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Hindi News ›   India News ›   Farmers Protest: Farmers celebrated Shahidi Diwas and remember the sacrifices of Shaheed Azam Bhagat Singh, Rajguru and Sukhdev

किसान आंदोलन: पीली पगड़ी लहराई और दिया सफेद क्रांति करने का संदेश, अब देश में 'हल्ला बोल' की तैयारी

Wed, 24 Mar 2021 05:35 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Wed, 24 Mar 2021 05:35 PM IST
सार

26 मार्च को किसानों ने भारत बंद का आह्वान किया है, वहीं 28 मार्च को होलिका दहन वाले दिन किसान नए कृषि कानूनों की प्रतियां जलाएंगे। इसलिए किसान संगठनों द्वारा धरनास्थल पर किसानों को लाने की योजना पर काम शुरू है। हर गांव से 10 से अधिक किसानों का लाया जा रहा है...

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Farmers Protest: Farmers celebrated Shahidi Diwas and remember the sacrifices of Shaheed Azam Bhagat Singh, Rajguru and Sukhdev
गाजीपुर बॉर्डर पर शहीदी दिवस मनाते किसान - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे किसान आंदोलन का नजारा मंगलवार को देशभक्ति से सराबोर नजर आया। चाहे मंच हो या फिर किसानों के जत्थे हर तरफ से केवल एक ही आवाज सुनाई दे रही थी सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है। बुजुर्ग, युवा या फिर महिला किसान हर किसी ने अपने सिर पर पीले रंग की पगड़ी बांधकर शहीदी दिवस मनाया। एक ओर जहां किसान हाथों में तिरंगे के साथ-साथ किसान मोर्चे और भगत सिंह के चित्रों वाले झंडे भी लिए हुए थे। वहीं दूसरी ओर गायक सोनिया मान और अजय हुड्डा ने देशभक्ति के गीतों से महौल में चार चांद लगा रहे थे।

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तीनों कृषि कानूनों को वापस करने की मांग को लेकर दिल्ली की सीमाओं पर धरने पर बैठे किसानों ने मंगलवार को शहीदी दिवस मनाया। इस दौरान किसानों ने पीली पगड़ी पहन कर और स्वाभिमान मार्च निकालकर शहीद-ए-आजम भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु की कुर्बानी को याद किया।
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साथ ही तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की पुरजोर मांग भी की। शहीदी दिवस के साथ ही किसान संगठन का सरकार के खिलाफ आंदोलन फिर शुरू हो गया है। 26 मार्च को किसानों ने भारत बंद का आह्वान किया है, वहीं 28 मार्च को होलिका दहन वाले दिन किसान नए कृषि कानूनों की प्रतियां जलाएंगे। इसलिए किसान संगठनों द्वारा धरनास्थल पर किसानों को लाने की योजना पर काम शुरू है। हर गांव से 10 से अधिक किसानों का लाया जा रहा है।
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भाकियू किसान संगठन के मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र मलिक ने कहा, आंदोलन के 118वें दिन मंगलवार को यूपी गेट (गाजीपुर बॉर्डर) शहीदी दिवस मनाया गया। ऐसे लोगों के बलिदान से ही देश को आजादी मिली है। किसान आंदोलनकारियों ने भारत मां के तीनों वीर सपूतों की तस्वीरों पर पुष्प अर्पित किया। इस अवसर पर सभी किसानों ने भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत की अपील पर पीली पगड़ी धारण की थी।


पीली पगड़ी धारण किए नौजवानों को देखकर लग रहा था कि गाजीपुर बार्डर पर मानों हर नौजवान सरदार भगत सिंह बनकर पहुंचा था। महिला किसान पीली रंग की चुनरी ओढ़े नजर आईं। शहीदी दिवस पर मंच का संचालन ओमपाल मलिक ने किया। मंच से संबोधन करने वालों में मुख्य रूप से भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष राजवीर सिंह जादौन, सरदार जगतार सिंह बाजवा, प्रदेश उपाध्यक्ष राजबीर सिंह, शमशेर सिंह राणा, चौधरी बिजेंद्र सिंह आदि शामिल रहे। 17 किसान 24 घंटे के क्रमिक अनशन पर रहे।

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