फाइनेंसर राकेश ने रामवृक्ष पर लुटाए थे 20 लाख से ज्यादा, खातों की जांच शुरू
जवाहरबाग में जमे रामवृक्ष व उसके साथ जुटे तीन हजार से अधिक लोगों के लिए आ रही आर्थिक मदद की जांच के दौरान पुलिस के हाथ चार बैंक खातों के नंबर लगे हैं। इन खातों में हर माह लाखों का लेनदेन हुआ है। पुलिस ने इनकी जांच शुरू कर दी है।
एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि चार खातों में रामवृक्ष यादव, चंदन बोस, राकेश गुप्ता के खाते हैं। इन खातों में कहां से कब किसने कितनी राशि डाली और किसने उसे निकाला यह जानकारी जुटाई जा रही है।
इसमें दो खाते राष्ट्रीयकृत बैंक व दो निजी बैंकों के हैं। बैंकों से लेनदेन की रिपोर्ट मांगी गई और मोटे लेनदेन वाले लोग चिन्ह्ति किए हैं। वहीं पुलिस सूत्रों के अनुसार राकेश गुप्ता ने अकेले ही रामवृक्ष यादव पर 20 लाख से अधिक खर्च किए थे।
बताया जा रहा है कि राकेश गुप्ता बाबा जयगुरुदेव से 1991 से जुड़ा हुआ था। बाबा के मेल में आना और बाबा की संगतों में रहने से वह बाबा के सैकड़ों धनाढ्य अनुयाईयों से मेल जोल रखता था। बाबा जयगुरुदेव के गोलोकवास के बाद से वह जयगुरुदेव आश्रम के लोगों से खटास मानने लगा था और वह रामवृक्ष यादव के संपर्क में आया।
वह और वीरेश यादव पूर्वांचल व आसपास के राज्यों के अनुयायियों को बाबा जयगुरुदेव के जीवित होने और जवाहरबाग में आकर दर्शन देने की कहकर लोगों को बरगलाता था। बाबा जयगुरूदेव के नाम पर आने वाली नामदान की राशि और खाद्य सामग्री को लेकर जवाहरबाग आता था।
विवेक की फेसबुक आईडी की जांच कर रहे साइबर एक्सपर्ट
रामवृक्ष यादव का बेटा विवेक यादव जवाहरबाग से फेसबुक एकाउंट चलाता था। इसमें वह जवाहरबाग में होने वाली हर गतिविधियों को फोटो सहित अपलोड़ कर देश के कोने कोने में बैठे लोगों को परिचित कराता था।
दो जून को भी सायं 4:38 बजे विवेक यादव ने विवेक स्वाधीन यादव नाम से अपने फेसबुक एकाउंट में पुलिस कान्फ्रेसिंग में जवाहरबाग को खाली कराने को दी गई जानकारी की सारी बातें अपडेट की थी। अब इस मामले को लेकर मथुरा पुलिस ने इसे संज्ञान लिया और साइबर क्राइम विंग आगरा को मामले की जांच सौंपी है।
एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि पूरे मामले में तथ्य जुटाए जा रहे हैं और आपत्तिजनक कमेंट व जवाहरबाग में चली गतिविधियों का डाटा इकट्ठा किया जा रहा है। इसमें आईटी एक्ट के दुरुपयोग व अन्य मामलों को लेकर विवेक यादव के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
राकेश और चंदन मांगते थे आरटीआई के तहत जवाब
रामवृक्ष के स्वाधीन भारत और आजाद हिंद सरकार के लिए रामवृक्ष की ओर से चंदन बोस और राकेश गुप्ता सूचना के अधिकार के तहत याचिका दायर करते थे। दोनों ने मथुरा में जवाहरबाग को लेकर ही दस से ही अधिक प्रार्थना पत्र सूचना के अधिकार के तहत दिए थे। हालांकि ये मामले अभी लंबित पडे हुए हैं।
निस्तारित मुकदमों के असलहा नष्ट कराए
सदर तहसील के मालखाने में रखे निस्तारित मुकदमों के असलहों को नष्ट करा दिया गया है। इन असलहों का जवाहरबाग प्रकरण से कोई लेना देना नहीं है। इन असलहों को डीएम द्वारा बनाई गई कमेटी ने शुक्रवार को नष्ट कराया।
कलक्ट्रेट परिसर में तीन लोगों की कमेटी के समक्ष नष्ट कराए गए तमंचे व चाकू जनपद पुलिस द्वारा अपराधियों से पूर्व में बरामद किए गए थे। जब तक मुकदमा चलता रहा यह असलहे मालखाने में रहे। डीएम ने इन असलहों को नष्ट कराने के लिए एसडीएम सदर, सीओ सिटी समेत कई अफसरों को रखा था।