'अन्नदाता' के समर्थन में अन्ना का अनशन! गडकरी बोले- हमने किसानों संग नहीं किया कुछ भी गलत
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कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली की सीमाओं पर जहां किसानों का प्रदर्शन जारी है, वहीं सरकार पर लगातार दबाव बढ़ता जा रहा है। इसका असर अब केंद्रीय मंत्रियों के बयानों में भी दिखना शुरू हो गया है। महाराष्ट्र के समाजसेवी अन्ना हजारे द्वारा किसानों के समर्थन में अनशन शुरू करने की आशंका को देखते हुए केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने भी इस बात को दोहराया है कि सरकार किसानों के लिए समर्पित है और उनके द्वारा दिए गए सुझावों को स्वीकार करने के लिए भी तैयार है। कुछ तत्व ऐसे हैंए जो किसानों के प्रदर्शनों को हवा दे रहे हैं और उन्हें गुमराह करने में जुटे हुए हैं।
अन्ना के अनशन की आशंका को लेकर गडकरी ने कहा, 'मुझे नहीं लगता है कि अन्ना हजारे जी इसमें शामिल होंगे। हमने किसानों के खिलाफ कुछ भी गलत नहीं किया है। किसानों को मंडी में व्यापारियों को या कहीं भी बेचने का अधिकार दिया गया है।'
There are some elements who are trying to misguide farmers by misusing this protest. This is wrong. Farmers should try to understand the three laws: Union Minister Nitin Gadkari https://t.co/qERXVgn9sd
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) December 15, 2020
कुछ लोग किसानों को गुमराह कर रहे
उन्होंने कहा, कुछ ऐसे तत्व हैं जो इस विरोध का दुरुपयोग करके किसानों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। ये सरासर गलत है। किसानों को तीनों कानूनों को समझने की कोशिश करनी चाहिए। कुछ ऐसे तत्व से गडकरी का इशारा विपक्ष की तरफ था, जिसने किसानों को समर्थन दिया है।
उन्होंने कहा, 'मैं विदर्भ से आता हूं। यहां पर 10,000 से अधिक गरीब किसानों ने आत्महत्या की। इस मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए। किसानों, किसान संगठनों द्वारा जो सुझाव सही हैं, हम उन बदलावों के लिए तैयार हैं। '
बातचीत नहीं होने से पैदा होंगी गलतफहमियां
केंद्रीय मंत्री ने कहा, 'यदि किसानों और सरकार के बीच कोई बातचीत नहीं होती है, तो यह गलतफहमी पैदा कर सकती है। अगर बातचीत होती है तो मुद्दे हल हो जाएंगे, पूरी बात खत्म हो जाएगी, किसानों को न्याय मिलेगा और उन्हें राहत मिलेगी। हम किसानों के हित में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा, हमारी सरकार किसानों को समझाएगी और बातचीत के जरिए रास्ता निकालेगी। '
उन्होंने कहा, 'अभी, कृषि और वाणिज्य मंत्री किसानों के साथ बातचीत में लगे हुए हैं। अगर मुझे उनसे बात करने के लिए कहा जाता है, तो मैं उनसे बात जरूर करूंगा। '
किसानों की खातिर दो लाख करोड़ की इथेनाॅल अर्थव्यवस्था बनाएंगे
इथेनॉल के लाभ को बताते हुए केंद्रीय परिवहन मंत्री ने कहा, आज देश में 8 लाख करोड़ रुपये के कच्चे तेल का आयात हो रहा है। इसके बजाय हम 2 लाख करोड़ रुपये की इथेनॉल अर्थव्यवस्था बनाना चाहते हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा, 'वर्तमान में यह केवल 20,000 करोड़ रुपयेकी है। अगर यह 2 लाख करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था बन जाती है तो 1 लाख करोड़ रुपये किसानों की जेब में जाएंगे। उन्होंने कहा, आने वाले समय में, हवाई जहाज इथेनॉल से बने ईंधन पर चलेंगे और पैसा किसानों को जाएगा। यह हमारी दृष्टि और सपना है।
किसान आंदोलन में दिखीं देश विरोधी नारे देने वालों की तस्वीरें
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा, किसानों के प्रदर्शन के दौरान दिल्ली में देश विरोधी भाषण देने वाले लोगों की तस्वीरें देखी गईं, जिनका किसानों की मांगों के साथ प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कोई लेना-देना नहीं है। साथ ही नक्सल प्रभावित गढ़चिरौली जिले की जेल में बंद व्यक्ति की तस्वीर को भी विरोध में देखा गया।
गडकरी ने कहा, कुछ ऐसे तत्व हैं जो किसान आंदोलन का फायदा उठाकर किसानों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, नक्सल प्रभावित गढ़चिरौली जिले में एक व्यक्ति को नामजद किया गया था और उसे अदालत से जमानत भी नहीं मिली थी। वह जेल में है। किसानों के साथ उसका कोई प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष संबंध नहीं है, लेकिन विरोध में उसकी तस्वीर देखी गई थी। मैं इसे समझ नहीं सका।
केंद्रीय मंत्री ने कहा, दिल्ली में राष्ट्र विरोधी भाषण देने वाले लोग, जिनका देश और किसानों से कोई संबंध नहीं है, जिनका किसानों की मांगों के साथ प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कोई लेना-देना नहीं है, उनके फोटो प्रदर्शनों के दौरान देखे गए हैं। उन्होंने कहा, कृपया बताएं कि वे इसमें कैसे आए। कुछ ऐसे तत्व हैं जो आंदोलन का फायदा उठाकर किसानों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। मुझे लगता है कि यह गलत है।