{"_id":"6711f292dcadb5102c06d107","slug":"fire-breaks-out-in-sealdah-esi-hospital-casualties-reason-short-circuit-news-in-hindi-2024-10-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"West Bengal: सियालदह ईएसआई अस्पताल में आग लगी, एक की मौत; शॉर्ट सर्किट बताई जा रही वजह","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
West Bengal: सियालदह ईएसआई अस्पताल में आग लगी, एक की मौत; शॉर्ट सर्किट बताई जा रही वजह
Fri, 18 Oct 2024 11:01 AM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: श्वेता महतो
Updated Fri, 18 Oct 2024 11:01 AM IST
सार
टीएमसी नेता कुणाल घोष ने कहा कि आग का कारण शॉर्ट सर्किट है। ग्राउंड फ्लोर पर आग लगने के कारण करीब 80 मरीज फंस गए थे। आग के ठीक ऊपर ऑन्कोलॉजी विभाग था, जो धुएं से भर गया था और दुर्भाग्य से एक मरीज की जान चली गई।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : संवाद
विस्तार
कोलकाता के सियालदह ईएसआई अस्पताल में शुक्रवार की सुबह आग लग गई। अग्निशमन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि घटनास्थल पर 10 दमकल वाहनों को भेजा गया और दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। अधिकारी ने बताया कि अधिकतर मरीजों को अस्पताल से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। घटना की सूचना मिलने पर पश्चिम बंगाल के अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा मंत्री सुजीत बोस अस्पताल पहुंचे। मंत्री ने बताया कि अस्पताल में सुबह करीब साढ़े पांच बजे आग लगी थी।
मामले में टीएमसी नेता कुणाल घोष ने कहा कि आग का कारण शॉर्ट सर्किट है। ग्राउंड फ्लोर पर आग लगने के कारण करीब 80 मरीज फंस गए थे। आग के ठीक ऊपर ऑन्कोलॉजी विभाग था, जो धुएं से भर गया था और दुर्भाग्य से एक मरीज की जान चली गई। प्रशासन, पुलिस और अग्निशमन विभाग ने मरीजों को बचाने में अच्छा काम किया। अग्निशमन विभाग की 10 गाड़ियां यहां काम कर रही हैं। 54 मरीजों को सियालदह ईएसआई से मानिकतला ईएसआई में स्थानांतरित किया गया है।
विज्ञापन
मामले में टीएमसी नेता कुणाल घोष ने कहा कि आग का कारण शॉर्ट सर्किट है। ग्राउंड फ्लोर पर आग लगने के कारण करीब 80 मरीज फंस गए थे। आग के ठीक ऊपर ऑन्कोलॉजी विभाग था, जो धुएं से भर गया था और दुर्भाग्य से एक मरीज की जान चली गई। प्रशासन, पुलिस और अग्निशमन विभाग ने मरीजों को बचाने में अच्छा काम किया। अग्निशमन विभाग की 10 गाड़ियां यहां काम कर रही हैं। 54 मरीजों को सियालदह ईएसआई से मानिकतला ईएसआई में स्थानांतरित किया गया है।
विज्ञापन