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Maharashtra: किसानों को समय से मिले खाद, बीज और फसल ऋण, महाराष्ट्र कृषि मंत्री ने अधिकारियों को दिए निर्देश
Wed, 10 May 2023 01:33 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: श्वेता महतो
Updated Wed, 10 May 2023 01:33 PM IST
सार
राज्य कृषि मंत्री के अनुसार बड़े क्षेत्र में आम, काजू और धान की खेती का प्रयास करना चाहिए। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए की बेमौसन बारिश में बर्बाद हुए फसलों के बदले किसानों को मुआवज मिले।
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Abdul Sattar
- फोटो : Social Media
विस्तार
महाराष्ट्र के कृषि मंत्री अब्दुल शट्टार ने कोंकण क्षेत्र के अधिकारियों से मंगलवार को मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने किसानों को समय से खाद, बीज और फसली ऋण मिलने की बात को सुनिश्चित करने के आदेश भी दिए।
उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा कि सरकार द्वारा दिए जा रहे योजनाओं का लाभ किसानों को मिल रहा है या नहीं। शट्टार ने कहा कि अधिकारियों को क्षेत्र की भौतिक स्थितियों के बारे में भी जानकारी होनी चाहिए और उसी के हिसाब से खरीफ कार्यक्रम की योजना बनानी चाहिए।
राज्य कृषि मंत्री के अनुसार बड़े क्षेत्र में आम, काजू और धान की खेती का प्रयास करना चाहिए। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए की बेमौसन बारिश में बर्बाद हुए फसलों के बदले किसानों को मुआवजा मिले।
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कार्यवाहक संभागीय आयुक्त राजेंद्र भोसले ने मीटिंग में बताया कि खरीफ मैसम के लिए 4,29,000 हेक्टेयर जमीन निर्धारित किया गया है। 11,61,000 मीट्रिक टन के उत्पादन लक्ष्य की योजना के साथ औसतन22 फीसदी की वृद्धि का अनुमान किया गया है।
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उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा कि सरकार द्वारा दिए जा रहे योजनाओं का लाभ किसानों को मिल रहा है या नहीं। शट्टार ने कहा कि अधिकारियों को क्षेत्र की भौतिक स्थितियों के बारे में भी जानकारी होनी चाहिए और उसी के हिसाब से खरीफ कार्यक्रम की योजना बनानी चाहिए।
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राज्य कृषि मंत्री के अनुसार बड़े क्षेत्र में आम, काजू और धान की खेती का प्रयास करना चाहिए। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए की बेमौसन बारिश में बर्बाद हुए फसलों के बदले किसानों को मुआवजा मिले।
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कार्यवाहक संभागीय आयुक्त राजेंद्र भोसले ने मीटिंग में बताया कि खरीफ मैसम के लिए 4,29,000 हेक्टेयर जमीन निर्धारित किया गया है। 11,61,000 मीट्रिक टन के उत्पादन लक्ष्य की योजना के साथ औसतन22 फीसदी की वृद्धि का अनुमान किया गया है।