{"_id":"5fe260488ebc3e3f760f03ca","slug":"farmer-protest-against-farmer-bill-2020-preparing-for-siege-of-center-government-at-international-level","type":"story","status":"publish","title_hn":"केंद्र सरकार की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर घेराबंदी की तैयारी में किसान","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
केंद्र सरकार की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर घेराबंदी की तैयारी में किसान
Wed, 23 Dec 2020 02:40 AM IST
देव कश्यप
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली/सोनीपत
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली/सोनीपत
Published by: देव कश्यप
Updated Wed, 23 Dec 2020 02:40 AM IST
सार
- गणतंत्र दिवस पर ब्रिटेन के पीएम को भारत आने से रोकने के लिए वहां के सांसदों को लिखेंगे पत्र।
- विदेश में बसे भारतीयों से दूतावास पर प्रदर्शन कर कानून रद्द करने को ज्ञापन देने का होगा आह्वान।
विज्ञापन
नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
नए कृषि कानूनों को रद्द करने की जिद पर 26 दिनों से दिल्ली की सीमाओं पर कड़कड़ाती ठंड में डटे किसान अब अपनी मांगें मनवाने के लिए केंद्र को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर घेरने की तैयारी में जुट गए हैं। किसान ब्रिटेन के सांसदों को पत्र भेजकर उनसे अपील करेंगे कि वह अपने प्रधानमंत्री को किसानों के समर्थन में भारतीय गणतंत्र दिवस समारोह में शिरकत करने के लिए आने से रोकें।
विज्ञापन
किसानों ने विदेश में बसे भारतीयों से भी आग्रह किया है कि वह जिस देश में हैं, वहां भारतीय दूतावास के बाहर किसान आंदोलन के समर्थन में धरना प्रदर्शन करें। किसान नेता हरेंद्र सिंह लखोवाल, एडवोकेट प्रेमसिंह, हरदेव सिंह संधु, मेजर सिंह पुन्नावाल ने कहा, 'किसानों ने सरकार के प्रस्ताव को नकारने के बाद अब लिखित में जवाब देने का फैसला किया है। इसके लिए बुधवार को सभी संगठनों से मंत्रणा कर केंद्र को जवाब भेजा जाएगा। किसानों ने सरकार से दो टूक पूछा है कि किसान कानून रद्द होंगे या नहीं, इसके बाद वह बताएंगे कि बातचीत के लिए जाएंगे या नहीं।'
विज्ञापन
अपने संगठन बनाकर खुद बात कर रही सरकार
किसान नेताओं ने कहा, 'सरकार कृषि कानूनों के समर्थन जुटाने के लिए अलग ही अभियान चला रही है। वह अपने किसान संगठन बनाकर खुद उनसे बातचीत करती है और कानूनों का समर्थन दिखाती है। इस तरह सरकार कृषि कानूनों को लेकर लोगों को गुमराह कर रही है।' उन्होंने कहा, 'इसी तरह अब किसान संगठन गांव-गांव जाकर लोगों को कानून की खामियों से अवगत कराएंगे और समर्थन की अपील करेंगे।'
विज्ञापन
गुरुद्वारों के लाउडस्पीकर से बताएंगे कानून की खामियां
किसान नेताओं ने कहा, 'देशभर के गुरुद्वारों से लाउडस्पीकर के जरिये प्रचार किया जाएगा और कृषि कानूनों की खामियां लोगों को बताई जाएंगी। साथ ही हिंदी और पंजाबी में 10-10 लाख व अन्य भाषाओं में पांच लाख पर्चे छपवाकर बांटे जाएंगे।'
सड़कों पर मनाया जाएगा साहिबजादों का शहीदी दिवस
किसान नेताओं ने कहा, '23 दिसंबर को चौधरी चरण सिंह की जयंती के मौके पर अन्नदाता दिवस मनाया जाएगा और एक समय का खाना छोड़ा जाएगा। उसके साथ गुरु गोविंद सिंह के साहिबजादों की शहादत को सड़कों पर ही शहीदी दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। यह 23, 26 व 27 दिसंबर को मनाया जाएगा और इसके लिए कथा वाचक व सिख चिंतक बुलाए जाएंगे।'
वेबिनार से किसानों व आम लोगों का संशय दूर करेंगे
किसान नेताओं ने बताया कि 24 दिसंबर को 12 बजे आईटी सेल जूम एप पर वेबिनार आयोजित करेगा। जिसमें पांच किसान नेताओं को जोड़ा जाएगा तो उससे दस हजार लोग एक साथ जुड़ सकते है। उस वेबिनार में किसी भी किसान व आम आदमी को आंदोलन के साथ ही कानून को लेकर संशय है तो उसको दूर कर सकता है। इसके साथ ही किसान एकता मोर्चा के सभी सोशल मीडिया पेज व अकाउंट पर जुड़ सकते है। किसान नेताओं ने अपील करते हुए कहा कि हर परिवार से एक सदस्य बॉर्डर पर पहुंचे, जिससे सरकार पर दबाव बढ़ाया जाए।