{"_id":"621348e2ac8eea6e230d82f8","slug":"first-batch-of-3-mh-60r-multi-role-helicopters-to-arrive-in-mid-july-for-indian-navy-mh-60r-advanced-maritime-multi-mission-helicopter-in-operation-what-is-its-characteristic","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"3 MH-60R Multi-Role Helicopter: नौसेना को हेलीकॉप्टर का पहला बैच मिलने वाला है, क्या है इसकी विशेषता?","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
3 MH-60R Multi-Role Helicopter: नौसेना को हेलीकॉप्टर का पहला बैच मिलने वाला है, क्या है इसकी विशेषता?
Mon, 21 Feb 2022 01:40 PM IST
प्रतिभा ज्योति
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: प्रतिभा ज्योति
Updated Mon, 21 Feb 2022 01:40 PM IST
विज्ञापन
निरंतर एक्सेस के लिए सब्सक्राइब करें
सार
आगे पढ़ने के लिए लॉगिन या रजिस्टर करें
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ रजिस्टर्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ सब्सक्राइब्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
फ्री ई-पेपर
सभी विशेष आलेख
सीमित विज्ञापन
सब्सक्राइब करें
3 एमएच-60आर मल्टी-रोल हेलीकाप्टर
- फोटो :
ANI
विस्तार
भारतीय नौसेना की ताकत अब कई गुणा बढ़ने वाली है। रिपोर्ट्स के मुताबिक जुलाई के मध्य तक नौसेना को 3 एमएच-60आर मल्टी-रोल हेलीकाप्टर्स का पहला बैच मिलने वाला है। इस हेलीकॉप्टर्स की तैनाती जहाजों पर की जाएगी। जहाजों पर तैनात किए जाने वाला यह नौसेना का पहला बड़ा हेलीकॉप्टर होगा। भारतीय नौसेना की समुद्री जंगी ताकत में इजाफे के लिहाज से इन हेलीकॉप्टर्स को बेहद अहम माना जा रहा है। इसके लिए भारत ने अमेरिका के साथ अनुबंध किया है।पिछले साल जुलाई में सैन डिएगो के नेवी एयर बेस स्टेशन में हुए समारोह में अमेरिकी नौसेना ने भारतीय नौसेना को औपचारिक तौर पर तीन हेलीकॉप्टर सौंपे थे। अभी इसका उपयोग पेंसाकोला, फ्लोरिडा और सैन डिएगो में भारतीय पायलटों के प्रशिक्षण के लिए किया जा रहा है। वहीं रूस से छह Kamov Ka-31 अर्ली वार्निंग हेलीकॉप्टरों की खरीद का मामला भी प्रगति पर है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हेलीकॉप्टर जून और जुलाई के मध्य में भारत आने वाला है और इसकी कोच्चि में तैनाती की जाएगी। इन हेलीकॉप्टर्स का निर्माण अमेरिकी कंपनी लॉकहीड मार्टिन ने किया है। एमएच 60 रोमियो हेलीकॉप्टर भारत के पुराने हो चुके सी किंग हेलीकॉप्टर्स की जगह लेंगे, जिसका निर्माण ब्रिटेन ने किया था।
MH-60R मल्टी रोल हेलीकॉप्टर नॉर्थ आइलैंड सैन डिएगो में अमेरिकी नौसेना ने 16 जुलाई 21 को सौंपा।
- फोटो :
Twitter : @SpokespersonMoD
डील कब हुई थी?
अमेरिका से इस हेलीकॉप्टर की खरीद की डील पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की फरवरी 2020 में हुई यात्रा के दौरान हुई थी। हालांकि कैबिनेट ने ट्रंप की यात्रा से पहले ही इस खरीद को मंजूदी दी थी। इसके लिए अमेरिका के साथ 2.4 बिलियन डॉलर के सौदे पर हस्ताक्षर किए गए थे। भारत नौसेना की लड़ाकू क्षमता बढ़ाने के लिए अमेरिका से 24 ऐसे मल्टीरोल हेलीकॉप्टर खरीद रहा है। नौसेना का कहना है कि डिलीवरी 2025 तक पूरी होने की उम्मीद है।
क्या है हेलीकॉप्टर की विशेषता?
समुद्री इलाके के लिए इसे दुनिया का सबसे उपयुक्त और शक्तिशाली हेलीकॉप्टर माना जाता है। इसकी मारक क्षमता करीब 834 किलोमीटर है और वजन 689 किलो है। इसे विमानन क्षेत्र की आधुनिक और चुनौतीपूर्ण नई प्रौद्योगिकियों के साथ कई मिशनों में सहयोग देने के लिए डिजाइन किया गया है। यह मल्टीरोल हेलीकॉप्टर आल वेदर हेलीकॉप्टर हैं और नौसेना के बेड़े में इसके शामिल होने से भारत की समुद्री रणनीतिक सुरक्षा को और मजबूती मिलेगी।
बताया जा रहा है कि यह हेलीकॉप्टर हिंद महासागर में चीनी पनडुब्बियों की मौजूदगी का भी पता लगाने में भी माहिर है। ये हेलीकॉप्टर ऐसे समय में भारतीय नौसेना में शामिल किए जा रहे हैं जब चीनी पनडुब्बियों और जंगी जहाजों के हिंद महासगर में घुसपैठ की रिपोर्टस मिलती रही हैं।
अमेरिका से इस हेलीकॉप्टर की खरीद की डील पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की फरवरी 2020 में हुई यात्रा के दौरान हुई थी। हालांकि कैबिनेट ने ट्रंप की यात्रा से पहले ही इस खरीद को मंजूदी दी थी। इसके लिए अमेरिका के साथ 2.4 बिलियन डॉलर के सौदे पर हस्ताक्षर किए गए थे। भारत नौसेना की लड़ाकू क्षमता बढ़ाने के लिए अमेरिका से 24 ऐसे मल्टीरोल हेलीकॉप्टर खरीद रहा है। नौसेना का कहना है कि डिलीवरी 2025 तक पूरी होने की उम्मीद है।
क्या है हेलीकॉप्टर की विशेषता?
समुद्री इलाके के लिए इसे दुनिया का सबसे उपयुक्त और शक्तिशाली हेलीकॉप्टर माना जाता है। इसकी मारक क्षमता करीब 834 किलोमीटर है और वजन 689 किलो है। इसे विमानन क्षेत्र की आधुनिक और चुनौतीपूर्ण नई प्रौद्योगिकियों के साथ कई मिशनों में सहयोग देने के लिए डिजाइन किया गया है। यह मल्टीरोल हेलीकॉप्टर आल वेदर हेलीकॉप्टर हैं और नौसेना के बेड़े में इसके शामिल होने से भारत की समुद्री रणनीतिक सुरक्षा को और मजबूती मिलेगी।
बताया जा रहा है कि यह हेलीकॉप्टर हिंद महासागर में चीनी पनडुब्बियों की मौजूदगी का भी पता लगाने में भी माहिर है। ये हेलीकॉप्टर ऐसे समय में भारतीय नौसेना में शामिल किए जा रहे हैं जब चीनी पनडुब्बियों और जंगी जहाजों के हिंद महासगर में घुसपैठ की रिपोर्टस मिलती रही हैं।
3 एमएच-60आर मल्टी-रोल हेलीकाप्टर
- फोटो :
Twitter : @SpokespersonMoD
इस ऑपरेशन में है महारत हासिल
3 एमएच-60आर मल्टी-रोल हेलीकॉप्टर में निगरानी और हमला करने की कई गुणा अधिक क्षमता इसे खास बनाते हैं। इसमें कई रेडार,रात में दिखाई देने वाले उपकरण, हेलिफायर मिसाइलें, टॉरपीडो और रॉकेट लगे हैं जो दुश्मन की सबमरीन को पूरी तरह बर्बाद करने में सक्षम हैं। ये भारतीय नौसेना को सतह, पनडुब्बी भेदी युद्धक अभियानों और सर्च एंड रेस्क्यू आपरेशन को सफलता से अंजाम देने में सक्षम बनाएंगे, क्योंकि इन्हें ऑपरेशन को करने के लिए दुनिया में अभी सबसे बेहतर माना जा रहा है। अभी दुनियाभर में करीब 300 ऐसे हेलीकॉप्टर इस्तेमाल किए जा रहे हैं।
नौसेना का कहना है कि हेलीकॉप्टर्स के भारत आने के बाद भारतीय नौसेना की जरूरतों के अनुरूप उसे कई उपकरण और हथियारों से सजाया जाएगा। दुश्मन के युद्धपोतों और पनडुब्बियों को नष्ट करने वाले घातक मिसाइलों से भी लैस किया जाएगा।
3 एमएच-60आर मल्टी-रोल हेलीकॉप्टर में निगरानी और हमला करने की कई गुणा अधिक क्षमता इसे खास बनाते हैं। इसमें कई रेडार,रात में दिखाई देने वाले उपकरण, हेलिफायर मिसाइलें, टॉरपीडो और रॉकेट लगे हैं जो दुश्मन की सबमरीन को पूरी तरह बर्बाद करने में सक्षम हैं। ये भारतीय नौसेना को सतह, पनडुब्बी भेदी युद्धक अभियानों और सर्च एंड रेस्क्यू आपरेशन को सफलता से अंजाम देने में सक्षम बनाएंगे, क्योंकि इन्हें ऑपरेशन को करने के लिए दुनिया में अभी सबसे बेहतर माना जा रहा है। अभी दुनियाभर में करीब 300 ऐसे हेलीकॉप्टर इस्तेमाल किए जा रहे हैं।
नौसेना का कहना है कि हेलीकॉप्टर्स के भारत आने के बाद भारतीय नौसेना की जरूरतों के अनुरूप उसे कई उपकरण और हथियारों से सजाया जाएगा। दुश्मन के युद्धपोतों और पनडुब्बियों को नष्ट करने वाले घातक मिसाइलों से भी लैस किया जाएगा।