देश के इन राज्यों में बाढ़ और भारी बारिश से बिगड़ी स्थिति, मध्यप्रदेश में 454 गांव डूबे, आठ की मौत
- अगले 48 घंटे भारी बारिश का अनुमान, सीएम ने बुलाई उच्च स्तरीय बैठक
- सबसे बुरा हाल सीहोर में, वायुसेना ने फंसे 60 लोगों को किया एयरलिफ्ट
विस्तार
मध्यप्रदेश में बीते दो दिन से हो रही जोरदार बारिश से 12 जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं। इन जिलों के 454 से अधिक गांव पानी में डूबे हैं। प्रदेश में बाढ़ और बारिश से अब तक आठ जानें जा चुकी हैं और 10 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। सबसे बुरा हाल सीहोर में है, जहां एक 13 वर्ष की किशोरी और एक 35 वर्षीय महिला की मौत हो गई। वहीं 60 लोगों को वायुसेना के हेलिकॉप्टर से एयरलिफ्ट किया गया। अगले दो दिन और भारी बारिश का अनुमान है।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बाढ़ के हालात देखते हुए रविवार को उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक बुलाई। उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी को भी फोन कर बाढ़ की स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने कहा, पीएम ने पूरी मदद देने का आश्वासन दिया है। संकट की इस घड़ी में शासन प्रशासन जनता के साथ है और हम इससे जीतकर निकलेंगे। मैं खुद पूरी स्थिति पर नजर रख रहा हूं। मेरे कार्यालय को कंट्रोल रूम बनाया गया है।
चौहान ने बताया कि सबसे अधिक प्रभावित जिलों में होशंगाबाद, सीहोर, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, नागपुर, विदिशा में है। उन्होंने कहा, मैंने आज पांच जिलों का हवाई दौरा किया। देवास, हंडिया, होशंगाबाद, सीहोर और रायसेन में पानी का स्तर कुछ कम हुआ है। हालांकि अब भी वहां हालात बुरे हैं, 170 राहत शिविरों में 9300 से अधिक लोग ठहरे हुए हैं।
सीहोर में सुबह 3:10 बजे एक घर बारिश में ढह गया, इसमें 35 वर्षीय रुखसार बी की मौत हो गई और जबकि मलबे में दबे तीन लोगों को बचा लिया गया। वायुसेना के हेलिकॉप्टर ने छिंदवाड़ा में फंसे पांच लोगों को भी एयरलिफ्ट किया है। प्रदेश के कई जिलों से बहने वाली नर्मदा नदी में कई स्थानों पर जलस्तर बढ़ गया है। आने वाले दिनों में भारी बारिश से हालात और बिगड़ सकते हैं।
राहत कार्य में लगाई गई सेना
सेना के एक कॉलम को होशंगाबाद में राहत कार्य में तैनात किया गया है। पांच अन्य कॉलम भी इनके साथ राहत कार्य शुरू करेंगे। एक कॉलम में 70 जवान होते हैं। वहीं सीएम ने शनिवार को राजनाथ सिंह से भी मदद मांगी थी। जिसके बाद तीन हेलिकॉप्टरों को बचाव अभियान में लगाया गया है। दो और हेलिकॉप्टर शीघ्र राहत कार्य से जुड़ेंगे।
नागपुर में से 14000 लोग निकाले गए
महाराष्ट्र में भी बारिश और बाढ़ का कहर जारी है। नागपुर से रविवार को एनडीआरएफ की टीमों ने 36 गांवों से बाढ़ में फंसे 14234 हजार लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। वहीं पुणे से चार एनडीआरएफ टीमों को एयरलिफ्ट कर नागपुर और चंदरपुर में तैनात किया गया है।
उधर, ओडिशा में महानदी उफान पर
ओडिशा में महानदी का जल स्तर बढ़ने के बाद कई हिस्सों में बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई। चार नदियों से 32 जगहों पर जलभराव हुआ है। राज्य में बारिश और बाढ़ से अब तक 17 मौतें हो चुकी हैं और 20 जिलों, 21 शहरी क्षेत्र और 3256 गांवों से के 14.32 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। छत्तीसगढ़ में भी भारी बारिश के कारण नदियाें का जलस्तर बढ़ गया है।
राजस्थान, गुजरात, यूपी समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने रविवार को राजस्थान, गुजरात और यूपी समेत कई राज्यों में अगले दो तीन दिन भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। राजस्थान में एक बार फिर मॉनसून सक्त्रिस्य हो गया है. पूर्वी राजस्थान के बाद पश्चिमी हिस्से में भी बारिश का अलर्ट है। अगले चार दिन नागौर सहित पश्चिमी राजस्थान के कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है। पूर्वी यूपी के कई इलाकों में मूसलाधार बारिश जारी है।