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राममंदिर ट्रस्ट बैठक: विस्तार-सुरक्षा पर चर्चा, अयोध्या में हो सकता है शिलान्यास का एलान

Thu, 20 Feb 2020 05:33 AM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: गौरव पाण्डेय Updated Thu, 20 Feb 2020 05:33 AM IST
सार

रामनवमी और एकादशी के दिन अयोध्या में भीड़ बहुत रहती है। मंदिर पर फैसले के कारण इस बार भीड़ और बढ़ सकती है। ऐसे में अगर इसी दिन शिलान्यास हुआ तो प्रशासन भीड़ संभाल नहीं पाएगा। 

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first meeting of Ram Mandir Trust : discussion on security extension and date of foundation stone
राममंदिर ट्रस्ट की बैठक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की पहली बैठक में सबसे ज्यादा मंथन शिलान्यास की तारीख को लेकर हुआ। बैठक में शामिल एक सदस्य के मुताबिक निर्माण शुरू करने के लिए दो अप्रैल (रामनवमी) और चार अप्रैल (एकादशी) की दो तारीखों का विकल्प है। हालांकि बैठक में सुरक्षा-व्यवस्था और अधिगृहीत जमीन की मौजूदा स्थिति के साथ विस्तार की संभावनाओं को देखते हुए तारीख घोषित नहीं की गई।

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जानकारी के मुताबिक बैठक के दौरान विशेषज्ञों ने कहा, पहले अधिगृहीत जमीन को समतल करना जरूरी है। साथ ही निर्माण के लिए बरसात तक इंतजार भी करना होगा। विशेषज्ञों का कहना था कि रामनवमी और एकादशी के दिन अयोध्या में भीड़ बहुत रहती है। मंदिर पर फैसले के कारण इस बार भीड़ और बढ़ सकती है। ऐसे में अगर इसी दिन शिलान्यास हुआ तो प्रशासन भीड़ संभाल नहीं पाएगा। 
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शिलान्यास के दौरान खुद पीएम नरेंद्र मोदी समेत कई विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहेंगे, ऐसे में स्थिति संभालनी बड़ी चुनौती होगी। अंत में एक पखवाड़े के बाद अयोध्या में ही ट्रस्ट की दूसरी बैठक बुला कर संभावित तिथि पर विचार करने पर सहमति बनी।

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मोदी के करीबी को मिली भाजपा के ड्रीम प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी

भाजपा के उत्थान में सबसे बड़े कारक राममंदिर के निर्माण का काम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबसे करीबी ब्यूरोक्रेट नृपेंद्र मिश्र को सौपा गया है। यूपी के देवरिया जिले मूल निवासी नृपेंद्र मिश्र मोदी के 1967 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। 2014 में पहली बार पीएम बनने पर मोदी ने उन्हें अपना प्रधान सचिव नियुक्त किया था। उन्हें राममंदिर निर्माण समिति की कमान दी गई है। 

मिश्र 2006 से 2009 के बीच ट्राई के अध्यक्ष रहे और 2009 में इसी पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उन्हीं की अध्यक्षता में ही ट्राई ने अगस्त 2007 में स्पेक्ट्रम की नीलामी की सिफारिश की थी। वह दयानिधि मारन के कार्यकाल के दौरान दूरसंचार सचिव रहे थे और ब्रॉडबैंड नीति का श्रेय उन्हीं को है। 

मोदी के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में नृपेंद्र ने प्रधान सचिव के पद से इस्तीफे की पेशकश की थी, इसे पहले स्वीकार नहीं किया गया। हालांकि बाद में इस्तीफा मंजूर कर लिया गया। हाल ही में नृपेंद्र को नेहरू मेमोरियल म्यूजियम एंड लाइब्रेरी का चेयरमैन नियुक्त किया गया था। गुजरात के सीएम रहने के दौरान भी मोदी को नृपेंद्र के काम को जानने का मौका मिला था।

268 फुट से ज्यादा ऊंचा होगा रामलला का मंदिर

राम जन्मभूमि न्यास कार्यशाला में सिंतबर 1991 से ही रामजन्मभूमि पर प्रस्तावित मंदिर के लिए पत्थरों की तराशी चल रही है। विहिप नेता अशोक सिंहल की अगुवाई में तैयार हुए रामजन्मभूमि मॉडल के अनुसार रामजन्मभूमि की लंबाई 268 फीट पांच इंच, चौड़ाई 140 फीट। ऊंचाई 128 फीट रहेगा। मंदिर में कुल 212 खंभे बनेगें।

इसमें से 16 फीट ऊंचाई के 106 खंभे पहली मंजिल पर और इतने ही लंबे 14 फीट 6 इंच ऊंचाई के दूसरी मंजिल पर लगेगें। इन सभी खंभों में 16 मूर्तियां होंगी। मंदिर के अगले भाग में सिंहद्वार, नृत्यमंडप, रंगमंडप और गर्भगृह बनेगा। इसी गर्भगृह में भगवान राम की मूर्ति लगाई जाएगी। राममंदिर के लिए अब तक सवा लाख घनफुट पत्थरों की तराशी भी हो चुकी है।

अयोध्या एसबीआई में खुलेगा खाता

बैठक में फैसला हुआ कि अयोध्या स्थित भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में ट्रस्ट का खाता खोला जाए, जिसमें श्रद्धालु दान कर सकें। इसका संचालन स्वामी गोविंद गिरि, चंपत राय व डॉ अनिल मिश्र में से किन्हीं दो के संयुक्त हस्ताक्षर से होगा। दिल्ली की फर्म वी शंकर अय्यर एंड कंपनी को चार्टर्ड अकाउंटेंट बनाया गया है।

एसीएस गृह व अयोध्या के डीएम ट्रस्ट में

श्रीराम जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट में यूपी के अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी व अयोध्या के जिलाधिकारी अनुज कुमार झा को पदेन सदस्य नामित किया गया है।

 

नृत्यगोपाल की भूमिका पहले ही तय थी

ट्रस्ट में मंदिर आंदोलन के प्रमुख चेहरे महंत नृत्यगोपाल दास और चंपत राय का नाम न देख कर सबको हैरानी हुई थी। बाबरी विध्वंस मामले के आरोपी होने से सरकार ने खुद नामित करने के बदले कुछ सदस्यों को ट्रस्ट में लाने का अधिकार ट्रस्टियों को दे दिया। उसी दौरान अनुभव की जरूरत के मद्देनजर नृपेंद्र मिश्र का नाम तय किया गया था। सरकार की यह रणनीति के तहत महंत और चंपत राय को न सिर्फ ट्रस्ट में नामित किया गया, बल्कि इन्हें ट्रस्ट का अध्यक्ष और महामंत्री नियुक्त कर दिया गया।

सभी सदस्य मौजूद रहे

परासरन, महंत नृत्यगोपाल दास, स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती, युगपुरुष स्वामी परमानंद, स्वामी विश्व प्रसन्नतीर्थ, स्वामी गोविंददेव गिरि, महंत दिनेंद्र दास, चंपत राय, विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र, डॉ अनिल मिश्र, कामेश्वर चौपाल, ज्ञानेश कुमार, अवनीश अवस्थी और अनुज कुमार झा।

पहली बैठक सैकड़ों वर्षों की ऐतिहासिक भूल का सुधार है। 490 साल की ऐतिहासिक भूल का परिमार्जन हुआ।
-चंपत राय, महामंत्री, ट्रस्ट

पेजावर मठ के स्वामी ने दिए पांच लाख

ट्रस्ट का कोषाध्यक्ष चुने जाने के बाद स्वामी गोविंददेव गिरि को ट्रस्ट के सदस्य और पेजावर मठ के स्वामी विश्वप्रसन्नतीर्थ ने मंदिर निर्माण के लिए पांच लाख रुपये का चेक सौंपा। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट की पहली बैठक विजया एकादशी के शुभ दिन हुई। आज छत्रपति शिवाजी और संघ के दूसरे सरसंघचालक गोलवरलकरजी का जन्मदिन है। महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। गोविंद गिरि ने कहा कि मंदिर निर्माण इस साल अप्रैल से शुरू हो जाएगा। हमें उम्मीद है कि भगवान राम का भव्य मंदिर तीन-साढ़े तीन साल में बनकर तैयार हो जाएगा।

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