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जावड़ेकर ने कहा- देश लाल किले पर तिरंगे का अपमान बर्दाश्त नहीं करेगा

Wed, 27 Jan 2021 08:23 PM IST
संजीव कुमार झा पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: संजीव कुमार झा Updated Wed, 27 Jan 2021 08:23 PM IST
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Farmers Protest, Prakash javadekar says, Never said that all doors of negotiations with farmers closes
प्रकाश जावड़ेकर - फोटो : ANI

दिल्ली में ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा के एक दिन बाद सरकार ने बुधवार को कहा कि उसने किसानों के साथ बातचीत के दरवाजे बंद होने के बारे में कभी कोई बात नहीं कही, साथ ही इस बात पर जोर दिया कि नए सिरे से बातचीत के बारे में निर्णय होने पर सूचित किया जाएगा।

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वहीं केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने संवाददाताओं से कहा कि हमने कभी नहीं कहा कि बातचीत के दरवाजे बंद हो गए हैं। क्या आपने कभी सुना कि हमने ऐसा कहा हो। जब भी बातचीत होगी, उसके बारे में आपको जानकारी दी जाएगी। 
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लाल किले पर तिरंगे का अपमान बर्दाश्त नहीं
यह पूछे जाने पर कि हिंसा को लेकर वे व्यक्तिगत रूप से क्या महसूस करते हैं, जावड़ेकर ने कहा कि व्यक्तिगत तौर पर मेरी वही भावना है जो आपकी है । वहीं, कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किसानों के सख्त रुख के लिये विदेशी ताकतों को जिम्मेदार ठहराया है और कहा है कि जब आंदोलन की गरिमा समाप्त हो जाए तब कोई समाधान संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि देश कभी भी लाल किले पर तिरंगे का अपमान बर्दाश्त नहीं करेगा।
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उन्होंने कहा कि जिन्होंने भी 26 जनवरी को किसानों को उकसाया उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। कल जिस तरह से लाल किले पर तिरंगे का अपमान हुआ उसे भारत बर्दाश्त नहीं करेगा। राहुल गांधी किसानों का समर्थन नहीं कर रहे थे वे उकसा रहे थे।

कांग्रेस डाल रही है अड़ंगा
जावड़ेकर ने कहा कि सरकार ने किसानों के साथ कृषि कानूनों पर कई दौर की वार्ता की। कृषि कानूनों से किसान का कौन सा अधिकार कम हुआ है। इन कानूनों के द्वारा किसानों को अवसर देने का प्रयास है। कांग्रेस भी समझती है पर सरकार और किसानों के बीच समझौता नहीं होने देना चाहती।

बता दें कि पिछले शुक्रवार को 11वें दौर की वार्ता के बाद सरकार ने किसानों से कहा कि वे तीन कृषि कानूनों को एक-डेढ़ वर्ष के लिए स्थगित करने के प्रस्ताव पर फिर से विचार करें लेकिन किसानों ने प्रस्ताव को खारिज कर दिया था। किसानों के साथ अब तक की वार्ता का कोई नतीजा नहीं निकला है।


बहरहाल, जावड़ेकर ने कहा कि किसानों के साथ बातचीत के संबंध में जो भी निर्णय होगा, हम सही समय पर इसकी जानकारी देंगे। उन्होंने कहा कि  अगर कोई बदलाव हुए हैं तब भी हमने आपको बताया है और हम आपको आगे भी जानकारी देंगे। यह पूछे जाने पर कि केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में क्या मंगलवार की हिंसा के बारे में भी चर्चा हुई? इसपर उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल, सुरक्षा समिति से अलग होता है।

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