, वहां एफसीआई तेजी लाने के उपायों में जुटा हैं। इसलिए निगम ने राज्य सरकारों से कहा है कि खरीद केंद्र बढाएं, जिला, मुख्यालयों, ग्राम पंचायतों और स्थानीय स्तर पर भी खरीद की अनुमति दी गई है। एफसीआई देशभर में खोले गए 17,822 बिक्री केंद्रों के माध्यम से खरीद कर रहा। जबकि पिछले साल इनकी संख्या 17,320 थी। केंद्र सरकार 2125 रुपये प्रति कुंतल के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बफर स्टॉक के लिए गेहूं की खरीद कर रही है। भारतीय खाद्य निगम के आंकड़ों के मुताबिक 15 जून तक उत्तर प्रदेश से 35 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य है, लेकिन अभी मंजिल दूर है।
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गर्मी की फसल का रकबा मामूली कम होकर 65.29 लाख हेक्टेयर
देश में अभी तक गर्मियों की फसल का रकबा मामूली घटकर 65.29 लाख हेक्टेयर रह गया है। कृषि मंत्रालय के आंकड़ों से पता चलता है कि धान और तिलहन का रकबा कम है, जबकि दलहन और मोटे अनाज का रकबा बढ़ा है। मंत्रालय ने सोमवार को 28 अप्रैल, 2023 तक ग्रीष्मकालीन फसलों के खेती के रकबे में हुई प्रगति का ब्योरा जारी किया। आंकड़ों के अनुसार, अभी तक धान का रकबा 27.45 लाख हेक्टेयर है, जो एक साल पहले की समान अवधि में 29.14 लाख हेक्टेयर था। दलहन का रकबा 16.23 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 17.57 लाख हेक्टेयर हो गया। मोटे अनाज का बुवाई क्षेत्र 10.19 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 10.86 लाख हेक्टेयर हो गया।
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