अमिताभ और नूतन ठाकुर के खिलाफ एफआईआर दर्ज
वाल्मीकि बस्ती के लोगों को प्रदेश के नगर विकास मंत्री आजम खां के खिलाफ भड़काने के आरोप में शहर कोतवाली पुलिस ने निलंबित आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर, उनकी पत्नी डा. नूतन ठाकुर और आरटीआई कार्यकर्ता दानिश खां खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
वहीं, अमिताभ ठाकुर का कहना है कि आरोप निराधार हैं। अधिकारों का दुरुपयोग करते हुए मुकदमा दर्ज कराया गया है।
निलंबित आईपीएस अमिताभ, नूतन ठाकुर और आरटीआई कार्यकर्ता दानिश खां रविवार (13 मार्च) को वाल्मीकि बस्ती गए थे। अमिताभ और नूतन ने वहां के लोगों के साथ बातचीत की थी। इस मामले में उत्तर प्रदेश वाल्मीकि महासभा के जिला महामंत्री सोनू कठेरिया ने शहर कोतवाली में तहरीर दी।
हिंदुओं के मकान तुड़वाने का आरोप
कठेरिया ने आरोप लगाया कि अमिताभ ठाकुर कह रहे थे कि आजम खां उनके मकानों को इसलिए तुड़वाना चाहते हैं कि ये लोग हिंदू निम्न जाति के हैं।
यदि ये बस्ती मुसलमानों की होती तो आजम इसे कभी नहीं तुड़वाते। आजम के खिलाफ बोलेगा वे उसे जेल भिजवा कर ही रहेंगे। अमिताभ ठाकुर की बात का समर्थन नूतन ठाकुर और दानिश खां कर रहे थे।
तहरीर के आधार पर पुलिस ने अमिताभ ठाकुर, उनकी पत्नी डा. नूतन ठाकुर और आरटीआई कार्यकर्ता दानिश खां के खिलाफ आईपीसी की धारा 153-ए के तहत रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।