आज हम आपको फ्लोटिंग मार्केंट्स के बारे में बताने जा रहे हैं। यानी ऐसे बाजार जो पानी में तैरते हैं। ये मार्केट दुनिया के कई बड़े देशों में मौजूद हैं। लेकिन आपको ये जानकर हैरानी होगी कि भारत भी इस मामले में पीछे नहीं है। भारत में भी ऐसे तैरते हुए बाजार मौजूद हैं। चलिए आपको बताते हैं ऐसे ही कुछ फ्लोटिंग मार्केंट्स और इनकी खासियतों के बारे में-
आगे पढ़ने के लिए लॉगिन या रजिस्टर करें
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ रजिस्टर्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ सब्सक्राइब्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
फ्री ई-पेपर
सभी विशेष आलेख
सीमित विज्ञापन
इंडोनेशिया
इंडोनेशिया में एक नहीं बल्कि कई फ्लोटिंग मार्केट हैं। यहां बेरितो नदी पर माउरा कुइन फ्लाेटिंग मार्केट है, मातापुरा नदी पर भी सिरिंग पिएरे टेंडीन मार्केट है और साउथ कलिमांतान स्थित आह पूंग नामक फ्लोटिंग मार्केट केकिस नदी पर लगता है। इंडोनेशिया के नुसानतारा फ्लोटिंग मार्केट में तो म्यूजियम भी है।
इनमें सबसे खास है इंडोनेशिया का बंजरमसिन फ्लोटिंग मार्केट। यहां कई तरह की स्थानीय हस्तकलाएं, मसाले, फल और सब्जियां बेची जाती हैं। यहां सिर्फ स्थानीय लोग ही नहीं, बल्कि पर्यटक भी खरीदारी के लिए आते हैं। यहां का लोक बैंटेन फ्लोटिंग मार्केट दुनियाभर में मशहूर है। यह बाजार सुंगाई पिनांग विलेज में स्थित है। इसे पासर अपुंग सुंगाई मार्तापुरा नाम से भी जाना जाता है। यह बिल्कुल माउरा कुइन फ्लोटिंग मार्केट की तरह है।
मिलता है ये सब सामान
बहते पानी के बीच हिचकोले लेती नाव पर क्रेता और विक्रेता कारोबार करते हैं, यह दृश्य पर्यटकों के लिए उत्सुकता भरा होता है। पानी पर बसे इस मार्केट में नाव पर सब्जी, फल, सजावट, कॉस्मेटिक्स से लेकर खाने-पीने की दुकानें भी हैं। यहां सजावट के लिए पारंपरिक क्राफ्ट से बनी वस्तुएं भी मिलती हैं।
छोटी-छोटी नावों पर सवार होकर आते हैं लोग
लोग यहां छोटी-छोटी नावों पर सवार होकर आते हैं। इन नावों को जुकुंग कहा जाता है। मार्केट तक सुबह एक बड़ी नाव के पीछे सारी नावों को बांधकर ले जाया जाता है। एक बड़ी नाव करीब 20 छोटी नावों को खींचती है। ये सभी नावें सजी हुई होती हैं। छोटी नावों पर फल, सब्जियां और मछलियां सजी होती हैं।
वियतनाम
वियतनाम में भी कई फ्लोटिंग मार्केट हैं। पहला फ्लोटिंग मार्केट साल 1915 में शुरू हुआ था। जिसका नाम है फुंग हेप मार्केट। यहां लोगों को नाव पर सवार होकर खरीदारी करनी होती है। यह यहां का सबसे बड़ा फ्लोटिंग मार्केट है। वहीं चिएन नदी पर मौजूद है काइबे फ्लोटिंग मार्केट। इसे ट्रांसपोर्ट हब भी कहा जाता है। ये मार्केट चि मिन्ह सिटी पर स्थित है। इस कारण शहर में आने वाले लोग इस मार्केट में जरूर आते थे। इसके अलावा भी देश में एक और फ्लोटिंग मार्केट है। इस मार्केट का नाम है मेकांग मार्केट। यह भी खास तरह का तैरता हुआ बाजार है।
थाईलैंड
थाईलैंड का फ्लोटिंग मार्केट पूरी दुनिया में मशहूर है। यह राजधानी बैंकॉक से 100 किमी की दूरी पर स्थित है। इस मार्केट का नाम है डेम्नोएन सडुक फ्लोटिंग मार्केट। इसे पर्यटकों के आकर्षण के लिए बनाया गया है।