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Sikkim: दूसरे दिन भी हवाई निकासी का काम युद्धस्तर पर जारी, पांच सौ से अधिक लोगों को निकाला
Tue, 10 Oct 2023 01:39 PM IST
श्वेता महतो
एन. अर्जुन, गंगगोट मंगन
एन. अर्जुन, गंगगोट मंगन
Published by: श्वेता महतो
Updated Tue, 10 Oct 2023 01:39 PM IST
सार
बीआरओ के महानिदेशक ने सेना प्रमुख को प्रारंभिक क्षति आकलन और प्रभावित सड़कों और पुलों की बहाली की योजनाओं के बारे में जानकारी दी। डीजी बीआरओ त्रिशक्ति कोर के इंजीनियर अधिकारियों के साथ पिछले कुछ दिनों से विस्तृत जानकारी जानकारी एकत्रित कर रहे हैं।
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Flood in Sikkim
- फोटो : Social Media
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विस्तार
भीषण बाढ़ से प्रभावित सिक्किम में राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है। सोमवार के बाद मंगलवार को भी मंगन जिलों सहित अन्य जिलों में फंसे पर्यटकों और लोगों को निकालने का काम जारी है। अब तक पांच सौ से अधिक लोगों को निकाला जा चुकाहै। मंगलवार से ही हवाई निकासी लागातार जारी है। लाचेन से सेना हेलीपैड, लिबिंग तक सेना के हेलीकॉप्टरों ने पहले ही तीन उड़ानें पूरी कर ली हैं और 6 बच्चों सहित 76 लोगों को बचाया है। इससे पहले थल सेनाध्यक्ष जनरल मनोज पांडे ने उत्तरी बंगाल और सिक्किम का दौरा किया और बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया।
जनरल पांडे ने पूर्वी सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल राणा प्रताप कलिता और जीओसी त्रिशक्ति कोर लेफ्टिनेंट जनरल वीपीएस कौशिक के साथ स्थिति का आकलन करने के लिए दो दिन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। इस बीच, गंगटोक के मंगन जिले में फंसे हुए पर्यटकों और लोगों को निकालने का काम युद्धस्तर पर जारी है। कोलकाता में रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि सेना प्रमुख रविवार और सोमवार को पश्चिम बंगाल और सिक्किम के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरान थलसेना अध्यक्ष ने सिक्किम के मुख्यमंत्री पीएस तमांग से बातचीत की और उन्हें हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया।
बीआरओ के महानिदेशक ने सेना प्रमुख को प्रारंभिक क्षति आकलन और प्रभावित सड़कों और पुलों की बहाली की योजनाओं के बारे में जानकारी दी। डीजी बीआरओ त्रिशक्ति कोर के इंजीनियर अधिकारियों के साथ पिछले कुछ दिनों से विस्तृत जानकारी जानकारी एकत्रित कर रहे हैं। इस दौरान सभी एजेंसियों के साथ कई बैठकें की गई हैं और एक योजना तैयार की गई है। यात्रा के दौरान, सेना प्रमुख ने सैनिकों के साथ बातचीत की और इस चुनौतीपूर्ण समय के दौरान प्रदर्शित दृढ़ता और समर्पण के लिए उनकी सराहना की। उन्होंने सीमा पर उच्च परिचालन तत्परता बनाए रखने के लिए सैनिकों की सराहना की।
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सोमवार को भी हेलीकॉप्टरों ने भरी थी उड़ान सिक्किम में मौसम के साथ देते ही भारतीय सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ, एसएसडीएमए , वायु सेना, भारतीय रिजर्व बटालियन, सिक्किम पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने युद्धस्तर पर लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना शुरू कर दिया है। सोमवार को 23 अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों सहित 390 लोगों को निकाला गया। इसमें हेलीकॉप्टर से 100 और पैदल 290 लोग शामिल हैं। उत्तरी सिक्किम को फिर से जोड़ने के प्रयास में, भारतीय सेना के जवान कनेक्टिविटी बहाल करने के लिए व्यापक अभियान चला रहे हैं। उत्तरी सिक्किम को फिर से जोड़ने के लिए नए पैदल पुल बनाए जा रहे हैं और बहाली का काम चल रहा है। जानकारी के मुताबिक सोमवार को मौसम ने थोड़ा साथ दिया।
सोमवार सुबह से लाचेन में फंसे लोगों को हेलीकॉप्टर से निकालने की प्रक्रिया शुरू हो गई। सोमवार को कुल सात हेलीकॉप्टरों ने उड़ानें भरीं। इनमें छह सेना के हेलीकॉप्टरों ने और एक सिक्किम ऊर्जा लिमिटेड के हेलीकॉप्टरों ने उड़ान भरी। वीटी-ओएससी 5-सीटर ट्विन इंजन हेलीकॉप्टरों को मंगन हेलीपैड पर उतारा गया। सोमवार को कुल 100 लोगों को निकाला गया। इनमें 42 पुरुष और 58 महिलाएं शामिल हैं। निकाले गए लोगों में 74 भारतीय पर्यटक, 16 अंतरराष्ट्रीय पर्यटक, 7 स्थानीय, 2 सेना के जवान और 1 मरीज शामिल थे। इन सभी लिकाले गए लोगों को बाद में बस से गंगटोक भेजा गया। चुंगथांग से पैदल मार्ग से निकाले गए 290 लोग इसी तरह से चुंगथांग से 290 लोगों को निकाला गया।
एसएसडीएमए ने बताया कि सोमवार को चुंगथांग में फंसे हुए करीब 290 लोगों को पैदल निकाला गया। सुरक्षा बलों को जवानों ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों सहित फंसे हुए लोगों को चुंगथांग में अस्थायी बांस पुल को पार करने में भी मदद की। फंसे हुए लोग ने ऊपरी दज़ोंगु और निचले दज़ोंगु के रास्ते से यात्रा की और ब्रिंगबोंग फुटब्रिज को पार किया और अंत में रंगरंग पहुंचे। जानकारी के मुताबिक उन्हें गंगटोक के लिए बस सेवा के साथ-साथ आवास की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। खबर लिखे जाने तक ब्रिंगबॉन्ग चेकपोस्ट से निकाले गए लोगों में 157 भारतीय पर्यटक, 7 अंतरराष्ट्रीय पर्यटक और 55 मजदूर हैं।
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जनरल पांडे ने पूर्वी सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल राणा प्रताप कलिता और जीओसी त्रिशक्ति कोर लेफ्टिनेंट जनरल वीपीएस कौशिक के साथ स्थिति का आकलन करने के लिए दो दिन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। इस बीच, गंगटोक के मंगन जिले में फंसे हुए पर्यटकों और लोगों को निकालने का काम युद्धस्तर पर जारी है। कोलकाता में रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि सेना प्रमुख रविवार और सोमवार को पश्चिम बंगाल और सिक्किम के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरान थलसेना अध्यक्ष ने सिक्किम के मुख्यमंत्री पीएस तमांग से बातचीत की और उन्हें हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया।
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बीआरओ के महानिदेशक ने सेना प्रमुख को प्रारंभिक क्षति आकलन और प्रभावित सड़कों और पुलों की बहाली की योजनाओं के बारे में जानकारी दी। डीजी बीआरओ त्रिशक्ति कोर के इंजीनियर अधिकारियों के साथ पिछले कुछ दिनों से विस्तृत जानकारी जानकारी एकत्रित कर रहे हैं। इस दौरान सभी एजेंसियों के साथ कई बैठकें की गई हैं और एक योजना तैयार की गई है। यात्रा के दौरान, सेना प्रमुख ने सैनिकों के साथ बातचीत की और इस चुनौतीपूर्ण समय के दौरान प्रदर्शित दृढ़ता और समर्पण के लिए उनकी सराहना की। उन्होंने सीमा पर उच्च परिचालन तत्परता बनाए रखने के लिए सैनिकों की सराहना की।
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सोमवार को भी हेलीकॉप्टरों ने भरी थी उड़ान सिक्किम में मौसम के साथ देते ही भारतीय सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ, एसएसडीएमए , वायु सेना, भारतीय रिजर्व बटालियन, सिक्किम पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने युद्धस्तर पर लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना शुरू कर दिया है। सोमवार को 23 अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों सहित 390 लोगों को निकाला गया। इसमें हेलीकॉप्टर से 100 और पैदल 290 लोग शामिल हैं। उत्तरी सिक्किम को फिर से जोड़ने के प्रयास में, भारतीय सेना के जवान कनेक्टिविटी बहाल करने के लिए व्यापक अभियान चला रहे हैं। उत्तरी सिक्किम को फिर से जोड़ने के लिए नए पैदल पुल बनाए जा रहे हैं और बहाली का काम चल रहा है। जानकारी के मुताबिक सोमवार को मौसम ने थोड़ा साथ दिया।
सोमवार सुबह से लाचेन में फंसे लोगों को हेलीकॉप्टर से निकालने की प्रक्रिया शुरू हो गई। सोमवार को कुल सात हेलीकॉप्टरों ने उड़ानें भरीं। इनमें छह सेना के हेलीकॉप्टरों ने और एक सिक्किम ऊर्जा लिमिटेड के हेलीकॉप्टरों ने उड़ान भरी। वीटी-ओएससी 5-सीटर ट्विन इंजन हेलीकॉप्टरों को मंगन हेलीपैड पर उतारा गया। सोमवार को कुल 100 लोगों को निकाला गया। इनमें 42 पुरुष और 58 महिलाएं शामिल हैं। निकाले गए लोगों में 74 भारतीय पर्यटक, 16 अंतरराष्ट्रीय पर्यटक, 7 स्थानीय, 2 सेना के जवान और 1 मरीज शामिल थे। इन सभी लिकाले गए लोगों को बाद में बस से गंगटोक भेजा गया। चुंगथांग से पैदल मार्ग से निकाले गए 290 लोग इसी तरह से चुंगथांग से 290 लोगों को निकाला गया।
एसएसडीएमए ने बताया कि सोमवार को चुंगथांग में फंसे हुए करीब 290 लोगों को पैदल निकाला गया। सुरक्षा बलों को जवानों ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों सहित फंसे हुए लोगों को चुंगथांग में अस्थायी बांस पुल को पार करने में भी मदद की। फंसे हुए लोग ने ऊपरी दज़ोंगु और निचले दज़ोंगु के रास्ते से यात्रा की और ब्रिंगबोंग फुटब्रिज को पार किया और अंत में रंगरंग पहुंचे। जानकारी के मुताबिक उन्हें गंगटोक के लिए बस सेवा के साथ-साथ आवास की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। खबर लिखे जाने तक ब्रिंगबॉन्ग चेकपोस्ट से निकाले गए लोगों में 157 भारतीय पर्यटक, 7 अंतरराष्ट्रीय पर्यटक और 55 मजदूर हैं।