अजित पवार की मौत पर परिवार में ही रार: सुनेत्रा के बयान पर भड़के रोहित, पूछा- सत्ता में रहने का क्या मतलब?
अजित पवार की मौत को लेकर उनके परिवार में मतभेद उभर रहे हैं। दरअसल रोहित पवार ने सुनेत्रा पवार के बयान पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा के साथ सत्ता में रहने का क्या मतलब। इसके साथ ही एफआईआर दर्ज न करने पर भी सवाल उठाया।
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महाराष्ट्र की सियासत में उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के बयान के बाद एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। शनिवार को एनसीपी-एसपी विधायक रोहित पवार ने अजीत पवार की विमान दुर्घटना को लेकर जांच पर सवाल उठाते हुए कई गंभीर बातें कहीं। उन्होंने सीआईडी जांच और सरकार के रुख पर भी सवाल उठाया।
रोहित पवार ने क्या कहा?
उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, ’मुझे पूरा यकीन है कि उन्होंने मेरे बारे में कुछ नहीं कहा। अगर उन्होंने मेरे बारे में कुछ कहा भी है, तो हम उनकी बात नहीं सुनेंगे। आप सत्ता में हैं। आप, अपने 40 विधायकों के साथ सत्ता में रहते हुए, चार महीने पहले अजीत पवार की जांच सीबीआई को सौंपने का अनुरोध किया था।
'भाजपा के साथ सत्ता में रहने का क्या मतलब है?'
रोहित पवार ने आगे कहा, 'फिर भी, आपकी सिफारिश, आपका अनुरोध, स्वीकार नहीं किया गया है। तो फिर भाजपा के साथ सत्ता में रहने का क्या मतलब है? यह फैसला आप लें। लेकिन जहां तक हमारी बात है, अजीत पवार की दुर्घटना को लेकर हमें संदेह है। हम जांच के जरिए उन संदेहों को दूर करने की कोशिश करेंगे।'
इसके साथ ही रोहित ने सीआईडी के जांच पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा 'सीआईडी कुछ नहीं कर रही है। अबतक कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुआ है। हम अगले कुछ दिन में प्रेजेंटेशन करेंगे। इसमें हमें उस व्यक्ति का नाम सामने लाएगे, जो वीएसआर कंपनी की मदद कर रहा है। वे क्या कह रही हैं इससे हमें कोई फर्क नहीं पड़ता। हम अपने परिवार के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं। महाराष्ट्र के लोगों को भी अजीत दादा के मौत पर संदेह हैं।
क्या है पूरा मामला?
बता दें कि तत्कालीन उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की इस साल 28 जनवरी को पुणे जिले के बारामती हवाईअड्डे के पास विमान हादसे में मौत हो गई थी। मौजूदा एनसीपी अध्यक्ष सुनेत्रा पवार ने गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा, 'सम्माननीय अजित दादा के निधन से महाराष्ट्र में जो शून्य पैदा हुआ है, वह बहुत बड़ा है। उनकी मां, उनके बच्चों और मेरे अलावा उस दर्द को कौन बेहतर समझ सकता है? इसलिए अजित दादा के साथ हुए हादसे का राजनीतिकरण न करें।'
उन्होंने कहा कि परिवार और अन्य संबंधित लोग हादसे के बाद ठोस निर्णय चाहते थे। इस दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। डिप्टी सीएम ने कहा, 'हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से पहले ही मिल चुके हैं। सभी इससे अवगत हैं। मुख्यमंत्री ने विधानसभा में वादा किया है और उसे पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।'
सुप्रिया सुले ने क्या कहा था?
वहीं, एनसीपी (एसपी) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने इस हादसे के बाद एनसीपी पर सत्ता का आनंद लेने का आरोप लगाया था। सुले ने बुधवार को कहा था, 'मेरे भाई (उनके चचेरे भाई अजित पवार) की मौत के मामले में एफआईआर क्यों दर्ज नहीं की गई? हमने अपने परिवार के एक प्रमुख सदस्य को खो दिया। एनसीपी (अजित पवार गुट) मौजूदा सरकार का हिस्सा है। क्या उनके 40 विधायकों या आठ-नौ मंत्रियों में से किसी ने कभी मेरे भाई की मौत के मामले में एफआईआर या उचित जांच की मांग को लेकर एक शब्द भी कहा है? हमारा भाई चला गया और वे सत्ता का आनंद ले रहे हैं।'