Maharashtra: हजारों किसानों-आदिवासियों का नासिक से मुंबई की ओर पैदल मार्च शुरू, कल सरकार के साथ वार्ता
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) द्वारा आयोजित यह मार्च नासिक जिले के डिंडोरी से शुरू हुआ और मुंबई पहुंचने के लिए लगभग 200 किलोमीटर की दूरी तय करेगा। विधानसभा में इस मुद्दे को उठाते हुए माकपा विधायक विनोद निकोले ने कहा कि राज्य सरकार और आंदोलनकारी किसानों के प्रतिनिधियों के बीच मंगलवार को बैठक होनी थी, लेकिन इसे रद्द कर दिया गया।
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हजारों किसानों और आदिवासियों ने मंगलवार को उत्तरी महाराष्ट्र के नासिक जिले से मुंबई की ओर पैदल मार्च शुरू किया। उन्होंने प्याज उत्पादकों को 600 रुपये प्रति क्विंटल की तत्काल वित्तीय राहत, 12 घंटे के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति और कृषि ऋण माफ करने सहित विभिन्न मांगों के समर्थन में मार्च शुरू किया है। उन्होंने सोयाबीन, कपास और तूर की कीमतों में गिरावट को रोकने के उपायों और हाल की बेमौसम बारिश और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को तत्काल राहत देने की भी मांग की है।
लगभग 200 किलोमीटर की दूरी तय करेंगे किसान
प्रदर्शनकारियों ने 2005 के बाद सेवा में शामिल होने वाले राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) लागू करने की भी मांग की। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) द्वारा आयोजित यह मार्च नासिक जिले के डिंडोरी से शुरू हुआ और मुंबई पहुंचने के लिए लगभग 200 किलोमीटर की दूरी तय करेगा। राज्य विधानसभा में इस मुद्दे को उठाते हुए माकपा विधायक विनोद निकोले ने कहा कि राज्य सरकार और आंदोलनकारी किसानों के प्रतिनिधियों के बीच मंगलवार को बैठक होनी थी, लेकिन इसे रद्द कर दिया गया।
किसान प्रतिनिधियों के साथ बैठक करेगी सरकार: दादा भुसे, मंत्री
बंदरगाह और खनन मंत्री दादा भुसे ने कहा कि सरकार बुधवार को किसान प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक करेगी और उन्हें किसानों और आदिवासियों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर एक समझ तक पहुंचने की उम्मीद है। भुसे, नासिक के संरक्षक मंत्री भी हैं। महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता अजित पवार ने सरकार से गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए किसानों के साथ तत्काल बातचीत करने का आग्रह किया, क्योंकि कई प्रदर्शनकारी नंगे पैर चल रहे हैं।
महाराष्ट्र में प्याज की कीमतों में भारी गिरावट, सीएम ने की घोषणा
महाराष्ट्र सरकार ने सोमवार को प्याज की कीमतों में भारी गिरावट से बुरी तरह प्रभावित प्याज किसानों को 300 रुपये प्रति क्विंटल की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने विधानसभा में इस फैसले की घोषणा की थी और कहा था कि इससे प्याज उत्पादकों को राहत मिलेगी। महाराष्ट्र में प्याज की कीमतें गिर गई हैं, जिसके परिणामस्वरूप किसानों को उनकी उपज के लिए बहुत कम दाम मिल रहा है।
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कानून-व्यवस्था बनाने के लिए पर्याप्त पुलिसकर्मी तैनात: किरण कुमार, डीसीपी
अपनी मांगों को सरकार के सामने लाने के लिए किसान नासिक से मुंबई तक पैदल मार्च कर रहे हैं। मुंबई पहुंचने के बाद किसान अपनी विभिन्न समस्याओं के लिए आजाद मैदान में अपना प्रदर्शन शुरू करेंगे। डीसीपी किरण कुमार चव्हाण ने कहा, विरोध के पैमाने को ध्यान में रखते हुए हमने आपातकालीन स्थिति में कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिसकर्मियों को तैनात किया है। पैदल मार्च नासिक से मुंबई तक है, इसलिए हमने दो लाइनों में यातायात को नियंत्रित करने और सड़कों पर किसी भी असुविधा के लिए बलों को तैनात किया है।
प्रदर्शनकारी किसानों ने क्या कहा?
एक किसान ने कहा, आदिवासी किसान अखिल भारतीय किसान सभा और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के नेतृत्व में मार्च पर निकले हैं। उन्होंने अपनी विभिन्न समस्याओं की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए यह मार्च शुरू किया है। उनकी 14-15 मांगें हैं और जिनके बारे में वे सरकार से बात करेंगे। एक अन्य किसान ने कहा कि उनकी मांगों में प्याज के लिए लाभकारी मूल्य, पूर्ण ऋण माफी, लंबित बिजली बिलों को माफ करना और 12 घंटे दैनिक बिजली की आपूर्ति शामिल है। हम बेमौसम बारिश और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के कारण हुए नुकसान के लिए सरकार और बीमा कंपनियों से मुआवजे की मांग करते हैं।