Live: बैठक में बोले किसान- अब आगे नहीं होगी चर्चा, हमारी मांग पर क्या निर्णय ये बताए सरकार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कृषि कानूनों को लेकर किसानों का पिछले 10 दिनों से दिल्ली की सीमा पर प्रदर्शन जारी है। वहीं, दिल्ली बॉर्डर पर जमे किसान संगठनों और सरकार के बीच आज पांचवें दौर की बातचीत हो रही है। सरकार की तरफ से केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और पीयूष गोयल विज्ञान भवन में मौजूद हैं, जहां वे किसान नेताओं संग चर्चा कर रहे हैं।
15 मिनट का ब्रेक
किसान नेताओं के साथ पांचवें दौर की बातचीत में सरकार ने पिछली बैठक के मुद्दों का लिखित जवाब दिया। 15 मिनट का ब्रेक लिया गया।
#UPDATE Fifth round of talks between farmer leaders and central govt: Government has given the farmers, a written reply of the minutes of the meeting. A 15-minute break taken.
— ANI (@ANI) December 5, 2020
किसान प्रतिनिधियों ने केंद्र सरकार से पिछली बैठक का एक बिंदुवार लिखित उत्तर देने को कहा
बैठक के दौरान किसान प्रतिनिधियों ने केंद्र सरकार से पिछली बैठक का एक बिंदुवार लिखित उत्तर देने को कहा, जिसके लिए सरकार ने सहमति व्यक्त की है। किसानों ने सरकार से कहा कि उन्हें समाधान/प्रतिबद्धता की जरूरत है। उन्होंने कहा कि वे आगे चर्चा नहीं करना चाहते हैं और यह जानना चाहते हैं कि सरकार ने किसानों की मांग पर क्या निर्णय लिया है।
During the fifth round of talks with the Central Government, at Vigyan Bhavan, farmers said that they need a solution/commitment. They said that they don’t want further discussion and want to know what has the government decided on the farmers' demand.
— ANI (@ANI) December 5, 2020
किसान आज बैठक स्थल पर अपना भोजन लेकर आए हैं
इसी बीच, किसान प्रतिनिधियों और केंद्र के बीच वार्ता के दौरान किसान प्रतिनिधियों के लिए भोजन ले जाने वाला एक कार सेवा वाहन विज्ञान भवन में पहुंचा है। किसान आज बैठक स्थल पर अपना भोजन लेकर आए हैं। तीन दिसंबर को हुई चौथे दौर की वार्ता के दौरान भी उन्होंने अपना ही भोजना खाया था।
कानूनों को वापस लिया जाए
वहीं, विज्ञान भवन जाने के दौरान दोआबा किसान संघर्ष समिति के हरसुलिंदर सिंह ने कहा कि हम चाहते हैं कि कानूनों को वापस लिया जाए। हम कानूनों में संशोधन के लिए सरकार के प्रस्ताव को स्वीकार नहीं करेंगे।आजाद किसान संघर्ष समिति के पंजाब प्रमुख हरजिंदर सिंह टांडा ने कहा, हम कानूनों को पूरी तरह से वापस लिए जाने की मांग करते हैं। अगर सरकार ने हमारी मांग नहीं मानी, तो हम अपना आंदोलन जारी रखेंगे।