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Indian Coast Guard: भारतीय तटरक्षक बल में शामिल हुआ गश्ती जहाज कमला देवी, भारत में हुआ है डिजाइन और निर्माण
Thu, 12 Jan 2023 10:10 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
एन अर्जुन, कोलकाता
एन अर्जुन, कोलकाता
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Thu, 12 Jan 2023 10:10 PM IST
सार
अधिकारियों ने बताया कि इस गश्ती जहाज की तैनाती बंगाल के हल्दिया समुद्री क्षेत्र में की जाएगी।
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भारतीय कोस्ट गार्ड।
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
भारतीय तटरक्षक बल (कोस्ट गार्ड) को गुरुवार को नया स्वदेशी गश्ती जहाज ‘कमला देवी’ मिल गया। यहां जीआरएसई शिपयार्ड में आयोजित कार्यक्रम में कोस्ट गार्ड के महानिदेशक (डीजी) वीरेंद्र सिंह पठानिया की मौजूदगी में इस गश्ती जहाज को बल में शामिल किया गया।
जीआरएसई द्वारा इस ‘फास्ट पेट्रोल वेसल्स’ का पूरा डिजाइन और निर्माण इन-हाउस किया गया है। कमला देवी पांच फास्ट पेट्रोल वेसल्स की श्रृंखला में पांचवां जहाज है, जिसे जीआरएसई, कोलकाता द्वारा स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित किया गया है, जो मेक इन इंडिया के विजन के अनुरूप है।
इस मौके पर डीजी ने कहा कि इसके शामिल होने से बल को मजबूती मिलेगी। अधिकारियों ने बताया कि इस गश्ती जहाज की तैनाती बंगाल के हल्दिया समुद्री क्षेत्र में की जाएगी। जीआरएसई के एक अधिकारी ने कहा, आइसीजीएस कमला देवी का नाम कमला देवी चट्टोपाध्याय के नाम पर रखा गया है, जिन्होंने देश भर में कारीगरों और शिल्पकारों के उत्थान एवं प्रदर्शन कला के विकास की दिशा में काम किया।इस जहाज की लंबाई 48.9 मीटर और इसका वजन 308 टन है।
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जीआरएसई ने गुयाना के लिए निर्मित फेरी जहाज को किया रवाना
युद्धपोत निर्माता सार्वजनिक क्षेत्र के रक्षा उपक्रम गार्डनरीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (जीआरएसई ), कोलकाता के लिए गुरुवार का दिन ऐतिहासिक दिन रहा। दक्षिणी अमेरिकी देश गुयाना के लिए बनाए गए यात्री सह कार्गो ओशन गोइंग फेरी वेसल (यात्री जहाज) 'एमवी मा लिसा' को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। शिपयार्ड में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में जीआरएसइ के अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक (सीएमडी) कमोडोर पीआर हरि ने इस यात्री जहाज को रवाना किया। जीआरएसइ ने इस जहाज का पूरा डिजाइन व इन-हाउस निर्माण किया है।
13 जनवरी 2021 को करार पर हस्ताक्षर हुआ था
हरि ने कहा कि देश के किसी शिपयार्ड द्वारा किसी दक्षिणी अमेरिकी देश के लिए बनाया गया और निर्यात किया गया यह पहला जहाज है। उन्होंने बताया कि इस जहाज के निर्माण के लिए गुयाना सरकार के साथ 13 जनवरी 2021 को करार पर हस्ताक्षर हुआ था। उसके बाद दो साल के भीतर इसका निर्माण कर इसकी डिलीवरी कर दी गई है। जीआरएसइ ने प्रतिस्पर्धी बोली के माध्यम से यह निर्यात अनुबंध प्राप्त किया था। अधिकारियों ने बताया कि यह जहाज यहां से चेन्नई जाएगा और वहां एक अन्य पनडुब्बी पोत एमवी सन राइज से गुयाना ले जाया जाएगा।
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जीआरएसई द्वारा इस ‘फास्ट पेट्रोल वेसल्स’ का पूरा डिजाइन और निर्माण इन-हाउस किया गया है। कमला देवी पांच फास्ट पेट्रोल वेसल्स की श्रृंखला में पांचवां जहाज है, जिसे जीआरएसई, कोलकाता द्वारा स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित किया गया है, जो मेक इन इंडिया के विजन के अनुरूप है।
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इस मौके पर डीजी ने कहा कि इसके शामिल होने से बल को मजबूती मिलेगी। अधिकारियों ने बताया कि इस गश्ती जहाज की तैनाती बंगाल के हल्दिया समुद्री क्षेत्र में की जाएगी। जीआरएसई के एक अधिकारी ने कहा, आइसीजीएस कमला देवी का नाम कमला देवी चट्टोपाध्याय के नाम पर रखा गया है, जिन्होंने देश भर में कारीगरों और शिल्पकारों के उत्थान एवं प्रदर्शन कला के विकास की दिशा में काम किया।इस जहाज की लंबाई 48.9 मीटर और इसका वजन 308 टन है।
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जीआरएसई ने गुयाना के लिए निर्मित फेरी जहाज को किया रवाना
युद्धपोत निर्माता सार्वजनिक क्षेत्र के रक्षा उपक्रम गार्डनरीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (जीआरएसई ), कोलकाता के लिए गुरुवार का दिन ऐतिहासिक दिन रहा। दक्षिणी अमेरिकी देश गुयाना के लिए बनाए गए यात्री सह कार्गो ओशन गोइंग फेरी वेसल (यात्री जहाज) 'एमवी मा लिसा' को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। शिपयार्ड में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में जीआरएसइ के अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक (सीएमडी) कमोडोर पीआर हरि ने इस यात्री जहाज को रवाना किया। जीआरएसइ ने इस जहाज का पूरा डिजाइन व इन-हाउस निर्माण किया है।
13 जनवरी 2021 को करार पर हस्ताक्षर हुआ था
हरि ने कहा कि देश के किसी शिपयार्ड द्वारा किसी दक्षिणी अमेरिकी देश के लिए बनाया गया और निर्यात किया गया यह पहला जहाज है। उन्होंने बताया कि इस जहाज के निर्माण के लिए गुयाना सरकार के साथ 13 जनवरी 2021 को करार पर हस्ताक्षर हुआ था। उसके बाद दो साल के भीतर इसका निर्माण कर इसकी डिलीवरी कर दी गई है। जीआरएसइ ने प्रतिस्पर्धी बोली के माध्यम से यह निर्यात अनुबंध प्राप्त किया था। अधिकारियों ने बताया कि यह जहाज यहां से चेन्नई जाएगा और वहां एक अन्य पनडुब्बी पोत एमवी सन राइज से गुयाना ले जाया जाएगा।