फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Faridabad Municipal Corporation investigate land being in the forest area Supreme Court gave relief till 20 August

सुप्रीम कोर्ट: फरीदाबाद नगर निगम की नोटिस से कुछ लोगों को कार्रवाई से मिली राहत 20 अगस्त तक बढ़ी  

Sat, 07 Aug 2021 03:54 AM IST
देव कश्यप अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: देव कश्यप Updated Sat, 07 Aug 2021 03:54 AM IST
सार

  • फरीदाबाद नगर निगम जमीन वनक्षेत्र में नहीं होने के दावों की कर रही जांच
  • कथित तौर पर जमीन वन क्षेत्र में होने के कारण कुछ लोगों को नगर निगम की ओर से नोटिस मिला है
  • पीठ ने कहा कि गत तीन अगस्त जिनको अंतरिम राहत दी गई थी, उनकी राहत अगली सुनवाई यानी 20 अगस्त तक जारी रहेगी

विज्ञापन
Faridabad Municipal Corporation investigate land being in the forest area Supreme Court gave relief till 20 August
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि तीन अगस्त को फरीदाबाद के जिन भूमि मालिकों को राहत प्रदान की गई थी, उनकी राहत 20 अगस्त तक बनी रहेगी। कथित तौर पर जमीन वन क्षेत्र में होने के कारण इन सभी को नगर निगम की ओर से नोटिस मिला है। हालांकि इन भूमि मालिकों का दावा है कि उनकी जमीन वन क्षेत्र में नहीं है। इन जमीनों पर शादी व अन्य समारोहों का आयोजन होता है।

विज्ञापन


दरअसल फरीदाबाद नगर निगम ने जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस दिनेश माहेश्वरी के समक्ष शुक्रवार को सुनवाई टालने के आवेदन दिया था। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ से कहा कि पिछली सुनवाई पर अदालत ने इन याचिकाकर्ता के प्रतिवेदनों पर विचार करने के लिए कहा था। मेहता ने बताया कि उनके प्रतिवेदनों पर विचार किया जा रहा है। यह जांच की जा रही है कि इन सभी की जमीन वन क्षेत्र में है या नहीं? मेहता ने कहा कि इस मामले पर सुनवाई 20 दिनों के बाद की जाए।
विज्ञापन


जिसके बाद एक याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील जयंत भूषण ने पीठ से कहा कि उन्हें शुक्रवार तक लिए ढहाने की कार्रवाई से राहत दी गई थी। ऐसे में निगम से कहा जाना चाहिए कि ढहाने की कार्रवाई अगले आदेश तक न की जाए। जवाब में पीठ ने भूषण से कहा कि समय निगम ने मांगा है। सॉलिसिटर जनरल यहां मौजूद हैं, ऐसे में आप की चिंता बेकार है। सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि वह इस संबंध में अधिकारियों को निर्देश दे देंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


पीठ ने कहा कि गत तीन अगस्त जिनको अंतरिम राहत दी गई थी, उनकी राहत अगली सुनवाई तक जारी रहेगी। पीठ ने शुक्रवार को पीठ ने एक बार फिर से स्पष्ट किया कि वनक्षेत्र से तमाम अवैध निर्माण हटाए जाएंगे। पीठ अब इस मामले पर 20 अगस्त को सुनवाई करेगी।


मालूम हो कि सुप्रीम कोर्ट ने सात जून को फरीदाबाद नगर निगम को खोरी गांव के वन क्षेत्र में स्थित करीब 10 हजार घरों को छह हफ्ते के भीतर ढहाने का आदेश दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि हर हालत में वन क्षेत्र खाली होना चाहिए और इसमें किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता। जिसके बाद कुछ लोगों द्वारा यह दावा किया गया है कि उनकी जमीन वन क्षेत्र में नहीं है, लेकिन निगम की ओर से उन्हें नोटिस मिला है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed