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वायुसेना के RFI निकालते ही फाइटर जेट कंपनियों में मची होड़

Thu, 12 Apr 2018 09:40 PM IST
शशिधर पाठक, चेन्नई
शशिधर पाठक, चेन्नई Updated Thu, 12 Apr 2018 09:40 PM IST
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Fighter aircraft companies from worldwide enters bidding race as Air Force issues RFI
वायुसेना ने आधुनिक मध्यम बहुउद्देश्यीय 110 लड़ाकू विमानों के लिए अंतरराष्ट्रीय आमंत्रण प्रस्ताव क्या मंगाए, दुनिया की कंपनियों में बाजी मारने की होड़ शुरू हो गई है। इसी कड़ी में अमेरिका की मशहूर विमान निर्माता कंपनी बोइंग ने हिन्दुस्तान एरोनाटिक्स लिमिटेड और महिन्द्रा डिफेंस के साथ हाथ मिलाया है। टाटा ने भी इसके लिए पहल तेज कर दी है। टाटा की रक्षा क्षेत्र की सातों कंपनियां अब एक छत के नीचे आ गई हैं। इसी तरह से रूस की विमान निर्माता कंपनियों में भी वायुसेना के प्रस्ताव को लेकर उत्सुकता देखी जा रही है। 
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महिन्द्रा, एचएएल और बोइंग के बीच में बनी यह सहमति काफी मायने रखती है। बोइंग भारत में एफ-18 सुपरहार्नेट तैयार करना चाहती है। इसके पीछे का मुख्य उद्देश्य हाल में जारी हुई आरएफआई में हिस्सा लेना है। एचएएल एक सार्वजनिक उपक्रम है। रूस के साथ सुखोई-30 एमकेआई के निर्माण से लेकर ध्रुव हेलीकाप्टर समेत अन्य के विकास का अनुभव भी है।
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इसी तरह से लाकहीड मार्टिन ने भी देश में ही निजी क्षेत्र की कंपनी के साथ संयुक्त प्रयास लड़ाकू जहाज एफ-16 को विकसित करने की तैयारी कर रही है। समझा जा रहा है कि वायुसेना की ताजा जारी की गई आरएफआई में भी 2007 में जारी हुए प्रस्ताव की तरह दुनिया की छह अंतरराष्ट्रीय विमान निर्माता कंपनियां हिस्सा ले सकती हैं।
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अन्य कंपनियों ने भी करना शुरू किया विस्तार 

एटीएल ने अमेरिका की कोरसोल एलएलसी के साथ आपसी सहमति पत्र पर दस्तखत किया है। कोरसोल तकनीकी क्षेत्र की कंपनी है। इसके निदेशक जीडी भूसरी ने कहा कि उनकी कंपनी भारत में रक्षा क्षेत्र में कदम रख रही है और हम यहां मिनरल, स्टील, तेल और प्राकृतिक गैस में भी एटीएल के साथ मिलकर काम करने जा रहे हैं। लो कास्ट हाऊसिंग के क्षेत्र में भी बड़े पैमाने पर निवेश की तैयारी है। कोरसोल ने एटीएल के साथ मिलाकर सैंडफिल बुलेट प्रूफ प्रोटेक्शन सिस्टम को भी बाजार में उतारा है। यह पूरी तरह से कोलैप्सेबल, पोर्टेबल और कहीं भी आसानी से ले जाया जा सकता है। कंपनी इसे अर्धसैनिक बलों के लिए बाजार में उतार रही है। 

बुलेट प्रूफ जैकेट के साथ-साथ कपड़े भी सांस लेंगे

Fighter aircraft companies from worldwide enters bidding race as Air Force issues RFI
इंडियन एयरफोर्स
पहली बार रक्षा बाजार में फोल्टेबल बुलेट प्रूफ जैकेट उतारने की तैयारी चल रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर के नाटो स्टैंडर्ड की यह जैकेट आसानी से मुड़ती है। लचीली है, लेकिन स्टील बुलेट से लेकर नाटो स्टैंडर्ड की सुरक्षा प्रदान करती है। इस बुलेट प्रूफ जैकेट को भी एटीएल ही बाजार में उतारने जा रही है।

इसी  के साथ सांस लेने वाले वाटरप्रूफ कपड़े का भी कंपनी ने प्रदर्शन किया। इस कपड़े से हवा तो आर-पार होती है, लेकिन पानी भीतर प्रवेश नहीं करेगा। सेना के अवकाश प्राप्त जनरल बख्शी के लिए यह तकनीक काफी चौंकाने वाली थी। एटीएल के साथ एमओयू साइन कर चुके अमेरिका के कोरसोल एलएलसी के निदेशक जेसी भूसरी का कहना है कि हम इस तरह से कुछ और चौंकाने वाली तकनीक लेकर आ रहे हैं। 

एमके यू ने थेल्स से मिलाया हाथ 

कानपुर की रक्षा कंपनी छोटे हथियारों के साथ बाजार में आ रही है। एमकेयू ने थेल्स के साथ हाथ मिलाया है। रक्षा क्षेत्र की यह कंपनी सेना के लिए 1.5 लाख हेलमेट की निविदा में बाजी मार चुकी है। एमकेयू के राजेश गुप्ता ने कहा कि हम सेना को गुणवत्ता का हेलमेट दे रहे हैं। हालांकि इसकी आपूर्ति में थोड़ा विलंब होने की संभावना है, लेकिन कंपनी गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं करेगी।

हालांकि राजेश गुप्ता ने माना कि कंपनी द्वारा सीआरपीएफ को दी गई बुलट प्रूफ  जैकेट में कुछ समस्या आ रही है। लेकिन जो जैकेट शिकायत के बाद कंपनी के पास आ रही है, एमकेयू उसके स्थान पर नई गुणवत्ता पूर्ण जैकेट की आपूर्ति कर दे रही है। गौरतलब है कि एमकेयू सीआरपीएफ को 59 हजार बुलेट प्रूफ जैकेट की आपूर्ति की प्रतिस्पर्धा में अव्वल रही थी। कंपनी ने इस निविदा में 2010 में बाजी मारी थी।

इस बीपी जैकेट को नहीं भेद पाएंगी स्टील की गोलियां 

जम्मू-कश्मीर में सीमा पर घुसपैठ करने वाले आतंकी चीन की बनी स्टील की गोलियां लेकर आते हैं। इन गोलिया का तोड़ सेना की मौजूदा बुलट प्रूफ जैकेट के पास नहीं है। सेना के लिए 1.86 हजार बुलेट प्रूफ जैकेट की दौड़ में नंबर वन रही कंपनी एसएम पल्प ने भी रक्षा प्रदर्शनी में हिस्सा लिया है।

एसएम पल्प के एमडी सतीश कंसल, निदेशक आशीष कंसल का कहना है कि कंपनी समय पर बुलट प्रूफ जैकेट की आपूर्ति करेगी। सिरामिक बेस्ड बीपी जैकेट की तकनीक दुनिया की पांच कंपनियों के पास ही है। उसमें एसएम पल्प भी एक है। एसएम पल्प का दावा है कि वह निर्धारित समय पर सेना को यह बुलट प्रूफ जैकेट दे देगी।
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