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त्योहारों पर महंगाई का डबल झटका: महीनेभर में 18 फीसदी महंगा हुआ चना, दिल्ली-नोएडा में 80 रुपये किलो तक प्याज
Wed, 14 Oct 2026 05:11 AM IST
शिवम गर्ग
बोनस डेस्क, नई दिल्ली।
बोनस डेस्क, नई दिल्ली।
Published by: शिवम गर्ग
Updated Wed, 14 Oct 2026 05:11 AM IST
सार
त्योहारों से पहले चना एक महीने में करीब 18 फीसदी महंगा हो गया है, जबकि दिल्ली-नोएडा में प्याज 80 रुपये किलो तक बिक रहा है। चने के भाव और प्याज की कीमतों पर मौसम व मांग का कितना असर पड़ेगा? आइए, जानते हैं...
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महंगाई की मार।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
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त्योहारी सीजन की आहट के साथ ही चने की कीमतों ने तेज छलांग लगाई है। पिछले एक महीने के भीतर ही चने के थोक और खुदरा भावों में लगभग 18% तक की भारी वृद्धि दर्ज की गई है। कमोडिटी समाचार के संस्थापक अंकित कपूर का कहना है श्राद्ध पक्ष समाप्त होने के बाद नवरात्रि, दिवाली और उसके बाद शादियों के सीजन को देखते हुए बाजार में चने और बेसन की मांग में जबरदस्त तेजी आई है।
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महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश की प्रमुख मंडियों में तो चने की आवक अभी ठीक-ठाक बनी हुई है, लेकिन राजस्थान जैसे प्रमुख उत्पादक राज्यों में चने की आवक में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है, जिससे कीमतों को और बल मिल रहा है। घरेलू मांग को पूरा करने के लिए इस साल बड़े पैमाने पर चने का आयात किया गया है। पिछले साल के मुकाबले इस बार चने का आयात करीब 155 फीसदी तक बढ़ चुका है। चूंकि भारत दुनिया का सबसे बड़ा आयातक है, इसलिए जब यहां घरेलू मोर्चे पर कमी महसूस होती है, तो वैश्विक बाजार पर उसका सीधा असर पड़ता है। यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऑस्ट्रेलियन चना 800 डॉलर प्रति क्विंटल (भारतीय मुद्रा में लगभग 8,600 रुपये) के आसपास कारोबार कर रहा है।
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अल-नीनो ने बिगाड़ा गणित
इस साल अल-नीनो के प्रभाव और कुछ राज्यों में कम बारिश या सूखे जैसे हालातों का असर भी कृषि फसलों पर पड़ा है, जिससे भविष्य की पैदावार को लेकर चिंताएं गहरी हो गई हैं। अंकित कपूर का कहन है, मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए अब किसी भी कीमत पर चना 6,000 रुपये प्रति क्विंटल के नीचे जाने वाला नहीं है। मौसम और वैश्विक कारकों का यही दबाव बना रहा, तो आने वाले समय में चना 9,000 से 9,500 रुपये प्रति क्विंटल तक के ऊपरी स्तर भी छू सकता है।
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सस्ते प्याज की बिक्री बंद करने की तैयारी
उधर, सस्ते दामों पर प्याज बिक्री बंद करने की तैयारी भी चल रही है। सरकार दिवाली तक ही सस्ता प्याज उपलब्ध कराएगी। वर्तमान में 100 से अधिक शहरों में नैफेड और एनसीसीएफ 35 रुपये प्रति किलो के हिसाब से प्याज की खुदरा बिक्री कर रहे हैं। इसके बावजूद प्याज के थोक और खुदरा भाव में कोई ज्यादा गिरावट नहीं आई है।
उपभोक्ता मामलों के विभाग के मुताबिक, प्याज का अखिल भारतीय खुदरा औसत मूल्य 10 अक्तूबर को 51.71 रुपये प्रति किलो दर्ज किया गया। एक साल पहले प्याज का भाव 26.73 रुपये प्रति किलो था। नोएडा और दिल्ली में अच्छी गुणवत्ता का प्याज 80 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है। नैफेड व एनसीसीएफ के अनुसार, बाजार में अब नए प्याज की आवक शुरू हो गई है। आने वाले महीने तक नई फसल बड़े पैमाने पर बाजार में उपलब्ध हो जाएगी। अभी त्योहारी सीजन चल रहा है और नवरात्रों के बाद मांग में और तेजी आने की संभावना है।