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Maharashtra: पिता ने दुष्कर्म पीड़िता बेटी का शव 44 दिन तक नमक के गड्डे में रखा, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
Fri, 16 Sep 2022 09:49 PM IST
Jeet Kumar
पीटीआई, मुंबई
पीटीआई, मुंबई
Published by: Jeet Kumar
Updated Fri, 16 Sep 2022 09:49 PM IST
सार
शुक्रवार तड़के मुंबई के जेजे अस्पताल में पोस्टमार्टम किया गया। रिपोर्ट सुरक्षित कर ली गई है और बड़े आंतरिक अंगों को संरक्षित कर लिया गया है उन्होंने कहा कि शरीर सड़ने की कगार पर था।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : istock
विस्तार
महाराष्ट्र में एक आदिवासी महिला के शव को उसके पिता ने 44 दिनों तक नमक के गड्डे में रखा। मामला नंदुरबार जिले का है, यहां एक 21 वर्षीय लड़की एक अगस्त को फांसी पर लटकी मिली थी। एक अधिकारी ने कहा कि मृतक पीड़िता के घरवालों ने लड़की के शव का दूसरा पोस्टमॉर्टम की मांग रखी थी, जिसके परिणामों की प्रतीक्षा की जा रही है।
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पिता ने पुलिस के सामने दावा किया था कि उसकी बेटी के साथ चार लोगों ने दुष्कर्म किया था। लड़की के शव को गुरुवार को महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले से मुंबई के सरकारी जे जे अस्पताल लाया गया।
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शरीर सड़ने की कगार पर था
अधिकारी ने बताया कि शव का शुक्रवार तड़के मुंबई के जेजे अस्पताल में पोस्टमार्टम किया गया। रिपोर्ट सुरक्षित कर ली गई है और बड़े आंतरिक अंगों को संरक्षित कर लिया गया है उन्होंने कहा कि शरीर सड़ने की कगार पर था। अब परिजनों को शव सौंप दिया गया है।
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पुलिस ने आत्महत्या का मामला दर्ज किया था
अधिकारी ने कहा कि कुछ अंगों को रासायनिक विश्लेषण के लिए भेजा गया है, जिससे पुलिस को मामले में अंतिम राय लेने में मदद मिलेगी। नंदुरबार के एक सरकारी अस्पताल ने पोस्टमॉर्टम में गड़बड़ी से इनकार किया गया था, जिसके बाद पुलिस ने आत्महत्या का मामला दर्ज किया था। और महिला के पिता और अन्य रिश्तेदारों ने जांच में अनियमितता का आरोप लगाते हुए शव का अंतिम संस्कार करने के बजाय उसे सुरक्षित रख लिया।
एक अधिकारी ने कहा कि लड़की की मौत की सच्चाई सामने लाने के लिए परिवार ने उसके शव को अपने गांव ढडगांव में नमक से भरे गड्ढे में दफना दिया और पुलिस से दूसरे पोस्टमार्टम की मांग की थी। चूंकि शव को हफ्तों तक एक नमक के गड्ढे में रखा गया था, इस कारण अधिकारी जेजे अस्पताल में एक और पोस्टमॉर्टम करने के लिए समहत हो गए।